Author: M Qaisar Siddiqui

  • कोरोना Positive एसीपी की मौत,दूसरों की जान बचाने में खुद की गई जान पंजाब में मृतकों की संख्या हुई 16

    लुधियानाः (मेराज़ आलम ब्यूरो ) ऐसे जाँबाज ऑफिसर को मिल्लत टाइम्स के टीम की नमन कोरोना वायरस पॉजिटिव लुधियाना के ए.सी. पी. अनिल कोहली की शनिवार को मौत हो गई है, जिसकी पुष्टि सिविल सर्जन ने की है। बताया जा रहा है कि वह कुछ दिनों से वेंटिलेटर पर थे। बता दें कि शुक्रवार को कोरोना वायरस से पीड़ित 58 वर्षीय कानूनगो गुरमेल सिंह की मौत हुई थी। 

    पंजाब में अब तक हुई मौतों पर एक नजर

    पहली मौत: सबसे पहले 18 मार्च को नवांशहर के गांव पठलावा के बुज़ुर्ग की मौत हुई, जो गत दिवस जर्मनी से इटली होता हुआ पंजाब लौटा था। 

    दूसरी मौत: 29 मार्च को नवांशहर के पाठक बलदेव सिंह के संपर्क में आने वाले होशियारपुर के हरभजन सिंह की मौत हुई, जो अमृतसर के अस्पताल में दाख़िल था। 

    तीसरी मौत: 30 मार्च को लुधियाना की 42 वर्षीय महिला पूजा ने पटियाला के राजिन्दरा अस्पताल में दम तोड़ दिया। 

    चौथी मौत: 31 मार्च को चंडीगढ़ के पी.जी.आई. में भर्ती मोहाली के 65 वर्षीय बुज़ुर्ग की चौथी मौत हुई थी।

    5वीं मौत: 3 अप्रैल को 5वीं मौत अमृतसर के पूर्व रागी भाई निर्मल सिंह खालसा की हुई, जिन्होंने अमृतसर के श्री गुरु नानक देव अस्पताल में दम तोड़ा।

    छटी मौत: कोरोना के साथ छटी मौत 5 अप्रैल को लुधियाना में 70 साल के करीब महिला की हुई। उसे 31 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 2 अप्रैल को उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी।

    7वीं मौत: पठानकोट जिले में पहला पॉजीटिव केस 75 वर्षीय महिला का आया, जिसे 1 अप्रैल को पठानकोट से अमृतसर रैफर किया गया था। 4 अप्रैल को उसमें कोरोना की पुष्टि हुई, जिसकी मौत हो गई थी।

    8वीं मौत: 6 अप्रैल को अमृतसर के नगर निगम से रिटायर हो चुके 65 वर्षीय एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। हालांकि पहले उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। 5 अप्रैल को दोबारा भर्ती किए जाने पर उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई थी।

    9वीं मौत: 8 अप्रैल को पी.जी.आई. में भर्ती रोपड़ के 55 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई थी। गांव चतामली के उक्त व्यक्ति को शुगर के कारण 2 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी।

    10वीं मौत: 9 अप्रैल को जालंधर में कांग्रेसी नेता के 59 वर्षीय पिता ने इलाज दौरान दम तोड़ दिया। गत बुद्धवार शाम को ही उनके कोरोना पॉजीटिव होने का पता लगा था, जिसके बाद वह सिविल अस्पताल के कोरोना वार्ड में वेंटिलेटर पर थे।

    11वीं मौत: इसके साथ ही 9 अप्रैल को बरनाला की रहने वाली महिला की कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई। इस महिला ने लुधियाना के अस्पातल में दम तोड़ा था।

    12वीं मौत: खरड़ की 74 वर्षीय महिला की 8अप्रैल को मौत हो गई थी लेकिन उसकी रिपोर्ट शुक्रवार को पॉजीटिव आई है। पहले उक्त महिला का कोरोना टैस्ट नेगेटिव बता कर उसे अस्पताल से घर भेज दिया गया था। 8अप्रैल को अचानक उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इसके बाद टैस्ट जांच के लिए भेजे गए थे जिसमें वह पॉजीटिव पाई गई थी। 

    13वीं मौत: गांव कोटला हेरा जालंधर की एक महिला की मामूली बीमारी के कारण मौत हो गई थी लेकिन बाद में उसकी कोरोना  रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई थी।

    14वीं मौत: गुरदासपुर जिले में गांव भैनी के पासवाल के रहने वाले पहले कोरोना पीड़ित व्यक्ति ने अमृतसर के सरकारी अस्पताल में 16 अप्रैल को दम तोड़ दिया था। 

    15वीं मौत: लुधियाना जिले के पायल में रहने वाले 58 वर्षीय कानूगो गुरमेल सिंह की कोरोना वायरस की रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी, जिसके बाद उसने अस्पताल में 17 अप्रैल को दम तोड़ दिया। हैरान करने वाली बात यह थी कि गुरमेल सिंह की कोई ट्रैवल हिस्ट्री सामने नहीं आई थी।

  • लोगों का तन ढकने वाले बुनकर हो रहे हैं भुखमरी का शिकार

    मुज़फ्फरुल इस्लाम,घोसी,मऊ। स्थानीय नगर में लॉक डाउन 2 के बाद सड़कें व गलियों में सन्नाटा एवं वीरानी फैली हुई है।वहीं नगर के काजीपुरा ,बड़ागाँव आदि क्षेत्रों में बुनकरों के घरों से निकलने वाला पावर लूम की खटर पटर की आवाज भी थम सी गई है। हजारों बुनकरों के सपनों, ख्वाब एवं रिश्तों को बुनने वाला लूम कोरोना महामारी में बुनकरों के लिये किसी दर्द से कम नहीं दिख रहा।लूम बन्द होने से बुनकर परिवार भुखमरी की तरफ अग्रसर हो रहे। इस महामारी में सरकार की तरफ से कमोबेश हर जरूरतमंद हेतु पैकेज की घोषणा हुई। किन्तु आस लगाये बुनकरों की उम्मीदों पर निराशा ही हाथ लगी ।

    आखिर इनके दर्द एवं दास्तां को कौन सुनेगा। कस्बे के अलग अलग क्षेत्रों में लगभग दस हजार के आसपास लूम संचालित है। बुनकरों द्वारा बुनी हुई साड़ियां लॉक डाउन के चलते उनके घरों में ही फँसी है।ऐसे में भरण पोषण को ले बुनकर परिवार इस महामारी में कोरोना संक्रमण से तो बच सकता वरन भूख एक बहुत बड़ी समस्या बन सकती। वहीं कस्बा के बुनकर हसद,हस्सान आजमी, उस्मान,मोनिरुल इस्लाम,अब्दुलाह इनामुलहक आदि दर्जनों ने बताया कि अभी तक कोई प्रशानिक मदद हम लोगों तक नहीं पहुँच सका है। ऐसे में परिवार का पेट चलाना मुश्किल हो गया है ।सरकारी मदद भी केवल हवा हवाई दिख रही।

  • बिहार के 27 जिला ग्रीन जोन में,20 अप्रैल के बाद मिल सकती है राहत,यहां एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं

    बिहार: बिहार के 27 जिले ऐसे हैं जहां मंगलवार तक कोरोना का कोई संक्रमित नहीं मिला है। ऐसा ही रहा तो इन जिलों में 20 अप्रैल के बाद राहत मिल सकती है। बिहार के 27 जिले ग्रीन जोन में हैं। प.चंपारण, पू.चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बांका, जमुई, शेखपुरा, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर और आरा जिले में कोरोना को कोई रोगी नहीं मिला है। 20 अप्रैल तक अगर इन जिलों में कोरोना का मरीज नहीं मिलता है तो राहत मिल सकती है। राज्य के आठ जिले ऑरेंज जोन में हैं। गोपालगंज, सारण, पटना, नालंदा, गया, लखीसराय, मुंगेर और भागलपुर में कोरोना के मरीज मिले हैं।

  • जयपुर में सामूहिक रूप से नमाज अदा करने पर पुलिस ने इमाम समेत 15 लोगों को हिरासत में लिया है।

    अशफाक कायमखानी,जयपुर। कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश में लॉकडाउन का दूसरा फेज 3 मई तक लागू है. लोगों को जागरुक करने के बावजूद भी लॉकडाउन के उल्लंघन के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. वहीं, राजस्थान की राजधानी जयपुर में सामूहिक रूप से नमाज अदा करने पर पुलिस ने इमाम समेत 15 लोगों को हिरासत में लिया है.
    मस्जिद में नमाज पढ़ने पहुंचे थे लोग

    डीसीपी राहुल जैन ने बताया कि मुखबीर के जरिए सूचना मिली थी कि खोह नागोरियां क्षेत्र में स्थित आयशा मस्जिद में इमाम सहित 15 लोगों द्वारा बिना सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए सामूहिक नमाज अदा की जा रही है. पुलिस ने सभी नमाजियों की पहले वीडियोग्राफी कराई. नमाज अदा करने के बाद सभी लोगों से किसी सक्षम अधिकारी द्वारा परमिशन लेने की बारे में पूछा गया तो सामने आया कि किसी ने भी इस मामले में परमिशन नहीं ली थी।

    ।कई धाराओं का उल्लंघन।

    पुलिस ने बताया कि इन लोगों द्वारा धारा 144 का उल्लंघन करना, लॉकडाउन के निर्देशों की अवहेलना करने, क्‍वारंटाइन में रहने के निर्देशों की अवहेलना करना और संक्रमण फैलाने में लापरवाही करना का प्रयास किया गया है. इन लोगों के खिलाफ धारा-188, 269, 270 और 271 के अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन 2005 की धारा-51 और राजस्थान महामारी अधिनियम 1957 के धारा-3 हिरासत में लिया गया है.

    ।खोह नागोरियान में मिल चुका है पॉजिटिव।

    गौरतलब है कि खोह नागोरियां क्षेत्र में पिछले दिनों एक कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुका है. जिसके बाद क्षेत्र में विशेष एहतियात बरते जा रहे हैं. साथ ही कोरोना पॉजिटिव मरीज के घर के आसपास के क्षेत्रों में कर्फ्यू भी लगाया जा चुका है.

    जयपुर में बढ़ते जा रहे हैं कर्फ्यू के क्षेत्र
    जयपुर में फिलहाल तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में एक दो दिनों से कुछ कमी आई है. लेकिन कर्फ्यू वाले इलाकों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. विद्याधर नगर थाना क्षेत्र के मेजर शैतान सिंह कॉलोनी में एक कोरोना मरीज मिलने के बाद क्षेत्र में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है. डीसीपी राजीव पचार ने कर्फ्यू को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं. अब पुलिस द्वारा चिन्हित क्षेत्र में विशेष एहतियात बरती जा रही है.

  • आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट घटाया;3 वित्तीय संस्थानों को 50 हजार करोड़ की मदद

    मुंबई. देशभर में चल रहे लॉकडाउन के इकोनॉमी पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को 1 लाख करोड़ रुपए के बूस्टर पैकेज का ऐलान किया। यह मदद नाबार्ड जैसे वित्तीय संस्थानों और बाकी बैंकों को दी जाएगी। वहीं, रिवर्स रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर दी है ताकि लोगों को कर्ज मिलने में आसानी हो। यह आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की 22 दिन में दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। इससे पहले 27 मार्च को उन्होंने कर्ज सस्ते करने के लिए रेपो रेट 0.75% घटाया था। लोन की किश्त चुकाने में तीन महीने की छूट दी थी। शुक्रवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में गवर्नर ने कहा- दुनिया में बड़ी मंदी का अनुमान है, हम सबसे बुरे दौर में हैं। फिर भी बैंकिंग सेक्टर मजबूती से खड़ा है। लोगों तक कैश पहुंचाने वाले 91% एटीएम काम कर रहे हैं।

    सबसे पहले जानिए, आम लोगों और इंडस्ट्री पर इन घोषणाओं का क्या असर होगा?
    क्या अब आसानी से कर्ज मिलेगा?
    इसकी उम्मीदें बढ़ गई हैं। वजह- आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर इसे 4% से घटाकर 3.75% कर दिया है। रिवर्स रेपो रेट वह दर है, जिस पर बैंकों को आरबीआई में जमा अपनी रकम पर ब्याज मिलता है। जब आरबीआई इस रेट को घटा देता है तो बैंक अपना पैसा आरबीआई के पास रखने की बजाय कर्ज देना पसंद करते हैं। इससे बाजार में नकदी बढ़ती है।

    क्या कर्ज आसानी से मिलने के साथ सस्ता भी मिलेगा?
    यह कहना मुश्किल है, क्योंकि आरबीआई ने रेपो रेट नहीं घटाया है। रेपो रेट, वह दर होती है, जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। इसमें कमी होने से लोन सस्ते होते हैं। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरबीआई 27 मार्च को ही रेपो रेट 0.75% घटा चुका है।

    एक लाख करोड़ का बूस्टर पैकेज क्या है?

    50 हजार करोड़ रुपए टारगेटेड लॉन्गर टर्म रिफाइनेंसिंग ऑपरेशंंस यानी TLTRO के लिए दिए गए हैं। इसमें से 25 हजार करोड़ रुपए की मदद आज से ही शुरू हो जाएगी। इससे नकदी संकट कम होगा। TLTRO के जरिए बैंकों को आरबीआई से 1 से 3 साल के लिए रेपो रेट पर कर्ज मिल जाता है। इससे बैंकों को कर्ज बांटने में आसानी होती है।
    25 हजार करोड़ रुपए की मदद नाबार्ड को दी जानी है। नाबार्ड यानी नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट। यह एग्रीकल्चर और रूरल सेक्टर में कर्ज की उपलब्धता के लिए काम करता है।
    15 हजार करोड़ रुपए की मदद सिडबी को मिलनी है। सिडबी यानी स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक। यह सूक्ष्म, छोटे और मंझले उद्योगों के लिए काम करता है।
    10 हजार करोड़ रुपए की मदद एनएचबी को मिलेगी। एनएचबी यानी नेशनल हाउसिंग बैंक। यह हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए कर्ज देती है।
    क्या एनपीए के नियमों में भी ढील मिली है?
    बिल्कुल। आरबीआई ने 27 मार्च को लोन की किश्तें चुकाने में तीन महीने की छूट दी थी। आरबीआई की शुक्रवार की घोषणा के मुताबिक, एनपीए यानी नॉन परफॉर्मिंग असेट्स घोषित करने की प्रक्रिया में 1 मार्च से 31 मई के तीन महीनों को शामिल नहीं किया जाएगा। नियम कहते हैं कि लोन के रीपेमेंट में 90 दिन की देरी होने के बाद बैंक उस खाते को एनपीए घोषित कर देते हैं। शुक्रवार की घोषणा के ये मायने हैं कि एनपीए के 90 दिनों की गिनती 1 मार्च से शुरू न होकर किश्तें चुकाने के लिए मिली 31 मई तक की छूट के बाद शुरू होगी।

    आरबीआई गवर्नर की नजर में अर्थव्यवस्था कहां खड़ी है?
    गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा- हम बुरे दौर से गुजर रहे हैं। कोरोना संकट की वजह से जीडीपी की रफ्तार घटेगी, लेकिन बाद में ये फिर तेज रफ्तार से दौड़ेगी। कई ऐसी रिपोर्ट आई हैं, जिनमें कहा गया है कि कोरोना की वजह से ग्लोबल इकोनॉमी आर्थिक मंदी के दौर में जा सकती है। इसके बाद भी भारत की जीडीपी विकास दर बेहतर रहने की उम्मीद जताई गई है। आईएमएफ ने भले ही भारत के लिए 1.9% जीडीपी ग्रोथ का अनुमान जताया है, लेकिन यह अनुमान जी-20 समूह के बाकी देशों की तुलना में सबसे ज्यादा है

  • राजस्थान मै रेपिड एंटी बाडी टेस्ट के माध्यम से कोराना की जांच शुरू।

    अशफाक कायमखानी।

    जयपुर।राजस्थान में आज से रेपिड एंटी बॉडी टेस्ट के माध्यम से कोरोना की जांच शुरू हो गई है। रेपिड टेस्ट करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है। पहले दिन 60 जांच की गई, जो सभी नेगेटिव पाई गईं। मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीडियाकर्मियों के साथ कोरोना की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने वार्ता की। 10 हजार टेस्ट किट प्राप्त होते ही जांच शुरू कर दी गई है। पचास हजार किट शुक्रवार रात तक मिलने हैं और 2 लाख किट तीन दिन में पहुंच जाएंगी। रेपिड टेस्ट कन्फरमेटरी टेस्ट नहीं है, इसलिए पीसीआर टेस्ट की व्यवस्था पूर्व की भांति जारी रहेगी। इसमें किसी तरह की कमी नहीं की जाएगी।

    प्रदेश के हर जिले में कोरोना जांच के लिए लैब स्थापित करने पर काम शुरू कर दिया गया है। जनसंख्या तथा औद्योगिक इकाइयां ज्यादा होने के कारण सबसे पहले अलवर में यह लैब स्थापित की जा रही है। सब्जी विक्रेताओं, खाद्य पदार्थों आदि की होम डिलीवरी करने वालों के भी रेपिड टेस्ट करवाए जाएंगे। प्रदेश में कोरोना की जांच की संख्या में कोई कमी नहीं की गई है। बीते कुछ दिनों में पॉजिटिव मामलों की संख्या कम हुई है, इसका यह कतई मतलब नहीं कि टेस्ट की संख्या कम की गई है। राजस्थान में देश में सबसे ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं। अब तक 42 हजार 751 टेस्ट किए जा चुके हैं।

    केंद्र सरकार से टेस्ट किट, पीपीई, वेंटीलेंटर तथा अन्य उपकरणों की केंद्रीकृत खरीद के लिए आग्रह किया था, ऐसा करने पर उपकरणों की उपलब्धता उचित दरों पर जल्द उपलब्ध हो पाते, लेकिन केंद्र सरकार ने इस सुझाव को नहीं माना। इसके परिणाम स्वरूप खुद राज्यों को ही दुनिया के दूसरे देशों तक दौड़ लगानी पड़ी। अब किट उपलब्ध हो गए हैं तो रेंडम टेस्ट शुरू किए जाएंगे। इससे संक्रमण की वास्तविकता का पता चल सकेगा। अभी प्रदेश में पर्याप्त संख्या में पीसीआर टेस्ट किट, पीपीई किट और वेंटीलेटर्स उपलब्ध हैं।

    कोरोना के प्लाजमा ट्रीटमेंट के सवाल पर कहा कि इसके लिए हो रहे शोध में एसएमएस अस्पताल भी जुड़ा हुआ है। एसएमएस के चार दवाओं के कॉम्बीनेशन पर भी दुनिया के देशों में रिसर्च हो रही है। इस बीमारी की रोकथाम के लिए राजस्थान के चिकित्सा विशेषज्ञों सहित हर व्यक्ति ने बेहतरीन काम किया है।

    20 अप्रेल से शुरू होने वाले मॉडिफाइड लॉकडाउन के दौरान मास्क लगाने, सामाजिक दूरी बनाने सहित सभी प्रोटोकॉल की पालना में कोई ढील नहीं दी जाएगी। केवल उद्योग-धंधों और काम पर आने-जाने के लिए मूवमेंट में आंशिक छूट केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप दी जाएगी। एक सवाल के जवाब में कहा कि मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार कोरोना पॉजिटिव मरीज का नाम जाहिर करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इससे कई बार मरीज को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    एक अन्य प्रश्न के जवाब में कहा कि क्वारेंटाइन की सुविधा आबादी क्षेत्र के पास होने पर घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कोरोना हवा से फैलने वाली बीमारी नहीं है। क्वारेंटाइन सुविधा जगह की उपलब्धता और भोजन आदि की व्यवस्था सुलभ करवाने में आसानी होने के आधार पर तय की जाती है। कोई भी सरकार नहीं चाहेगी कि एक भी मरीज की संख्या बढे़, इसलिए क्वारेंटाइन फैसेलिटी में सामाजिक दूरी के प्रोटोकॉल की पूरी पालना की जाती है।

    कोरोना के संक्रमण और लॉकडाउन के कारण देश में प्रवासी मजदूरों की समस्या बहुत गंभीर हो गई है। चाहे मजदूर अपने राज्य में रह रहे हों या दूसरे राज्य में उनका एक बार अपने घर जाना जरूरी है। ऐसे में 20 अप्रेल के बाद हो सकता है, भारत सरकार इसमें थोड़ी छूट दे दे। ऐसा होने से मजदूरों का टूटा मनोबल लौट सकेगा और वे अपने रोजगार पर वापस आने में सहूलियत महसूस करेंगे। एक मीडियाकर्मी के सवाल पर कहा कि राज्य सरकार स्वयं के लिए केंद्र सरकार से पैकेज मांग रही है, हमारा मानना है कि उद्योगों को भी इस संकट के दौर से बाहर आने के लिए मदद की जानी चाहिए। यह एक राष्ट्रीय त्रासदी है, जिसमें सभी वर्ग परेशानी में हैं। अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए राज्य सरकार की बजाय केंद्र सरकार की भूमिका अधिक है।

    कोरोना और लॉकडाउन से केवल मध्यम वर्ग नहीं, सभी वर्गों की परेशानियां बढ़ी हैं। खुद सरकारें भी विषम आर्थिक हालातों का सामना कर रही हैं। पूरी अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है, इससे निपटने के लिए सभी को कुछ त्याग करना पडे़गा। देश-प्रदेश और परिवारों को खर्चों में कटौती करनी पडे़गी। वित्तीय संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना पडे़गा, तभी सबकी तकलीफें कम हो सकेंगी।

    राजस्थान पहला राज्य है, जहां मजदूरों की परेशानी को दूर करने का लक्ष्य रखकर काम शुरू किया गया है। आमजनता, समाज और प्रशासन ने इसमें भरपूर सहयोग दिया है। कुछ काम-धंधे 20 अप्रेल के बाद शुरू हो जाएंगे तो कुछ लोगों को काम मिल जाएगा। उसके बाद आकलन कर शेष मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने की योजनाएं बनाई जाएंगी।

  • 20 अप्रैल से 7 राज्यों में राहत के कदम,राजस्थान में होगा मोडीफाइड लाकडाऊन

    भोपाल. लॉकडाउन का सबसे ज्यादा नुकसान देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। 3 मई तक लॉकडाउन के दूसरे फेज में लोगों की रोजी-रोटी बचाने के लिए सरकार काफी हद तक रियायतें देने वाली है। हरियाणा में ढाबे, यूपी में ई-व्यापार, झारखंड में ई-ओपीडी चालू की जाएगी। राजस्थान, छत्तीसगढ, बिहार में भी अस्पताल और कारोबार शुरू करने की तैयारी कर ली गई है। मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर और उज्जैन के अलावा बाकी जिलों में राहतें मिलना शुरू हो जाएंगी। महाराष्ट्र और पंजाब में 30 अप्रैल तक कर्फ्यू लगा है। ऐसे में दोनों राज्यों में किसानों के अलावा किसी को कोई राहत नहीं मिलेगी।

    राजस्थान: 21 अप्रैल से मॉडिफाइड लॉकडाउन, ग्रामीण-औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पादन भी शुरू होगा
    21 अप्रैल से प्रदेश में योजनाबद्ध तरीके से मोडिफाइड लॉकडाउन लागू होगा। राज्य के ग्रामीण एवं औद्योगिक क्षेत्रों में 20 अप्रैल के बाद से उत्पादन शुरू किया जाएगा। सीएम निवास पर लॉकडाउन को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक में सीएम अशोक गहलोत ने ये निर्देश दिए। शहरी क्षेत्रों के उन उद्योगों को भी शुरू किया जाएगा, जहां श्रमिकों के लिए कार्यस्थल पर ही रहने की सुविधा है। इनमें बाहर से मजदूरों के आवागमन की अनुमति नहीं होगी। गहलोत ने निर्देश दिए कि कलेक्टर, रीको, जिला उद्योग केन्द्र व पुलिस समन्वय स्थापित कर तय करें कि लॉकडाउन के दौरान उद्योगों के शुरू होने में कोई परेशानी न आए।

    यूपी: 20 अप्रैल से शुरू होंगी व्यवसायिक गतिविधियां
    उत्तर प्रदेश में 20 अप्रैल से व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही ऑनलाइन कोरोबार भी शुरू होंगे। बड़े निर्माण कार्य भी चालू होंगे। वहीं, बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए ऑनलाइन पढ़ाई व्यवस्था का एक स्थाई मॉडल बनेगा। जिस पर काम शुरू भी हो गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने अब तक 31,939 ई-कंटेंट तैयार करते हुए 2.29 लाख छात्रों को कनेक्ट किया है। औसतन 80 हजार छात्र हर दिन उच्च शिक्षा के कोर्सेज में ऑनलाइन हिस्सा ले रहे हैं। इसके साथ स्वास्थ्य विभाग ने कोरोनावायरस से होने वाली मौतों की ऑडिट कराने के लिए सेल बनाने का निर्णय लिया है।

    हरियाणा में 20 अप्रैल से खुलेंगे ढाबे, अस्पतालों में शुरू होगी ओपीडी
    कोरोना संकट के बीच हरियाणा सरकार ने केंद्र द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 20 अप्रैल से कुछ छूट देने का फैसला किया है। गुरुवार को हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा ने कहा कि 20 अप्रैल से लॉकडाउन में कुछ छूट प्रभावी दी जाएगी। सलिए सभी उपायुक्तों को मछली पालन के लिए तालाबों की नीलामी, निर्माण कार्य, ढाबों और सामन्य सेवा केंद्रों को खोलने इत्यादि को खोलने की योजना तैयार करनी चाहिए। इन गतिविधियों के अलावा, फॉरेस्ट वाटरिंग, सिंचाई और खनन कार्य भी स्वास्थ्य प्रोटोकॉल सुनिश्चित करते हुए चरणबद्ध तरीके से किए जाने चाहिए।

    झारखंड: रिम्स में ई-ओपीडी शुरू होगी, वॉट्सऐप पर मिलेगी दवा पर्ची
    रिम्स के कोरोना सेंटर में लोगों की स्क्रीनिंग के लिए सोमवार से ई-ओपीडी शुरू होगा। इस व्यवस्था के तहत लोग घर बैठे वॉट्सऐप, ईमेल और वीडियो-ऑडियो कॉल के जरिए अपनी स्क्रीनिंग करा पाएंगे। मरीजों को ट्रैवल हिस्ट्री भी बतानी होगी। लोग टेलीफोन और मोबाइल से सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक डॉक्टरों से बात कर सकेंगे। दो बजे के बाद एक्सपर्ट से प्रिस्क्रिप्शन मिलेगा।

    एमपी: भोपाल-उज्जैन-इंदौर को नहीं एमपी में भोपाल, इंदौर, उज्जैन को छोड़कर अन्य जिलों में मिलेगी ज्यादा राहत
    मध्यप्रदेश में कोरोनावायरस का सबसे ज्यादा खतरा इंदौर, भोपाल और उज्जैन में ही है। ऐसे में सरकार 20 अप्रैल के बाद यहां कम ही राहत देगी। हालांकि, राज्य में करीब 3000 किराना दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी गई है। वहीं, आटा चक्की भी खोलने के आदेश भी दिए हैं। संक्रमण का खतरा जिन जिलों में नहीं है, बीस अप्रैल से वहां व्यावसायिक गतिविधियां सामान्य करने की कवायद होगी।

    छत्तीसगढ: अस्पताल-कारोबार शुरू करने की तैयारी
    भूपेश बघेल सरकार ने 20 अप्रैल से राज्य में अस्पताल और कारोबार शुरू करने की तैयारी कर ली है। सरकार ने अस्पतालों में ओपीडी शुरू करने को कहा है। लेकिन, इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा है। सरकार का सुझाव है- अस्पताल फोन पर मरीजों के नंबर लगाकर उन्हें बुलाएं, जिससे भीड़ न लगे। वहीं, कारोबारी 25 फीसदी कर्मचारियों के साथ अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं, बशर्ते वह कर्मचारियों के रहने और खाने की व्यवस्था करें।

    बिहार के 27 जिलों में 20 अप्रैल के बाद मिल सकती है राहत, यहां एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं
    बिहार के 27 जिले ऐसे हैं जहां मंगलवार तक कोरोना का कोई संक्रमित नहीं मिला है। ऐसा ही रहा तो इन जिलों में 20 अप्रैल के बाद राहत मिल सकती है। बिहार के 27 जिले ग्रीन जोन में हैं। प.चंपारण, पू.चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बांका, जमुई, शेखपुरा, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर और आरा जिले में कोरोना को कोई रोगी नहीं मिला है। 20 अप्रैल तक अगर इन जिलों में कोरोना का मरीज नहीं मिलता है तो राहत मिल सकती है। राज्य के आठ जिले ऑरेंज जोन में हैं। गोपालगंज, सारण, पटना, नालंदा, गया, लखीसराय, मुंगेर और भागलपुर में कोरोना के मरीज मिले हैं।(इनपुट भास्कर)

  • जयपुर:राजस्थान में कोरोना वायरस राजधानी जयपुर सहित पच्चीस जिलों में अपने पैर पसार चुका है

    लेकिन आठ जिले सीमांत श्रीगंगानगर तथा जालौर,सिरोही,सवाईमाधोपुर, बूंदी, बारां, राजसमंद एवं चित्तौड़गढ़ अभी इससे अछूते हैं।

    चिकित्सा विभाग की कोरोना वायरस के बारे में
    आज सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार इन आठ जिलों में अब तक 3754 लोगों के नमूने जांच के लिए प्राप्त हुए लेकिन इनमें अभी तक एक भी कोरोना का मरीज नहीं मिला।

    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि कोरोनावायरस पर नियंत्रण पाने के लिए राज्य सरकार, अधिकारी,। कर्मचारी, मजदूर, किसान सहित सभी वर्ग एक साथ होकर लड़ाई लड़ रहे हैं और कोरोना यौद्धाओं के इन प्रयासों एवं त्याग से यह विश्वास बढ़ गया है कि हम इस महामारी को हराकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि हम सभी को भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए कि अछूते रहे ये आठ ज़िले इस महामारी से बचे रहे।

    प्रदेश में कोरोना की चपेट में आये 25 जिलों में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मामले जयपुर में 493 पहुंच गये हैं। इनमें दो इटली के नागरिक शामिल हैं। जयपुर के इन मामलों में सर्वाधिक शहर में रामगंज थाना क्षेत्र से हैं। जयपुर में अब तक सर्वाधिक 8851 लोगों के नमूने जांच के लिए लिए गए।
    राज्य में जयपुर के बाद कोरोना कहर जोधपुर में देखने को मिल रहा है जहां शुक्रवार को 17 नये मामले सामने आने से इसके मरीजों की संख्या बढ़कर 174 पहुंच गई है। इनमें 41 मामले ईरान से जोधपुर लाये गए लोगों के शामिल हैं। जोधपुर में 3865 लोगों के नमूने जांच के लिए प्राप्त हुए।

    प्रदेश के कोटा में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 90 पहुंच गई है। इसी तरह टोंक में 77, बांसवाड़ा में 59, जैसलमेर में 44 (इसमें 14 ईरान से लाये लोग शामिल), भरतपुर में 43, झुंझुनूं में 36, बीकानेर में 35, भीलवाड़ा में 28, झालावाड़ में 18, चूरू में 14, दौसा में 12, नागौर में 10, अलवर एवं अजमेर में सात-सात, डूंगरपुर में पांच, उदयपुर में चार, करौली में तीन, हनुमानगढ़, प्रतापगढ़, सीकर और पाली में दो-दो जबकि बाड़मेर और धौलपुर में एक-एक व्यक्ति को इस बीमारी ने अपनी चपेट में लिया है।

    राज्य में अब तक 40 हजार 778 लोगों के नमूने जांच के लिए प्राप्त हुए, जिनमें 958 विस्थापित लोगों के शामिल हैं। 1169 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं जिनमें दो इटली के नागरिक तथा 55 विस्थापित शामिल हैं।
    33 हजार 736 लोगों की रिपोर्ट नकारात्मक पाई गई है जबकि 5873 की रिपोर्ट आनी शेष है।
    कोरोना वायरस के मरीजों में 164 की रिपोर्ट नकारात्मक आ चुकी हैं जबकि स्वस्थ हो चुके 82 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
    उल्लेखनीय है कि प्रदेश में इस महामारी से पन्द्रह लोगों की मौत हो चुकी है। जयपुर में सात, कोटा, जोधपुर एवं भीलवाड़ा में दो दो जबकि बीकानेर एवं टोंक में एक-एक मरीज शामिल हैं।

  • कोरोना योद्धा डॉ जेपी को नम आँखों से से दी गयी विदाई

    मौके पर विधायक और जिला प्रशासन के लोग भी पहुंचकर अर्पित किया श्रद्धासुमन

    शहनवाज हुसैन,त्रिवेणीगंज,सुपौल. दिल्ली में तैनात कोरोना योद्धा डॉ जेपी का शव बुधवार को उनके पैतृक गांव त्रिवेणीगंज के भूरा पहुंचा तो पूरा क्षेत्र गमगीन था.श्रधांजली देने लॉक डाउन के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे .ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी विनय कुमार सिंह भी उपस्थित थे. कोरोना योद्धा डॉ जेपी दिल्ली नगर निगम के पोलिक्निक में सीएमओ प्रभारी थे जिनका निधन पिछले दिनों दिल्ली में सड़क दुर्घटना में उस वक्त हो गया था जब वो क्लिनिक में स्वास्थ्यकर्मियों के बीच पीपीई किट देने गये थे और वापस आने वक्त इनके साइकिल में एक कार ने ठोकर मार दिया था.डॉ जेपी साइकिल से इसलिए क्लिनिक गये थे चूँकि इनकी कार खराब हो गयी थी और क्लिनिक जाकर पीपीई किट कर्मियों के बीच देना अत्यंत जरुरी था इसलिए डॉ ने पुत्र की साइकिल से ही निकल लिया था .

    अंतिम संस्कार के दौरान सोशल डिस्टसिंग का ख्याल रखते हुए अंत्येष्टि कार्य संपन्न किया गया। डॉक्टर जेपी को मुखाग्नि उनके 13 वर्षीय पुत्र ने दिया। मौत की खबर मिलने पर स्थानीय विधायक वीणा भारती भी कोरोना योद्धा डॉ जेपी के परिजनों से मिल ढाढ़स बँधाया और नमन कर अपना श्रधा सुमन अर्पित किया ।अपने कार्य के प्रति समर्पित रहने वाले डॉ के इस दर्दनाक मौत से बिहार सहित पूरा देश आज गमगीन है.परिवार में पत्नी और एक पुत्र तथा एक पुत्री को अपने पीछे डॉ जेपे छोड़ गये है.

    पुणे से एमबीबीएस की पढ़ाई कर देश की सेवा में तैनात डॉ जेपी को उनके कार के ख़राब हो जाने के बाद परिवार के लोगों ने अस्पताल जाने से रोका था और विनती किया था कि कार के ठीक हो जाने के बाद अस्पताल जाएँ .लेकिन डॉ जेपी ने ये कहकर साइकिल से अस्पताल निकल लिया था कि पूरा देश कोरोना से तबाह है ऐसे में कर्मियों के बीच पीपीई किट बांटना बेहद ही जरुरी है.आज पूरा देश डॉ जेपी को कोरोना योद्धा कहकर सलाम कर रहे है.

    शव के गाँव पहुँचते ही न केवल परिवार के सदस्य बल्कि पूरा गाँव लोगों के चित्कार से गूंज रहा था और नम आँखों से सभी सलाम कर अंतिम विदाई दे रहे थे.मौके पर मौजूद विधायक वीणा भारती ने कहा ऐसे कर्तव्यनिष्ठ इंसान को देश नही सम्पूर्ण राष्ट्र सलाम कर रहा है ,आज देश को अपूर्णीय क्षति हुआ है .असल में चिकित्सक ही असली भगवान है. एसडीओ विनय कुमार ने कहा सलाम है ऐसे डॉ को जिसने लोगों के लिए अपनी जान की बजा लगा दी .

    डॉ जेपी को पुरे देश सहित अन्य देशों के लोगों ने भी अपने तरीके से याद किया और सलाम किया है.क्या आम क्या ख़ास ख़ास सभी ने तरीके से डॉ जेपी को सलाम किया अहै और अपना श्रधासुमन अर्पित किया है भारत के मशहूर पत्रकार रविश कुमार ने अपने फेसबुक टाइमलाइन पर कुछ यूँ लिख कर श्रधांजली दिया है …

    कोरोना के योद्धा डॉ जे पी यादव आपको मेरा सलाम

    डॉ जे पी यादव। सोमवार को आपकी गाड़ी ख़राब हो गई। परिवार के लोगों ने कहा कि गाड़ी ठीक होने पर ही अस्पताल जाएं। लेकिन आपने कहा कि जाने में देरी होगी क्योंकि स्वास्थ्यकर्मियों को पी पी ई किट देने हैं। उनकी ज़िंदगी ज़रूरी है। यह कह कर आप बेटे की साइकिल लेकर पोलिक्लिनिक चले गए। शाम को जब घर लौट रहे थे तब पीछे से एक तेज़ी आती कार ने टक्कर मार दी। आपको नहीं बचाया जा सका। आप दक्षिण दिल्ली नगर निगम के पोलिक्निक में सीएमओ प्रभारी थे। हमें आप पर गर्व है। आपने पुणे से एम बी बी एस की पढ़ाई की थी। आप एक ज़िम्मेदार डाक्टर थे तभी तो कार ख़राब होने पर साइकिल से निकल गए। हमारी कोई भी संवेदना आपके परिवार के ग़म को हल्का नहीं कर पाएगी। फिर भी आपकी ख़बर सुनकर मन ख़राब हो गया। काश वो कार न आती और आप साइकिल से घर पहुंच जाते। काश। आप बिहार के सुपौल ज़िले के रहने वाले हैं। ऐसे वक्त में आप मानवता के सिपाही थे। उम्मीद है बिहार सरकार राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार करेगी।

  • बिहार सरकार का दो तरह का राशनकार्ड फार्म कोई संयंत्र तो नहीं?पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने की जनता से फार्म भरने में सावधानी बरतें की अपील।

    प्रेस विज्ञप्ति पटना
    १६ अप्रैल २०२०:बिहार सरकार ने लाकडाउन में भुखमरी जैसे हालात से निपटने के लिए गरीबों के लिए राशन अभियान प्रारंभ किया है और जिन योग्य परिवारों के पास अब तक राशनकार्ड नहीं बन सका उनके लिए भी फार्म निकाला है ताकि उन् लोगों की भी सहायता को सुनिश्चित किया जासके ये बेशक सराहनीय कार्य है। इन बातों का इजहार पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के प्रदेश महासचिव मोहम्मद सनाउल्लाह ने किया लेकिन साथ ही साथ उन्होंने सरकार की तरफ से दो तरह के फार्म जारी करने पर चिंता व्यक्त किया उन्होंने कहा कि गांव गांव में प्रवासी परिवार से संबंधित फार्म पहुंच गया है जिससे जनता में चिंता का विषय बना हुआ है वहीं कुछ लोगों की गलती से इस फार्म के भर देने की भी खबर आ रही है लोगों का एक वर्ग इसे कीसी संयंत्र का हिस्सा मान रहा है परन्तु बिहार सरकार को अविलंब इस अनावश्यक और संदिग्ध फार्म को वापस लेना चाहिए और सिर्फ एक फार्म इन परिवारों के लिए जारी करना चाहिए जिनका अब तक राशनकार्ड नहीं बन सका है।

    सनाउल्लाह ने लोगों से भी निवेदन किया है कि पुरी सावधानी के साथ फार्म भरें क्यूंकि वर्तमान धोखेबाज सरकार की तरफ कुछ भी संयंत्र संभव है साथ ही अपने जानने वालों में अधिक से अधिक इसके बारे में जागरूकता पैदा करने की कोशिश करें।