Author: M Qaisar Siddiqui

  • पवित्र रमजान घरों में नमाज अदा करेंगे मुसलमान : शाही इमाम पंजाब

    लुधियाना की एतिहासिक जामा मस्जिद से रमजान की समय सारणी जारी,24 को देखा जाएगा चांद

    लुधियाना 21 अप्रैल ( मेराज़ आलम ब्यूरो) : आज यहां एतिहासिक जामा मस्जिद से पवित्र रमजान शरीफ के महीने को लेकर आदेश जारी करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि पवित्र रमजान के महीने में सभी मुसलमान रमजान के रोजे रखने के साथ-साथ तरावीह की नमाज अपने घरों में ही अदा करेंगे। शाही इमाम ने कहा कि प्रदेश की सभी मस्जिदों में कुराने पाक सुनाया जाएगा जिसमें मस्जिद के इमाम, मुअज्जिन (अज़ान देने वाले) के साथ साथ तीन सदस्य उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा सभी लोग अपने अपने घरों में ही तरावीह की नमाज पढ़ेंगे।

    शाही इमाम ने बताया कि विश्व भर में चल रहे कोरोना वायरस के खिलाफ अभियान को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का नेटवर्क तोडऩा हर एक इंसान का फर्ज है, इसी बीच आज यहां एतिहासिक जामा मस्जिद से पवित्र रमजान शरीफ में रखे जाने वाले रोजों को लेकर रोजा रखने और खोलने की समय सारणी भी जारी की गई जिसमें 25 अप्रैल से 25 मई तक की सेहरी और इफ्तार का समय प्रकाशित किया गया है।

    शाही इमाम के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम ने बताया कि पवित्र रमजान शरीफ का चांद 24 अप्रैल की शाम को मगरिब की नमाज के बाद देखा जाएगा। उन्होंने बताया कि चांद नजर आने की सूरत में 25 अप्रैल का पहला रोजा होगा, अगर 25 अप्रैल को चांद नजर नहीं आया तो 26 अप्रैल से पवित्र रमजान शरीफ का महीना शुरू होगा। मुस्तकीम ने बताया कि चांद देखने का ऐलान 24 अप्रैल को रुअते हिलाल कमेटी (चांद देखने वाली कमेटी) की अध्यक्षता करते हुए शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी करेंगे।
    दर्से रमज़ान प्रोग्राम होगा शुरू

    लुधियाना पवित्र रमजान शरीफ और लॉकडाऊन को देखते हुए रमजान कैसे गुजारे इबादत में कौन-कौन सी दुआएं पढ़ी जा सकती हैं इन सब बातों की रहनुमाई करने के लिए एतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना से 24 अप्रैल की रात 10 बजे से रोजाना दर्से रमजान प्रोग्राम ऑनलाइन शुरू किया जाएगा जिसमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब व अन्य सोशल मीडिया पर लाइव प्रोग्राम चलेगा।

    शाही इमाम के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम ने बताया की दर्से रमजान में रोजाना कुरान शरीफ की तिलावत नाते रसूले पाक के बाद नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी संबोधन किया करेंगे। इस प्रोग्राम का रोजाना रात 10 से 11 बजे तक जामा मस्जिद के फेसबुक, यूट्यूब चैनल पर सीधा प्रसारण किया जाएगा।

    शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी पवित्र रमज़ान शरीफ की समय सारणी जारी करते हुए।

  • कोरोना फेक न्यूज़:टीवी चैनल के खिलाफ दारुल उलूम देवबंद ने दी तहरीर,वक्फ दारुल उलूम करेगा मानहानि का दावा।

    सहारनपुर/ देवबंद: एक टीवी न्यूज चैनल द्वारा दारुल उलूम और वक्फ दारुल उलूम को कोरोना का केंद्र बताए जाने पर दोनों संस्थाओं के जिम्मेदारों ने कड़ा रोष जताया है। दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम ने उक्त इलैक्ट्रोनिक चैनल के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है, वही दारुल उलूम वक़्फ़ के मोहतमिम ने ग़लत खबर के लिए माफी न मांगने पर चैनल के खिलाफ मानहानि के दावे की चेतावनी दी है।
    सोमवार को कोतवाली में दी तहरीर में दारुल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी ने कहा कि एक न्यूज चैनल के ट्विटर हैंडल पर दारुल उलूम को कोरोना का हॉटस्पॉट बताते हुए अब तक दारुल उलूम में 47 लोगों के सक्रमण की फेक न्यूज चलाई गई है। यह खबर एक समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली और समाज को तोडऩे वाली है। इससे देश भर में दारुल उलूम से मोहब्बत रखने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुई है।

    नौमानी ने बताया कि लॉकडाउन के चलते वार्षिक परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थी। संस्था के अधिकांश छात्र अपने घरों को जा चुके है जबकि 1950 छात्र संस्था में है और यह सभी छात्र स्वास्थ्य विभाग की जांच में स्वस्थ पाए गए है।

    वहीं, दारुल उलूम वक्फ के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी ने भी उक्त चैनल पर चलाई गई खबर पर तथ्यों के खिलाफ है। कहा कि उक्त चैनल द्वारा माफी न मांगे जाने पर मानहानि का दावा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लॉक डाउन केे चलते परीक्षाएं स्थगित होने के बाद संस्था के अधिकांश छात्र अपने घरों को जा चुके है। संस्था के छात्रावास में इस समय केवल 415 छात्र मौजूद है। जिनकी सूची प्रशासन के पास मौजूद है, और स्वास्थ्य विभाग उन सभी की जांच कर स्वस्थ होने का प्रमाण पत्र दे चुका है।
    रिपोर्ट: फहीम उस्मानी (वरिष्ठ पत्रकार)

  • मोडीफाइड लोकडाऊन का यह कतई मतलब नही है कि लोग बाहर निकले।

    अशफाक कायमखानी।जयपुर।

    राजस्थान मे बीस अप्रेल से शुरू होने वाले मॉडिफाइड लॉकडाउन का यह कतई मतलब नहीं कि लोग घरों से बाहर निकल सकते हैं। लोग किसी सूरत में अपना जीवन खतरे में न डालें। लॉकडाउन की उसी तरह पालना करें, जैसे वे अब तक करते रहे हैं। आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त कोई बाहर निकला तो कार्रवाई होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी महीने शुरू होने वाले रमजान एवं अक्षय तृतीया के अवसर पर लोग लॉकडाउन की पूरी तरह पालना करें। धर्मगुरूओं, जनप्रतिनिधियों, एनजीओ आदि से अपील है कि वे लॉकडाउन की पालना करवाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
    मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पत्रकारों के साथ वार्ता करते हुये मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में जब लॉकडाउन की शुरूआत की गई थी, तब राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों, धर्मगुरूओं, एनजीओ सहित सभी वर्गों को साथ लिया गया था। उन्हें हम फिर आग्रह करेंगे कि वे मॉडिफाइड लॉकडाउन को सफल बनाने में अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाएं।
    आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त अन्य सरकारी कार्यालयों में 20 अप्रेल से 33 प्रतिशत कार्मिकों को रोटेशन के आधार पर बुलाने के निर्णय को फिलहाल टाल दिया गया है। अभी केवल सचिव, विभागाध्यक्ष और उप सचिव स्तर के अधिकारी एवं उनका निजी स्टाफ ही दफ्तर आएंगे। आगे इस संबंध में चरणबद्ध रूप से निर्णय लिया जाएगा। मॉडिफाइड लॉकडाउन में नगरपालिका के बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग शुरू हो सकेंगें। शहरी क्षेत्रों में उन्हीं उद्योगों को सीमित छूट दी गई है, जिनमें श्रमिकों को फैक्ट्री में रखने की उचित व्यवस्था उपलब्ध है। आवश्यक सेवाओं के लिए पूर्व में जो पास जारी किए गए हैं, वे आगे भी मान्य होंगे। नए ई-पास ऑनलाइन बनाए जाएंगे।

    भारत सरकार ने प्रदेश के अंदर विभिन्न जिलों में कैम्पों में अटके श्रमिकों को राज्य में स्थित उनके कार्यस्थलों पर पहुंचने की छूट दे दी है, लेकिन इससे पूरी तरह समस्या हल नहीं होगी। राजस्थान की समस्या अन्य राज्यों से भिन्न है। बड़ी संख्या में यहां के श्रमिक देश के लगभग सभी राज्यों में मौजूद हैं। वे कोरोना महामारी के कारण तनाव में हैं और एक बार अपने-अपने घर जाना चाहते हैं। ऐसे में भारत सरकार को राजस्थान की परिस्थिति को ध्यान में रखकर उन्हें अपने घर पहुंचाने की छूट देनी चाहिए, ताकि उनका कॉन्फिडेंस मजबूत हो सके और वे कुछ समय बाद फिर अपने-अपने काम पर लौट सकें। इसके लिए मुख्यमंत्री भारत सरकार को पुनः पत्र लिखकर छूट देने का आग्रह करेंगे।

    उत्तर प्रदेश सरकार कोटा में पढ़ रहे कोचिंग स्टूडेंट्स को अपने राज्य में लेकर गई है। अन्य राज्य भी इस दिशा में पहल करें, ताकि बच्चों का तनाव दूर हो सके और संकट की इस घड़ी में वे परिवार के साथ रह सकें।

    कोरोना के कारण राज्य की आय एवं राजस्व संग्रहण में 60 से 70 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। आर्थिक मंदी और कोरोना के कारण राजस्थान को इस वर्ष करीब 18 हजार करोड़ रूपए के राजस्व की हानि हुई है। मार्च के अंतिम सप्ताह में ही करीब 3500 करोड़ रूपए के राजस्व का नुकसान हुआ है। इस स्थिति का सामना करने के लिए केंद्र सरकार से मुख्यमंत्री ने विशेष पैकेज देना की मांग की।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के ऐसे प्रयास हैं कि प्रदेश में एपीएल हो चुका कोई परिवार कोरोना के कारण बीपीएल में नहीं आए। आर्थिक सलाहकार सेवानिवृत्त आईएएस अरविंद मायाराम की अध्यक्षता में गठित कमेटी इस संबंध में विशेषज्ञों से सलाह ले रही है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उचित निर्णय लिए जाएंगे। केंद्र सरकार को इसके लिए पैकेज देना चाहिए ताकि किसी भी छोटे व्यापारी, दुकानदार या अन्य व्यक्ति की आर्थिक स्थिति नहीं बिगडे़। राजस्थान में हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।

    कोरोना के टेस्ट की पेंडेंसी नहीं रहे, इसके लिए हमारी सरकार ने करीब चार हजार सैम्पल्स जांच के लिए दिल्ली भिजवाए हैं। राजस्थान में कोरोना के सबसे ज्यादा टेस्ट हो रहे हैं। इसी दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाते हुए हमारी सरकार ने करीब चार हजार सैम्पल्स को जांच के लिए दिल्ली लैब में भेजा है। ऐसी पहल करने वाला राजस्थान पहला राज्य है। इससे कोरोना की रिपोर्ट के लिए बैकलॉग एवं इंतजार खत्म होगा।

    राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मंडियों में कृषि जिंसों की खरीद में सोशल डिस्टेंसिंग प्रोटोकॉल की पालना हो। साथ ही किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य भी मिले। करीब 400 मंडियों एवं गौण मंडियों, करीब 500 ग्राम सेवा सहकारी समितियों एवं क्रय-विक्रय सहकारी समितियों तथा करीब 1500 कृषि प्रसंस्करण इकाइयों के जरिए जिंसों की खरीद की व्यवस्था की गई है। किसानों से कृषि जिंसों की सीधी खरीद के लिए कृषि प्रसंस्करण इकाइयों को भी लाइसेंस जारी किए गए हैं। कोटा संभाग में रबी जिंसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद प्रारंभ हो गई है।

  • गाड़ी रोकने पर भड़के कृषि अधिकारी,उठक बैठक के बाद पैर छूकर पुलिस से मंगवाया माफ़ी

    शहनवाज हुसैन,अररिया / बिहार पुलिस के 55 वर्षीय सिपाही को उस समय दिल से खून का आंसू निकल गया होगा जब वो एक नौजवान जिला कृषि अधिकारी के सामने बेधरक उठक बैठक किया .सिपाही गोनू तत्मा आज अपने ड्यूटी के चलते रो रहे होंगे चूँकि आम तौर पर कर्तव्यनिष्ठ होने वाले कर्मी को सरकार ,विभाग सहित पूरा समाज सलाम करता है लेकिन इस सिपाही को कर्तव्यनिष्ठता से ड्यूटी करना भारी पड़ गया.लॉक डाउन के दौरान बैरगाछी में तैनात गोनू तत्मा ने जब अनजाने में जिला कृषि पदाधिकारी को रोक दिया तो साहब भड़क गये और पैर छूकर माफ़ी मंगवाया ,फिर भी दिल न भरा तो उठक बैठक भी करवाया .

    मामला बिहार के अररिया का है.जिला कृषि पदाधिकारी अररिया मनोज कुमार बैरगाछी से गुजर रहे थे जहाँ पुलिस विभाग के वरीय अधिकारी के निर्देशानुसार गोनू तत्मा अपने ड्यूटी पर तैनात थे.उसने सामने से गुजर रहे गाडी को रोकवा के पास माँगा तो गाड़ी में सवार अररिया जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार भड़क गये. अपने वरीय पद का हनक दिखाते हुए कृषि अधिकारी ने उन्हें न केवल डांटा बल्कि खूब सुनाया.वहीँ पुलिस विभाग के एक दारोगा जो वहीँ तैनात थे अपने सिपाही द्वारा जिला कृषि अधिकारी के रोकने को बर्दाश्त नही कर पाए .उसने तुरंत आदेश दिया कि तुमने वरीय अधिकारी का गाड़ी रोका इससे हमारी बेइज्जती हुई है तुरंत पैर छूकर माफ़ी मांगो ,आदेश का पालन करते हुए सिपाही गोनू तत्मा तुरंत पैर छूकर माफ़ी मांगा ,इससे भी दारोगा जी का दिल न भरा तो उसने उठक बैठक का फरमान दिया उसे भी उस बुजुर्ग पुलिस बल ने पूरा किया.

    अब बड़ा सवाल है कि पुलिस के जवान कैसे ड्यूटी करे.कई बार ये होता है कि कनीय अधिकारी कई वरीय अधिकारी को नही पहचान पाते है .इसी कड़ी में आज अररिया के इस सिपाही ने इन्हें नही पहचान पाया तो क्या इसे जो सजा मिली वो जायज है ?डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय खुद चौकीदार ,सिपाही ,दारोगा को फोन कर मुस्तैदी से ड्यूटी करने का निर्देश देते है और प्रोत्साहित करते है लेकिन इस कृषि अधिकारी और दारोगा ने बिहार पुलिस के टोपी को जुत्ती के नीचे दबा दिया.उस दारोगा ने तो पुलिस के इस वर्दी को कृषि अधिकारी के चमचई करने में नत मस्तक कर दिया.

    बड़ा सवाल है कि अगर ऐसे मामले में पुलिस के जवान को इस तरह झेलना पड़े तो क्या वो डीजीपी के आदेश का पालन कर पायेंगे,क्या बिहार को सुशासन युक्त कायम कर पाएंगे ? अब देखना दिलचस्प होगा कि इस खबर के बाद उस दारोगा और कृषि अधिकारी मनोज कुमार पर क्या कार्रवाई होती है.

  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अटके प्रवासी राजस्थानियों को घर जाने देने के लिये गृहमंत्री अमित शाह से बात हुई।

    अशफाक कायमखानी।जयपुर।

    केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फोन पर बात कर प्रस्ताव दिया है कि लॉकडाउन के चलते राजस्थान में अटके प्रवासियों और विभिन्न प्रदेशों में रह रहे राजस्थानियों को एक बार अपने घर जाने का मौका दिया जाए। गृह मंत्री ने इस पर मंत्रालय के अधिकारियों से बात कर सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। साथ ही, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वार्तालाप कर कोटा में कोचिंग के लिए रह रहे छात्रों को गृह राज्य पहुंचाने के योजना पर काम किया जाने के लिये भी कहा है। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, आसाम और गुजरात के मुख्यमंत्रियों ने इस पर सहमति दे दी है। जल्द ही इन राज्यों के छात्र अपने घर के लिए रवाना होंगे।

    मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीडिया प्रतिनिधियों के साथ वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री गहलोत कहा कि पूरे देश में लोग फंसे हुए हैं और उनकी घर जाने की मांग पर संवेदशीलता के साथ निर्णय करने की जरूरत है। केन्द्र सरकार से इस विषय पर कई बार चर्चा की गई है और अब सोमवार को केन्द्रीय गृह मंत्री से भी फोन पर गंभीर विमर्श हुआ है। राजस्थान के प्रवासी अपने गृह राज्य से गहरा लगाव रखते हैं और सुख-दुख में हमेशा आते-जाते रहते हैं। इसीलिए देशभर में जो प्रवासी राजस्थानी हैं, राज्य सरकार उन्हें भी एक बार अपने गांव आने का अवसर देने के लिए प्रयासरत है। राजस्थान के विभिन्न जिलों से आकर कोटा में कोचिंग कर रहे 4,000 बच्चों को भी जल्द ही उनके जिलों में भेजा जाएगा।

    एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की अवधि मेें राशन सामग्री की मांग अधिक बढ़ गई है, क्योंकि बड़ी संख्या में परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से वितरित होने वाले गेहूं की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार ने केन्द्र से राशन का अधिक गेंहूं जारी करने का प्रस्ताव दिया है, ताकि इस संकट काल में कोई भी व्यक्ति भूख से पीड़ित ना रहे। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के भण्डार गेहूं से भरे पड़े हैं और नई फसल भी आने वाली है। ऐसे में, मुझे उम्मीद है कि केन्द्र सरकार इस मांग पर भी जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेकर राज्यों को राशन के लिए अधिक गेहूं जारी करेगी। अन्य एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद 16 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। इस बार राज्य सरकार ने एफसीआई के खरीद केन्द्रों की संख्या 204 से बढ़ाकर 300 की है, जिनके माध्यम से भारत सरकार 17 लाख टन गेहूं खरीदेगी। राजस्थान सरकार विशेष प्रयास कर रही है कि मण्डियों में किसानों को उनकी फसल का पूरा दाम मिले और एमएसपी से नीचे खरीद नहीं हो।

    रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट इंडियन कॉउन्सिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के दिशा-निर्देशों के तहत ही किए जा रहे हैं। इसके लिए टेस्ट किट की खरीद भी आईसीएमआर की स्वीकृति के बाद ही की गई है। अब इस टेस्ट किट की गुणवत्ता के विषय में एसएमएस अस्पताल तथा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में शोध किया जा रहा है। आईसीएमआर को भी इसके बारे में पत्र लिखा गया है। वहां से जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार इन टेस्ट किट का इस्तेमाल किया जाएगा।

    एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक अर्थव्यवस्था की गाड़ी पटरी पर नहीं आएगी तब तक राजस्थान सरकार वंचितों की हर संभव सहायता करेगी। बेसहारा और किसी भी सामाजिक सुरक्षा योजना से वंचित व्यक्ति हमारा ‘टारगेट ग्रुप‘ है और इनकी मदद करना हमारा संकल्प है। मध्यम वर्ग की समस्याएं अलग हैं, निम्न मध्यम वर्ग की समस्याएं अलग हैं। राज्य सरकार सभी वर्गों की बेहतरी के प्रयास कर रही है, लेकिन अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में केन्द्र सरकार की भूमिका बड़ी है। विभिन्न राज्यों ने केन्द्र सरकार को मदद के लिए कई पत्र लिखे हैं और राहत पैकेज की मांग की है। मुझे उम्मीद है कि भारत सरकार इस पर काम कर रही होगी और जल्द ही राज्यों को आर्थिक सहायता के लिए घोषणा की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी से लड़ने के लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के विस्तार पर पूरा फोकस कर रही है। हमने पूर्व में भी निशुल्क दवा योजना, निशुल्क जांच और निरोगी राजस्थान जैसे अभियानों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने पर काम किया है। अब कोरोना संकट के चुनौतीपूर्ण दौर में भी हर जिले में विशेष जांच प्रयोगशाला और आईसीयू बेड की सुविधाएं बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। इसके लिए स्थानीय विधायक कोष की क्षेत्रीय विकास निधि का भी उपयोग किया जा सकता है। यह संकट कब तक खत्म होगा, इसका कोई अंदाजा इस समय नहीं लगाया जा सकता, लेकिन इससे जूझने के लिए पूरे देश, दुनिया और प्रदेश में आपसी सहयोग की एक भावना विकसित हुई है।

    राजस्थान ने दूरदर्शन के माध्यम से राज्य में स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम से जुड़े कार्यक्रमों का प्रसारण करने की मांग की है। दूरदर्शन के नेटवर्क की दूरदराज तक पहुंच होने के कारण लॉकडाउन की स्थिति में विद्यार्थियों के लिए उपयोगी कार्यक्रमों का प्रसारण एक अभिनव पहल होगी। निजी स्कूलों को जून माह तक अभिभावकों से फीस वसूली स्थगित करने का निर्णय किया गया है और इस अवधि में विद्यार्थियों को स्कूल से नहीं निकालने के लिए निर्देशित किया है। फीस माफ करने के विषय में अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। आगे की योजना पर फिर विचार करेंगे, क्योंकि सरकार को यह भी सुनिश्चित करना है कि फीस की कमी के चलते निजी स्कूलों के बंद होने की नौबत नहीं आए।

    एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि राज्य सरकार ने स्कूलों में रखी पोषाहार की सामग्री को लॉकडाउन के दौरान वंचितों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए इस्तेमाल करने के आदेश जिला कलक्टर को जारी कर दिए थे। कुछ जिलों में इस पोषाहार को उपयोग में भी ले लिया गया है।

  • आपसी रंजिश में युवक की गोली मार कर हत्याःआरोप छात्र राजद जिलाध्यक्ष सहित अन्य पर

    शहनवाज हुसैन,मधेपुरा

    मधेपुरा शहर के वार्ड नं. 3 के अधिक लाल
    मध्य विद्यालय के पास रविवार को आपसी रंजिश
    में एक युवक को गोलीमार कर हत्या कर दी गई।
    पीड़ित परिवार ने हत्या का आरोप मृतक के दोस्त
    छात्र राजद जिलाध्यक्ष सहित अन्य पर लगाया है ।
    पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कर
    पोस्टमार्टम के लिए के लिए सदर अस्पताल भेज
    दिया है. घटना को लेकर फिलहाल मामला दर्ज नही
    हो सका है।

    घटना की सूचना मिलते थानाध्यक्ष सुरेश कुमार
    सिंह सहित पुलिस बल और कमांडो दस्ता घटना
    स्थल पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे कर
    पोस्टमार्टम के सदर अस्पताल भेज दिया।
    मृतक के भाई वार्ड नंबर 5 निवासी मो० नसीम के
    अनुसार दो बजे दिन में मृतक मो० अरशद उर्फ
    मिस्टर को खाने के लिए फोन किया तो मिस्टर ने
    बताया कि वे वार्ड नंबर 3 स्थित सोनू यादव के घर
    पर हैं, बाद में आयेंगे।

    उन्होने बताया कि 3 बजे के आसपास मृतक के एक
    दोस्त साहुगढ़ निवासी रोनक यादव ने फोन पर
    बताया कि मिस्टर को गोली लगी और उनकी मौत
    हो गई है. उनकी लाश बाहर में रखी है । घटना की
    सूचना मिलते ही हम लोग सोनू यादव के घर पर
    पहुंचे तो देखा घर को मकान मालिक ने पानी से धो
    दिया था और गोबर से पुताई कर दिया था. लेकिन
    वहां मिस्टर नहीं दिखा तो आसपास खोज करने पर
    स्कूल के पिछवाड़े जंगल में देखा कि मृतक को एक
    चादर से ढंक दिया था। जब सोनू के घर पहुंचे थे तब
    हम लोग को देखकर तीन चार युवक बाइक पर
    सवार हो कर भाग निकले।

    उन्होने बताया कि छात्र राजद का जिलाध्यक्ष सोनू
    यादव जिले के शंकरपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है.
    वह मधेपुरा वार्ड नम्बर 3 में चन्द्र किशोर यादव का
    मकान किराये पर लेकर रह रहा था। उन्होने छात्र
    राजद अध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए आपत्तिजनक
    काम में संलिप्त होने का भी आरोप लगाया है।

    घटना की खबर शहर में आग की तरह फैल गई और
    देखते ही देखते भारी भीड़ सदर अस्पताल में जमा
    हो गई। घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश
    दिखा । मृतक के परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने
    का विरोध करते हुए हत्यारे की गिरफ्तारी करने की
    मांग शुरू की लेकिन थानाध्यक्ष ने समझा बुझाकर
    शान्त करते शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    इसी बीच कमांडो हेड विपिन और कमांडो दस्ता
    कथित आरोपी सोनू यादव के मोबाइल लोकेशन
    ट्रेस पर मिठाई, साहुगढ़ सहित अन्य जगह पर पहुंची
    लेकिन आखिरकार बाद में उसका मोबाइल स्विच
    ऑफ हो गया और आरोपी हाथ नहीं आया।

    थानाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि हत्यारे ने
    घटना को अंजाम किसी अन्यत्र जगह दिया और
    शव को सुनसान जगह स्कूल के पिछवाड़े जंगल में
    ठिकाने लगा दिया. घटना स्थल काफी सुनसान का
    इलाका है जहां दिन में भी घटना हो जाय तो पता
    चलना कठिन है। आपसी रंजिश में हत्या होने की
    बात सामने आ रही है। कारण का पता लगाया जा

    फिलहाल पीड़ित परिवार की ओर से मामला दर्ज
    __करने का आवेदन नहीं प्राप्त हुआ है।

  • घोसी में पुलिस ने चलाया चेकिंग अभियान,50 गाड़िया सीज एवं 55 चालान

    रिपोर्ट:मुज़फ्फरुल इस्लाम

    घोसी,मऊ। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण को ले हुए लॉक डाऊन 2 में कोतवाली पुलिस ने रविवार को नगर के मधुबन मोड़,पकड़ी मोड़,मझवारा मोड़ आदि अलग अलग जगहों पर सीओ अभिनव कन्नौजिया के निर्देशन में सघन चेकिंग अभियान चलाया ।कोतवाली प्रभारी सचितानन्द यादव सहित तकरीबन आधा दर्जन उपनिरीक्षक सविंद्र राय , धर्मराज यादव,अनिल द्विवेदी, विंनोद दुबे,गंगासगर मिश्रा आदि मय फोर्स नगर के अलग अलग जगहों पर सघन चेकिंग अभियान चला अनावश्यक घूम रहे दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों का चालान एवं सीज किया गया । इस बड़ी कार्यवाही में 50 गाड़ी सीज 55 चालान किये गए। नगर क्षेत्र में पुलिस द्वारा की गई बड़ी कार्यवाही से अनावश्यक घुम रहे लोगों में अफरा तफरी मची रही । लोग बचने के अलग अलग तरीके ईजाद कर बचने की कोशिशों में लगे रहे तो कुछ पुलिस की कार्यवाही देख धीरे से सरक लिये।

  • राजस्थान सरकार ने बीस अप्रेल से मोडीफाइड लोकडाऊन मे उधोग शूरु करने के दिशा निर्देश जारी किये।

    अशफाक कायमखानी।जयपुर।
    भारत सरकार के गृह मंत्रालय के 15 अप्रैल को जारी निर्देशों के क्रम में राजस्थान राज्य सरकार ने 20 अप्रैल, 2020 से मोडिफाइड लॉकडाउन के तहत उद्योग एवं उद्यमों को शुरू करने के संबंध में नये दिशा निर्देश जारी किये हैं। जिनके अनुसार ऐसे उद्योग/उद्यम शुरू किये जा सकेंगे जो कि ग्रामीण क्षेत्र (जो नगर पालिका व नगर निगमों की सीमा के बाहर स्थापित हों) अथवा नगर निगम/नगर पालिका क्षेत्रों में स्थापित औद्योगिक क्षेत्र, निर्यात आधारित इकाइयां अथवा सेज जहां आवागमन नियंत्रित हो तथा उनके फैक्ट्री परिसर या आस-पास श्रमिकों को ठहराने की पर्याप्त व्यवस्था हो।

    इन क्षेत्रों में स्थापित उद्योग/उद्यमों को उनके श्रमिकों को (न्यूनतम आवश्यकता के अनुसार) फैक्ट्री परिसर में लाने हेतु एक बार में परिवहन के लिए चिन्हित वाहन को पास देने की व्यवस्था की जाएगी। यह पास रीको औद्योगिक क्षेत्रों में रीको के क्षेत्रिय प्रबंधक तथा अन्य क्षेत्रों में जीएम (डीआईसी) द्वारा दिये जाएंगे। इसके लिए आवेदन https://epass.rajasthan.gov.in पर ऑनलाइन या राजकॉप सिटीजन मोबाइल ऐप पर अथवा ऑफलाइन सीधे ही किया जा सकेगा।

    पहले से चालू अथवा अनुमत उद्योग पूर्व की भांति संचालित रह सकेंगे और उनके पास भी वैध रहेंगे।

    इन दिशा निर्देश जारी होने के बाद मार्बल नगरी मकराना मे उपखण्ड कार्यलय मे उपखण्ड अधिकारी शीराज जैदी की सदारत मे खान ऐसोसिएशन, स्थानीय प्रतिनिधि व सरकारी अधिकारियों के बैठक हुई जिसमे खान मालिकों की एक मत से आये सुझाव के चलते मार्बल खान शुरू नही करने का तय हुवा है।

  • सरकार स्वास्थ्य के साथ साथ आर्थिक मोर्चे पर भी लड़ाई लड़ेगी।

    भाजपा के दो विधायको के खिलाफ मुकदमा दर्ज व आपत्तिजनक पोस्ट डालने पर लोसल पुलिस ने तीन को गिरफ्तार किया।

    अशफाक कायमखानी.जयपुर।
    भारत में आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ी हैं और लोगाें के पास रोजगार नहीं है। लॉकडाउन के कारण केन्द्र एवं राज्यों को मिलने वाले राजस्व में भारी कमी आई है। अर्थव्यवस्था पर गंभीर विपरीत प्रभाव पड़ा है और उद्योगों को भी काफी नुकसान हुआ है। ऎसे में मुख्यमंत्री कि कहना है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य के साथ-साथ आर्थिक मोर्चे पर भी लड़ाई लड़ रही है।

    मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीडिया प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री ने वार्ता करते हुये कहा कि एफसीआई के गोदाम गेहूं से भरे हुए हैं, ऎसे में केन्द्र सरकार को चाहिए कि ऐसे सभी लोगों को जिन्हें जरूरत है उन्हें गेहूं उपलब्ध कराये, चाहे उनके पास राशन कार्ड हो अथवा नहीं हो। इसके अलावा जो लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कवर नहीं भी हैं उन्हें भी गेहूं उपलब्ध कराया जाये ताकि किसी को भी भूखा नहीं सोना पड़े। फिलहाल उनकी पहली प्राथमिकता कोविड-19 के संक्रमण को पूरी तरह से रोकना है, लेकिन साथ ही आर्थिक गतिविधियां संचालित हो सकें इसके भी प्रयास किये जा रहे हैं। मॉडिफाइड लॉकडाउन के दौरान केन्द्र सरकार की गाइडलाइन का राजस्थान मे पूरी तरह से पालन करते हुए सोशल डिस्टेंन्सिग के साथ औद्योगिक गतिविधियां संचालित हों यह सुनिश्चित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए केन्द्र एवं राज्यों को मिलकर काम करना होगा। लॉकडाउन खोलने की प्रक्रिया भी चरणबद्ध तरीके से लागू करनी होगी ताकि आर्थिक गतिविधियाें के संचालन के साथ ही वायरस का संक्रमण रोकने में अभी तक जो सफलता मिली है उसे बरकरार रखा जा सके।

    कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये राजस्थान मॉडल के तहत जो काम हो रहा है और ज्यादा से ज्यादा संख्या में टेस्ट किये जा रहे हैं, उसकी तारीफ दिल्ली से आई टीम ने भी की है। जयपुर में शनिवार को कई लोगों के रैपिड एंटी बॉडी टेस्ट किए गये। मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी तक प्रदेश में 47000 से भी अधिक जांचें की गई हैं और पॉजिटिव पाये गये मरीजों को ठीक करने में हमें काफी सफलता मिली है। फिलहाल आईसीयू में 6 मरीज हैं। जबकि 942 अन्य मरीजों का सामान्य वार्डों में ईलाज चल रहा है। अभी तक 183 मरीज ठीक हो चुके है उनमें से 83 को अस्पतालों से डिस्चार्ज किया गया है।

    सरकारी कर्मचारी एवं पुलिसकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं, ऐसे में कोरोना वॉरियर्स के साथ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार की निंदा की जानी चाहिए। टोंक में हुई घटना पर सख्त कार्यवाही करते हुए राज्य सरकार ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। पूरे प्रदेश में ऎसे प्रकरणों में 191 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। आमजन से मुख्यमंत्री ने अपील की है कि इस महामारी से लड़ी जा रही जंग को जीतने के लिए हमें धर्म, जाति, समुदाय एवं राजनीति की भावना से ऊपर उठकर साथ मिलकर काम करना होगा और इस बात का ध्यान रखना होगा कि देश और प्रदेश में किसी तरह का नफरत का माहौल पैदा नहीं हो।

    कोरोना से लडाई में सोशल डिस्टेंन्सिग की पालना करने के साथ ही प्रदेशवासियों को इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि गुटखा/जर्दा खाकर सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूकें। यूरोपीय देशों एवं खाड़ी देशों में सार्वजनिक स्थल पर थूकना एक अपराध है और ऎसे लोगों पर भारी जुर्माना लगाया जाता है। इससे वहां अब लोगों की आदतें बदल गई हैं। राजस्थान सरकार की भी मंशा है कि यहां लोग तंबाकू, गुटखा या पान खाकर राह चलते कहीं भी थूकने की आदत बदलें।

    उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने राजस्थान एपिडेमिक डिजीजेज एक्ट 1957 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस संबंध में एक अधिसूचना जारी कर सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर दण्डात्मक कार्यवाही के प्रावधान किए हैं।

    इसके विपरित संकट के इस दौर मे भी कुछ नेता व लोग नफरत पैदा करने से बाज नही आ रहे है। राजस्थान के रामगंजमंडी से भाजपा विधायक मदन के खिलाफ कोटा के महावीर नगर पुलिस थाने मे विभिन्न धाराओं मे दर्ज हुवा है। वही दूसरा मामला सांगानेर विधायक अशोक लाहोटी के खिलाफ मानसरोवर, जयपुर थाने मे दर्ज हुवा है। इसी तरह सीकर के लोसल थाना की पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक समुदाय के खिलाफ लगातार अभ्रद टिप्पणी करने के आरोपी विकास/शिवपाल कुमावत, विनोद/दयाराम कुमावत व राहुल मिश्रा/गोपाल मिश्रा नामक तीन युवाओं को गिरफ्तार किया है।

  • सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस सोशल डिस्टेंसिंग को दिखा रही ठेंगा

    मुज़फ्फरुल इस्लाम,घोसी,मऊ। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण को ले प्रधामनंत्री के लॉकडाउन 2 के पश्चात योगी सरकार के हुक्मरानों के सख्ती के बाद कमोबेश नगर के चप्पे चप्पे पर पुलिस की सख्त पहरेदारी एवं निगेहबानी से परिंदा भी पर नहीं मार सकता। किन्तु कोतवाली से चंद किलोमीटर दूर पुलिस पिकेट के नाक के नीचे शुक्रवार की अल सुबह नगर क्षेत्र के करीमुद्दीनपुर(कसाई टोला) में कुल चौदह अभियुक्तों सहित भारी मात्रा में गौमांस एवं सोलह गौवंश सहित भारी संख्या में काटने के सामानों की बरामदगी चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं स्थानीय पुलिस बड़ी कार्यवाही कर भले ही अपनी पीठ थपथपा रही किन्तु सूत्रों की माने तो उक्त प्रकरण बिना पुलिसिया मतभेदों के सामने आना मुश्किल है ।नगर के अतिब्यस्ततम इलाके में शुमार कसाई टोला में इस तरह भारी संख्या में पशु तस्करी एवं गौ मांस की बिक्री कही न कही पुलिस पर सवालिया निशान लगाने के लिये काफी है।

    शुक्रवार की अलसुबह गौ तस्करी को ले पुलिस की बड़ी कार्यवाही को देख सुबह से ही कुछ सफेदपोशों का कोतवाली परिसर में दिनभर आवागमन तेज रहा। बड़ी कार्यवाही भी उनके सम्मुख नगण्ड ही दिख रही थी ।अपनी पकड़ एवं संबंधों को मजबूत बता कोतवाली में दिनभर गहमागहमी के बीच प्रयासों का दौर साफ नजर दिखाई दे रहा था। वहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस भी अपने आलाधिकारियों के समक्ष उक्त 14 अभियुक्तों सहित 22 पुलिसकर्मी कुल 36 लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियाँ उड़ाते साफ नजर आ रहे थे। जहाँ कोरोना संक्रमण के भय एवं ख़ौफ़ से पूरा देश कांप रहा वहीँ पुलिस की इतनी बड़ी लापरवाही सोशल डिस्टेंसिंग को ठेंगा दिखाती रही।