Author: M Qaisar Siddiqui

  • मध्यप्रदेश युवक कॉंग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सैय्यद सऊद हसन द्वारा जारी किया गया Facebook Post भना चर्चा का विषय

    शौकत नोमान: मध्यप्रदेश युवक कॉंग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सैय्यद सऊद हसन द्वारा जारी किया गया Facebook Post काफ़ी चर्चा का विषय बन गया है। इस में उन्होंने भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर का लापता होने की बात कही है। इंगलैंड की De. Montfort University Students Union (डि. मॉंट्फ़ोर्ट यूनिवर्सिटी छात्र संघ) के उपाध्यक्ष (वाइस प्रेज़िडेंट) रह चुके इस युवा नेता ने बताया कि भोपाल सांसद लगातार ग़ायब हैं और इस कोरोना महामारी की मार झेल रहे भोपाल जिसने उन्हें सांसद बनाया उस शहर की उन्हें कोई चिंता नहीं। जहाँ एक तरफ़ कमल नाथ एवं दिग्विजय सिंह लगातार मध्यप्रदेश की जनता के भलाई का काम कर रहे हैं वही दूसरी तरफ़ प्रज्ञा ठाकुर जैसी नेता का कोई अता पता नहीं है। अंत में सैय्यद सऊद हसन ने कहा भोपाल की जनता ऐसे नेताओं को कभी माफ़ नहीं करेगी और सही समय आने पर सबक़ सिखाएगी.

    प्रज्ञा ठाकुर जी बहुत ही दुख की बात है के जहाँ एक तरफ़ भोपाल की जनता ने आपको जिताया वही दूसरी तरफ़ आप उन्हें धोखा देकर ज़रूरत के समय उनकी मदद ना करके कही छुप कर बैठी हैं।

    ज़रा होश में आइए, और अपना दायित्व निभाते हुए जनता की मदद करिए।

    सैय्यद सऊद हसन:प्रदेश प्रवक्ता- मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस

  • दिल्ली में लॉकडाउन में ढील को ले कर 5 लाख से ज़्यादा सुझाव मिले हैं:मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

    आशिफ अली/मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली:मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट कर के लॉकडाउन में मांगी थी जनता से उनकी राय । कहा कि दिल्ली में 17 मई के बाद क्या दिल्ली में लॉकडाउन में ढील देनी चाहिए अगर देनी चाहिए तो ? कितनी ढील देनी चाहिए?जनता से मांगा था सुझाव | अरविंद केजरीवाल सुझाव देने के लिए जारी किया था नंबर | मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने सुझाव मुझें इस नंबर पर मुझे कल शाम 5 बजे तक whatsapp करें 8800007722 या 1031 पर फ़ोन कर के अपना सुझाव रिकॉर्ड कर के देने को कहा था | मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कि अपील के बाद दिल्ली वासियों ने 5 लाख से ज़्यादा सुझाव दिये हैं | अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं आपके सुझावों के आधार पर हम केंद्र सरकार को दिल्ली से संबंधित प्रस्ताव भेजेंगे।


  • राजस्थान:कोराना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिये क्वारंटाईम व्यवस्था पर विशेष ध्यान रहेगा।

    अशफाक कायमखानी।जयपुर।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में जो कामयाबी हमें अभी तक मिली है उसे बरकरार रखने के लिए क्वारंटाइन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा। अभी तक शहरों में कोरोना के मामले सामने आ रहे थे, लेकिन अब यह संक्रमण गांवों में नहीं फैले, इसके लिए क्वारंटाइन व्यवस्था का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। निर्देश दिए कि बाहर से आने वाले प्रवासियों को किसी तरह की असुविधा नहीं हो और साथ ही क्वारंटाइन में रखे गये लोगों की मॉनिटरिंग के पुख्ता इंतजाम हों।

    मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला कलक्टर, जिला एवं उपखंड स्तरीय अधिकारियों से क्वारंटाइन व्यवस्थाओं पर मुख्यमंत्री द्वारा चर्चा करते हुये जिले से लेकर पंचायत स्तर तक मौजूद सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को मिलकर क्वारंटाइन व्यवस्था को ग्राम स्तर तक सुचारू बनाने को कहा। इस काम में सांसदों, विधायकों के साथ-साथ सभी शहरी एवं पंचायत जनप्रतिनिधियों की बड़ी भूमिका है। ट्रेन से आने वाले लोगों की रेलवे स्टेशन पर ही स्क्रीनिंग करवाकर बसों से उन्हें गन्तव्य स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था करें। संभव हो तो रेलवे स्टेशन पर उन्हें चाय-नाश्ता उपलब्ध कराएं और बसों में खाने के पैकेट व पानी रखवाया जाए, ताकि उन्हें आगे के सफर मे आसानी हों। जालोर, सिरोही एवं पाली जैसे जिलों को क्वारंटाइन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा। क्योंकि वहां बाहर से आने वाले प्रवासियों की संख्या हजारों में है। डूंगरपुर एवं भरतपुर जैसे सीमावर्ती जिलों को भी प्रवासियों के लिए समुचित इंतजाम रखने होंगे।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि टेस्टिंग की जरूरतों को देखते हुए जिला स्तर पर जांच सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाये। जालौर, पाली, सिरोही, बांसवाड़ा, बाड़मेर सहित वे सभी जिले जहां प्रवासी अधिक आ रहे हैं, जल्द से जल्द जांच सुविधाएं विकसित की जाएं।

    बाहर से आने वाले प्रवासियों के क्वारंटाइन के लिए स्थानीय विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेंकर उनसे संपर्क स्थापित करें ताकि बेहतर तालमेल के साथ ग्राम स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो सकें। क्वारंटाइन के लिए जगह चिन्हित करने और ग्राम स्तर पर बनाये गये संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर्स पर भोजन-पानी की व्यवस्था में भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए। गांव वालों को भी विश्वास में लेकर होम क्वारंटाइन रखे गए एवं बाहर से आने वाले प्रवासियों की मॉनिटरिंग में उनका सहयोग लिया जाए। एनसीसी, एनएसएस, स्काउट और नेहरू युवा केन्द्र से जुड़े युवाओं का भी सहयोग लिया जा सकता है।
    आपदा के समय जिस गंभीरता से काम किया जाता है वैसा हमारे प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं भामाशाहों सभी ने मिलकर किया है। कोरोना का सामना करने में राजस्थान ने प्रो-एक्टिव होकर काम किया है। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए यहां अपनाये गये उपायों की देश-विदेश में जमकर प्रशंसा हुई है। स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा मजबूत करते हुए हमें आगे भी इसी जज्बे के साथ लड़ाई जारी रखनी होगी। हमें कोरोना के साथ जीना सीखना होगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक संभव हो बाहर से आने वालों को होम क्वारंटाइन रखा जाए, जरूरी हो तभी उन्हें संस्थागत क्वारंटाइन किया जाए। क्वारंटाइन में रखे गए लोगों में किसी तरह के लक्षण दिखाई दें तो उनकी जांच कर उन्हें कोविड सेंटर में भेजा जाए।
    प्रवासी श्रमिक सड़क पर पैदल दिखाई दें तो उन्हें बसों के माध्यम से आगे भेजने की व्यवस्था की जाए अथवा उन्हें केंप में पहुंचाकर उनके लिए भोजन की व्यवस्था की जाए। राज्य सरकार ने उनके लिए बसों और ट्रेनों की व्यवस्था की है।

  • सीतामढ़ी:फेसबुक पर एक धर्म विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले युवक को पुलिस ने किया गिरफ्तार

    मुजफ्फर‌ आलम, सीतामढ़ी:दो समुदायों के बीच में तनावपूर्ण माहौल बनाने वाले पोस्ट को लगातार करने वाला युवक नानपुर थाना के मोहनी महुआ गाछी गांव के दवा दुकानदार श्री उमेश कुमार गुप्ता का पुत्र मणि भूषण कुमार सुमन है पिछले काफी दिनों से यह युवक लगातार फेसबुक पर एक धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट करते आ रहे थे इसकी सूचना जब नानपुर थाना अध्यक्ष को मिली तो उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए इनके घर पर छापा मारा और इसे गिरफ्तार कर लिए

    वही पुलिस द्वारा इन्हें गिरफ्तार करने पर स्थानीय लोग बहुत खुश है लोगों का कहना है कि समाज में ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए जो समुदायों के बीच में लड़ाने का काम कर रहे हैं इससे हमारे समाज पर बुरा प्रभाव पड़ेगा,ऐसे जो भी लोग हैं उन सभी पर प्रशासन कार्रवाई करे तो समाज में कभी कोई तनावपूर्ण स्थिति पैदा नहीं होगी

    इनके फेसबुक प्रोफाइल खोलने से पता चलता है कि यह किसी ऐसे संगठन से जुड़ा है जो इसके दिमाग में एक धर्म विशेष के खिलाफ जहर भरता जा रहा है या फिर इसके जो संबंध है वह अच्छे लोगों के साथ नहीं है जो कि इनके दिमाग को एक धर्म विशेष के खिलाफ भड़काया हुआ दिखाई दे रहा है सभी लोगों को पता है कि किसी धर्म विशेष के खिलाफ कोई भी आपत्तिजनक पोस्ट करना अपराध है फिर भी लोगों के दिल में डर नहीं है है लोग लगातार गलत पोस्ट करते नजर आ रहे हैं

    जब इसकी सूचना थाना अध्यक्ष ने जिला प्रशासन को दी तो उन्होंने कहा कि जो भी लोग इस तरह की हरकत कर रहे हैं आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले लोगों पर स्पीडी ट्रायल के जरिए मुकदमा चलाया जाएगा और उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी ताकी आगे किसी और युवक की सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने की हिम्मत ना करें

  • भाकपा-माले व इंसाफ मंच ने सांप्रदायिक बयान देने पर मुजफ्फरपुर भाजपा सांसद अजय निषाद का जलाया पुतला

    *कोरोना संकट के दौरान भाजपा सांसद सांप्रदायिक नफरत फैलाना बंद करें – माले*

    *सामाजिक सौहार्द व एकता के बल पर ही कोरोना महासंकट से लड़ाई संभव – इंसाफ मंच*

    प्रेस‌ रिलीज, *मुजफ्फरपुर,13मई 2020*:भाकपा-माले व इंसाफ मंच के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से हरिसभा चौक स्थित पार्टी कार्यालय में मुजफ्फरपुर भाजपा सांसद अजय निषाद का पुतला जला कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान माले जिला सचिव कृष्णमोहन व इंसाफ मंच के राज्य उपाध्यक्ष आफताब आलम ने कहा कि कोरोना महासंकट के दौरान मुजफ्फरपुर सांसद अजय निषाद सामाजिक एकजुटता व सामाजिक सौहार्द मजबूत करने के बदले सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाला बयान दे रहें हैं। भाकपा-माले व इंसाफ मंच सांसद द्वारा सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाले बयान की तीखी भर्त्सना करता है। सांसद को इसके लिए मुजफ्फरपुर की जनता से माफी मांगनी चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि यदि सांसद अभी भी अपने बयान पर कायम हैं तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनपर कोरोना महामारी के दौरान सांप्रदायिक घृणा फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराना चाहिए।

    सांसद अजय निषाद का पुतला जला कर प्रतिवाद करने में माले जिला सचिव कृष्णमोहन व इंसाफ मंच के राज्य उपाध्यक्ष सहित मंच के राज्य प्रवक्ता असलम रहमानी, माले कार्यालय सचिव सकल ठाकुर, प्रो अरविंद कुमार डे, राजकिशोर प्रसाद, इंसाफ मंच के अकबर आजम सिद्दीकी, शफीकुर रहमान, मो.रिजवान, महिला संगठन ऐपवा की जिला अध्यक्ष शारदा देवी व उपाध्यक्ष प्रमिला देवी सहित कई कार्यकर्ता शामिल थे।

    पुतला दहन के दौरान माले व इंसाफ मंच के कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुजफ्फरपुर सांसद को कोरोना महासंकट से लड़ने के दौरान लोगों को भड़काने वाला बयान देने के बदले लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाने के अभियान में जुटना चाहिए।मुजफ्फरपुर के गांवों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर लौट रहें हैं। लौट रहे मजदूरों के प्रति भी घृणा और नफरत फैलाने की साजिश चल रही है। अफवाह फैलाया जा रहा है। इससे समाज में तनाव पैदा होगा। इस पर रोक लगाने की मांग भी कार्यकर्ताओं ने की है।

  • मऊ:पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पर ईपास मशीनें जमा कर कोटेदारों ने किया विरोध प्रदर्शन

    मुज़फ्फरुल इस्लाम,घोसी,मऊ। तहसील क्षेत्र के कोटेदारों ने बुधवार को पूर्ति निरीक्षक कार्यालय पर ईपास मशीनें जमा कर विरोध प्रदर्शन किया। कोटेदारों ने पूर्ति निरीक्षक को चार सूत्रीय ज्ञापन सौप कार्यवाही की मांग की।वही पूर्ति निरीक्षक ने कोटेदारों को आश्वासन देते हुए कहा कि उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाकर समस्याओं का निराकरण शीघ्र ही किया जाएगा।पूर्ति निरीक्षक के आश्वासन के पश्चात कोटेदार पुनः ईपास मशीन से राशन वितरण हेतु तैयार हुए।

    पूर्ति निरीक्षक को सौपे गए ज्ञापन में पिछले महीने से मुफ्त में वितरित किये गए अंत्योदय एवं मनरेगा के कार्ड धारकों का पैसा तत्काल खाते में भेजने के साथ ही कोविड 19 के संक्रमण को देखते हुए ईपास मशीनों से वितरण न कराकर रजिस्टर के माध्यम आए वितरण सुनिश्चित हो।सरकारी कर्मचारियों की तरह कोरोना संक्रमण में प्रत्येक कोटेदारों का 50 लाख का बीमा एवंविपणन गोदामों से राशन तौल कर दिये जाने की मांग किया। इस दौरान मुख्यरूप से क्रय विक्रय जिला अध्यक्ष सुबास चंद पटेल,राम बिलास ,देवेंद्र कुमार,मुसाफिर यादव,गुलाब चंद,अरविंद,रमई चौहान,आलोक श्रीवास्तव, शाहजमन आदि मौजूद रहे।

  • मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी हैदराबाद में‌ शैक्षणिक सत्र 2020-21 की प्रवेश प्रक्रिया शुरू

    हैदराबाद स्थिति मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (Maulana Azad National Urdu University) ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2020-2021 के लिए विभिन्न पाठक्रम में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक उम्मीदवार आईटीआई, पॉलीटेक्निक, पूर्वस्नातक, स्नातक, परास्नातक के साथ शोध के पाठक्रमों के लिए आवेदन कर सकते हैं। विभिन्न पाठक्रम में प्रवेश के लिए के लिए योग्यता भिन्न-भिन्न निर्धारित है।

    JEE Mains और NEET परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा

    विभिन्न पाठक्रमों में प्रवेश दो तरीकों से दिया जाएगा। कुछ पाठक्रम में प्रवेश परीक्षा के आधार पर होगा। जबकि, कुछ पाठक्रमों में प्रवेश मेरिट के आधार पर दिया जाएगा। मेरिट आधारित पाठक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2020 है। जबकि, प्रवेश परीक्षा आधारित पाठक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 जून 2020 है।

    उम्मीदवार पाठक्रम, शुल्क, सुविधा सहित अन्य की अधिक जानकारी के लिए यूनिवर्सिटी की वेबसाइट www.manuu.ac.in देखें।

  • आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए 20 लाख करोड़ का पैकेज;18 मई से लॉकडाउन-4 होगा नए रंग-रूप में

    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को 54 दिन में पांचवीं बार देश के सामने आए। अपने संबोधन में उन्होंने चार अहम बातें कहीं। पहली- देश को आत्मनिर्भर बनना होगा। दूसरी- आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज दिया जाएगा। तीसरी- आत्मनिर्भर बनने की राह में हमें लोकल प्रोडक्ट्स को अपनाना होगा। चौथी- लॉकडाउन का चौथा फेज आएगा, पर यह नए रंग-रूप और नए नियमों वाला होगा।

    33 मिनट के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने 2300 से भी ज्यादा शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने सबसे ज्यादा 28 बार आत्मनिर्भर शब्द का जिक्र किया। हालांकि, प्रधानमंत्री ने उन प्रवासी मजदूरों का कोई जिक्र नहीं किया, जो पिछले कुछ दिनों से दिक्कतों का सामना करते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों से अपने घरों की ओर जा रहे हैं। उन्होंने आर्थिक पैकेज की घोषणा के दौरान सिर्फ इतना कहा कि इसमें प्रवासी मजदूरों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले होंगे।

    भारत दुनिया का 5वां ऐसा देश, जिसने जीडीपी के 10% हिस्से के बराबर पैकेज दिया
    लॉकडाउन के दौर में भारत दुनिया का पांचवां ऐसा देश बन गया है, जिसने अपनी जीडीपी का 10% या उससे ज्यादा हिस्सा आर्थिक पैकेज के तौर पर दिया है। भारत से पहले जापान अपनी जीडीपी का 21%, अमेरिका 13%, स्वीडन 12% और जर्मनी 10.7% के बराबर का आर्थिक पैकेज घोषित कर चुके हैं।

    मोदी ने कहा- भारत ने आपदा को अवसर में बदला

    भारत में लोगों ने अपने स्वजन खोए: प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, ‘‘सभी देशवासियों को आदरपूर्वक नमस्कार। कोरोना संक्रमण से मुकाबला करते हुए दुनिया को अब चार महीने से ज्यादा समय बीत गया है। इस दौरान तमाम देशों के 42 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। पौने तीन लाख से ज्यादा लोगों की दु:खद मृत्यु हुई है। भारत में भी अनेक परिवारों ने अपने स्वजन खोए हैं। मैं सभी के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।’’
    एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस किया: ‘‘एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है। विश्व भर में करोड़ों जिंदगियां संकट में हैं। हमने ऐसा संकट न देखा है, न ही सुना है। निश्चित तौर पर मानव जाति के लिए यह सब कुछ अकल्पनीय है। यह क्राइसिस अभूतपूर्व है, लेकिन थकना, हारना, टूटना, बिखरना, मानव को मंजूर नहीं है। सतर्क रहते हुए, ऐसी जंग के सभी नियमों का पालन करते हुए अब हमें बचना भी है और आगे बढ़ना भी है।’’
    संकल्प संकट से भी विराट होगा: ‘‘आज जब दुनिया संकट में है तो हमें अपना संकल्प और मजबूत करना होगा, हमारा संकल्प इस संकट से भी विराट होगा। साथियो! हम पिछली शताब्दी से ही लगातार सुनते आए हैं कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की है। कोरोना संकट के बाद भी दुनिया में जो स्थितियां बन रही हैं, उसे भी हम निरंतर देख रहे हैं। विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है, आत्मनिर्भर भारत। हमारे यहां शास्त्रों में भी यही कहा गया है। इतनी बड़ी आपदा भारत के लिए एक संकेत, एक संदेश, एक अवसर लेकर आई है।’’

    भारत ने आपदा को अवसर में बदला: ‘‘मैं एक उदाहरण के साथ अपनी बात बता रहा हूं। जब कोरोना संकट शुरू हुआ, तब भारत में एक भी पीपीई किट नहीं बनती थी। एन-95 मास्क का भारत में नाममात्र उत्पादन होता था। आज स्थिति यह है कि भारत में ही हर रोज दो लाख पीपीई और दो लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं। हम ऐसा इसलिए कर पाए, क्योंकि भारत ने आपदा को अवसर में बदल दिया। ऐसा करने की भारत की दृष्टि आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प के लिए उतनी ही प्रभावी होने वाली है।’’
    हम बेस्ट प्रोडक्ट बनाएंगे, सप्लाई चेन को आधुनिक बनाएंगे: ‘‘आज फिर भारत विकास की ओर सफलतापूर्वक कदम बढ़ा रहा है, तब भी विश्व कल्याण की राह पर अटल है। इस शताब्दी की शुरुआत के समय y2k संकट आया था। भारत के वैज्ञानिकों ने दुनिया को इस संकट से निकाला था। आज हमारे पास साधन, सामर्थ्य है, दुनिया का सबसे बेहतरीन टैलेंट है। हम बेस्ट प्रोडक्ट बनाएंगे। अपनी क्वॉलिटी और बेहतर करेंगे। सप्लाई चेन को और आधुनिक बनाएंगे। ये हम कर सकते हैं और हम जरूर करेंगे।’’

    मोदी की स्पीच के 3 अहम प्वाइंट
    1. आत्मनिर्भर भारत: मोदी ने कहा- ‘‘मैंने अपनी आंखों के साथ कच्छ भूकंप के दिन देखे हैं। हर तरफ सिर्फ मलबा ही मलबा। सबकुछ ध्वस्त हो गया था। ऐसा लगता था मानो कच्छ मौत की चादर ओढ़ कर सो गया था। उस परिस्थिति में कोई सोच भी नहीं सकता था कि कभी हालत बदल पाएगी। लेकिन देखते ही देखते कच्छ उठ खड़ा हुआ। यही हम भारतीयों की संकल्प शक्ति है। हम ठान लें तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं, कोई राह मुश्किल नहीं। और आज तो चाह भी है, राह भी है। ये है भारत को आत्मनिर्भर बनाना।’’

    2. आत्मनिर्भर भारत के 5 स्तंभ: ‘‘भारत आत्मनिर्भर बन सकता है। यह भव्य इमारत पांच पिलर्स पर खड़ी है।

    पहला पिलर- इकोनॉमी। एक ऐसी इकोनॉमी जो इन्क्रीमेंटल चेंज नहीं, बल्कि क्वांटम जम्प लाए।
    दूसरा पिलर- इन्फ्रास्ट्रक्चर। एक ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर जो आधुनिक भारत की पहचान बने।
    तीसरा पिलर- सिस्टम। ऐसा सिस्टम जो बीती शताब्दी की रीति नहीं, बल्कि 21वीं शताब्दी की टेक्नोलॉजी ड्रिवन व्यवस्था पर आधारित हो।
    चौथा पिलर- डेमोग्राफी। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की डेमोग्राफी आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्रोत है।
    पांचवां पिलर- डिमांड। इसका चक्र और इसकी ताकत का इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है।’’
    3. विशेष आर्थिक पैकेज: ‘‘देश में डिमांड बढ़ाने और इसे पूरा करने के लिए हमारी सप्लाई चेन के हर स्टेकहोल्डर का सशक्त होना जरूरी है। हमारी सप्लाई चेन को हम मजबूत करेंगे, जिसमें मेरे देश की मिट्‌टी की महक हो। हमारे मजदूरों के पसीने की खुशबू हो। कोरोना संकट का सामना करते हुए नए संकल्प के साथ मैं आज 20 लाख करोड़ रुपए के एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं। यह आर्थिक पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा।’’

    मोदी ने विशेष पैकेज क्यों दिया?
    1. प्रधानमंत्री के मुताबिक, 20 लाख करोड़ रुपए का यह पैकेज भारत की जीडीपी का करीब-करीब 10 फीसदी है। इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को 20 लाख करोड़ रुपए का संबल और सपोर्ट मिलेगा।
    2. यह पैकेज 2020 में देश की विकास यात्रा को और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देगा। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए इस पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडी और लॉ… सभी पर बल दिया गया है।
    3. मोदी ने कहा कि आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, लघु उद्योग, एमएसएमई के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन हैं।
    4. आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए, उस किसान के लिए है, जो हर स्थिति और हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन-रात परिश्रम कर रहा है। यह पैकेज देश के मध्यमवर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है। यह भारत के उद्योगपतियों के लिए जो भारत को आर्थिक बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं।
    5. ‘‘गरीब, श्रमिक, प्रवासी मजदूर हों, मछुआरे हों, हर तबके लिए आर्थिक पैकेज में कुछ महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया जाएगा। कोरोना ने हमें लोकल मैन्यूफैक्चरिंग, लोकल सप्लाई चेन, लोकल मार्केटिंग का भी मतलब समझा दिया है। लोकल ने ही हमारी डिमांड पूरी की है और हमें इस लोकल ने ही बचाया है। लोकल सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि हम सबकी जिम्मेदारी है।’’

    कोरोना पर अब तक मोदी के 4 संदेश

    पहला: प्रधानमंत्री ने 19 मार्च को देश को संबोधित किया था और जनता कर्फ्यू लगाने की बात कही थी। 22 मार्च को देशभर में सबकुछ बंद रहा। शाम को लोगों ने घरों के अंदर से ही कोरोना फाइटर्स का ताली और थाली बजाकर आभार जताया था।

    दूसरा: मोदी ने 24 मार्च को संबोधित किया और कोरोना संक्रमण रोकने के लिए 25 मार्च से 14 अप्रैल तक देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि कोरोना की चेन तोड़ने के लिए लोग घरों में रहने की लक्ष्मण रेखा का पालन करें।
    तीसरा: प्रधानमंत्री मोदी ने 3 अप्रैल को एक वीडियो संदेश जारी किया। इस दौरान लोगों से 5 अप्रैल की रात 9 बजे 9 मिनट के लिए घरों की लाइट बंद कर घरों में दीये, मोमबत्ती और मोबाइल की लाइट जलाकर एकजुटता दिखाने की अपील की थी।
    चौथा: प्रधानमंत्री मोदी 14 अप्रैल को एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित किया था। इसमें उन्होंने लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया था।
    लॉकडाउन के अब तक तीन फेज

    कोरोना की वजह से देश पहला लॉकडाउन 25 मार्च से 14 अप्रैल तक और दूसरा लॉकडाउन 15 अप्रैल से 3 मई तक रखा गया था। इसके बाद तीसरे फेज का लॉकडाउन 4 मई से शुरू हुआ जो 17 मई तक चलेगा। (इनपुट भास्कर)

  • दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लॉकडाउन में मांगा जनता से सुझाव

    आशिफ अली,मिल्लत टाइम्स: दिल्ली
    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट कर के लॉकडाउन में मांगी जनता से उनकी राय । कहा कि दिल्ली में 17 मई के बाद क्या दिल्ली में लॉकडाउन में ढील देनी चाहिए अगर देनी चाहिए तो ? कितनी ढील देनी चाहिए? जनता से मांगा सुझाव | अरविंद केजरीवाल सुझाव देने के लिए जारी किया नंबर | कृपया अपने सुझाव 8800007722 इस नंबर पर मुझे कल शाम 5 बजे तक whatsapp करें, या 1031 पर फ़ोन कर के अपना सुझाव रिकॉर्ड करें | अरविंद केजरीवाल ने कहा ये समय गरीब और असहाय लोगों की मदद करने का है, भूखे को खाना खिलाने का है। बहुत पुण्य का काम है। अरविंद केजरीवाल दिल्ली में कंस्ट्रक्शन का काम करनेवाले मजदूरों को इस महीने एक बार फिर दिल्ली सरकार ₹5000 की सहायता राशि देगी।


  • 90 लाख लोगों को रोजगार देगी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार

    आशिफ अली/मिल्लत टाइम्स( उत्तर प्रदेश )
    एमएसएमई सेक्टर में 90 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराएगी प्रदेश सरकार। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ | निश्चित ही यह संकट की घड़ी है। इसके कारण दूसरे प्रदेशों में रह रहे उत्तर प्रदेश मूल के श्रमिकों को घर लौटना पड़ रहा है। लेकिन यह समय इस चुनौती को बड़े अवसर में बदलने का है।

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करके ही देश व प्रदेश की संपूर्ण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने हर इकाई में एक अतिरिक्त रोजगार सृजित करने का दिया निर्देश | 90 लाख एमएसएमई इकाइयों में 90 लाख अतिरिक्त नौकरियां । दूसरे प्रदेशों में रह रहे उत्तर प्रदेश मूल के श्रमिकों को जो घर लौट रहे हैं उस हर श्रमिक/कामगार के कौशल को चिन्हित किया जा रहा है तथा एक लिस्टिंग की जा रही है जिससे उनको होम क्वारंटाइन की अवधि पूर्ण होने के बाद रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। थ्रेड होम क्वारंटाइन की अवधि पूर्ण होने के बाद ऐसे श्रमिकों को भरण पोषण भत्ता भी उपलब्ध कराया जा रहा है। कोविड19 (COVID19) के कारण लॉकडाउन कि वजह से दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। सरकार इसके प्रति अत्यन्त संवेदनशील है और इन्हें हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास कर रही है |

    रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित करने के उद्देश्य से महिला स्वयंसेवी समूहों को विभिन्न गतिविधियों जैसे सिलाई अचार मसाला इत्यादि बनाने के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाए | यह समिति ओ.डी.ओ.पी. के तहत रोजगार सृजन के साथ-साथ बैंक के माध्यम से लोन मेले आयोजित करना सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा रोजगार मेलों का भी आयोजन किया जाएगा ताकि लोगों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा सकें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ |