Category: बिहार

  • बिहार चुनाव में ओवैसी की एंट्री, आरजेडी के मुस्लिम-यादव समीकरण में लगा सकते हैं सेंध

    बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अब एआईएमआईएम और समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक के बीच गठबंधन तय हो गया है. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसकी जानकारी दी.

    बिहार विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियां कमर कस चुकी है. इस चुनाव के लिए ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी पार्टी को मजबूती प्रदान कर रहे हैं. इस क्रम में अब एआईएमआईएम और समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक (एसजेडीडी) के बीच गठबंधन तय हो गया है. जिससे बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के लिए भी खतरे की घंटी बज चुकी है.
    एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जानकारी देते हुए बताया कि बिहार चुनाव के लिए एआईएमआईएम और समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक के बीच गठबंधन तय हुआ है. यूडीएसए गठबंधन देवेंद्र प्रसाद यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा. ऐसी पार्टियां, जो साम्प्रदायिकता के खिलाफ लड़ना चाहते हैं उनका स्वागत है. वहीं बिहार में यादव और मुस्लिम आरजेडी का वोट बैंक माना जाता है, ऐसे में एआईएमआईएम और एसजेडीडी के साथ आने से आरजेडी के वोट बैंक में सेंधमारी हो सकती है.
    ओवैसी ने कहा कि हमारे बारे में पुराना रिकॉर्ड बताता है कि हम किसी से नहीं डरते हैं. हम चुनाव लड़ेंगे. लोकसभा में आरजेडी ने कितनी सीट जीती है. किशनगंज में अगर हमारी पार्टी नहीं खड़ी तो कांग्रेस वहां से नहीं जीत पाती. बीजेपी अगर जीत रही है तो उसकी जिम्मेदार आरजेडी है. हैदराबाद में मैंने बीजेपी को हराया, शिवसेना को हराया. महागठबंधन अब नहीं रहा.
    कांग्रेस पर निशाना साधते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि कांग्रेस आज शिवसेना की गोद में बैठी है. कांग्रेस खुद को धर्मनिरपेक्षता का ठेकेदा समझती है. कांग्रेस की सोच सामंती है. कांग्रेस की गलत नीतियों का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है.

    बता दें कि असदुद्दीन ओवैसी पहले ही बिहार विधानसभा चुना 2020 लड़ने का ऐलान कर चुके हैं. सितंबर महीने की शुरुआत में ओवैसी की पार्टी ने बिहार चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान भी कर दिया था. एआईएमआईएम 50 सीटों पर चुनाव लड़ने का पहले ही ऐलान कर चुकी है.

  • तेजस्वी के करीबी नेता ने भावुक होकर याद किया रघुवंश बाबू को

    पटना ( मिल्लत टाइम्स डेस्क )

    पूर्व केंद्रीय मंत्री , और समाजवादी नेता, राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ,प्रखर वक्ता रघुवंश प्रसाद सिंह का कल दिल्ली एम्स में निधन हो गया । रघुवंश प्रसाद के निधन से सियासी गलियारे में शोक की लहर है। सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष सभी खेमे के नेता रघुवंश प्रसाद की मौत को देश के लिए बड़ी क्षति मान रहे हैं। वहीं उनके निधन पर आज सोमवार को पूर्वी चंपारण जिला के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं प्रखर वक्ता , तेजस्वी यादव के काफी करीबी माने जाने वाले नेता हामिद रजा राजू ने शोक व्यक्त किया ।

    पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते युवा नेता

    हामिद रजा राजू ने शोक प्रकट करते हुए कहा कि : राजद के मजबूत स्तंभ , प्रखर समजवादी जन क्रांति कुंज हम युवाओं के पथ प्रदर्शक
    देश में गरीब मजदूर वर्ग के उद्वार के लिए मनरेगा के जनक , लोहिया के विचार धारक और जन नायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों पर चलने वाले आदरणीय श्री रघुवंश बाबू के निधन से बहुत दुखी हूं । श्री हामिद ने कहा कि : रघुवंश चाचा गरीबों के मसीहा थे , समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की आवाज़ बने रहे । वो हम युवाओं के मार्गदर्शक थे … हम सब युवा उनसे राजनीत सीखते और समझते थे ।
    उन्हों ने कहा कि : उनके निधन से राजनीतिक, सामाजिक, शिक्षा तथा समाजवाद के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है ।

     

     

    REPORT BY FAZLUL MOBEEN

  • MP: उपचुनाव के प्रचार अभियान में जुटी BJP, ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने उड़ी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ-साथ राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी शिरकत की.

    मध्यप्रदेश में 27 सीटों पर उपचुनाव (Bypolls) के लिये सत्ताधारी बीजेपी (BJP) चुनाव प्रचार में जुट गई है. खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) मैदान में उतर चुके हैं. चुनावी सभाओं व रैलियों में राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. शनिवार को मुरैना में 73 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन और करीब 194 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण का कार्यक्रम था. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ-साथ राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी शिरकत की.

    कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और सिंधिया जौरा पहुंचे. वहां भी करीब 34 करोड़ रुपये के कार्यों का भूमिपूजन और 8 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण किया गया. यहां कांग्रेस ने काले झंडे दिखाने की कोशिश की है. खुद भी भारी भीड़ में नेता कोरोना प्रोटोकॉल तोड़ते नजर आए. इस दौरान, सिंधिया की गाड़ी को लेकर भी विवाद हुआ क्योंकि वो  MP 03 सीरीज की गाड़ी में बैठे थे जिसका इस्तेमाल राज्य में पुलिस की गाड़ियों में होता है.

    वहीं उपचुनाव के मद्देनज़र प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने आगर-मालवा जिले में स्थित प्रसिद्ध बगलामुखी देवी माता मंदिर में शनिवार को पूजा अर्चना करने के बाद कांग्रेस का चुनाव प्रचार अभियान शुरू किया था.

    दो दिन पहले, कांग्रेस ने 15 सीटों पर अपने प्रत्‍याशियों के नाम की घोषणा कर दी है. पार्टी अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को इन नामों को मंजूरी दी. सांवेर सीट से कांग्रेस ने प्रेमचंद गुड्डू को मैदान में उतारा है. वे संभवत: शिवराज कैबिनेट के सदस्‍य तुलसी सिलावट के खिलाफ मोर्चा संभालेंगे.

  • दरभंगा: राहत राशि वितरण सूची में गड़बड़ी को लेकर बाढ़ पीड़ितो ने विधायक एव मेयर के खिलाफ प्रदर्शन किया, आंदोलन के अगुवाई कांग्रेसी नेता जमाल हसन की

    दरभंगा/बिहार: दरभंगा नगर निगम का घेराव आज पुनः कांग्रेस सेवा दल के जिला अध्यक्ष डॉ जमाल हसन के नेतृत्व में किया गया जिसमें हजारों की संख्या में दरभंगा शहरी क्षेत्र के सभी वार्डों से लोगो ने भाग लिया एवं नगर आयुक्त एवं मेयर का घेराव कर अपनी मांग किया! दरभंगा सेवादल के जिला अध्यक्ष डॉ जमाल हसन ने बताया की पिछली बार भी 8 सितंबर को हजारों की संख्या में दरभंगा जिला कांग्रेस सेवादल और बाढ़ पीड़ितों ने नगर निगम का घेराव कर निगम को लिखित रूप में 72 घंटे के भीतर बाढ़ पीड़ितों के बीच बाढ़ राहत राशि ट्रांसफर करने को कहा था और उस आवेदन में स्पष्ट रूप में कहा गया था कि यदि नगर आयुक्त 72 घंटे के भीतर बाढ़ पीड़ितों के बीच बाढ़ राहत राशि ट्रांसफर नहीं करती है तो 72 घंटे के बाद नगर निगम का चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा जिसे आज 72 घंटा पूर्ण होने के बाद किया है!

    डॉ जमाल हसन ने बताया की नगर निगम के इस सौतेला व्यवहार में जहां एक वार्ड के कुछ बाढ़ पीड़ितों को राशन मिलता है और अधिकतर लोगों को नहीं मिलता है इसमें यहां के विधायक और मेयर की मिलीभगत है! यह लोग अपने खास लोगों को सभी सरकारी सुविधा दे कर आम जनता को ठगने का प्रयास करते हैं जो कि यहां की जनता को बर्दाश्त नहीं है इसलिए जनता की मांग पर हमने पुनः नगर निगम बंद किया क्योंकि नगर आयुक्त को इसके संबंध में 8 तारीख को ही आवेदन दे दिया गया था इसके बाद भी नगर आयुक्त इस कार्य को पूरा नहीं कर पाए साथ ही नगर विधायक और महापौर दोनों ने इस मामले में कोई भी संज्ञान नहीं लिया और ना ही बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत राशि बांटे इस मामले में कोई भी पहल नहीं किया इन दोनों को सिर्फ चुनाव के वक्त जनता याद आती है और यह दोनों दरभंगा की जनता के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं!मोहल्ले वासियों का आरोप है कि उन वार्डो में और मोहल्लों में बाढ़ राहत की राशि भेजी जाती है जहां बाढ़ आती नहीं है, जहां बाढ़ आती है उस मोहल्ले वासियों को आज तक बाढ़ की राशि से वंचित रखा जाता है! क्या गरीबों के साथ यह भेदभाव नहीं है! ऐसा होगा तो आने वाले चुनाव में यहां के जनप्रतिनिधि को भी घेरा जाएगा! नगर निगम का घेराव करते हुए आम जनता ने नगर विधायक चोर है, मेयर चोर है का नारा लगाकर विरोध प्रदर्शन किया! उप नगर आयुक्त कमलनाथ झा से वार्ता के बाद उप नगर आयुक्त ने डॉ जमाल हसन से कहा कि प्रत्येक वार्ड जहां बाढ़ आया था वहां 5 सदस्यीय कमेटी बनाकर हमे बाढ़ पीड़ितों की सूची सौपे उसके बाद हम जांच कर बाढ़ राहत राशि ट्रांसफर करेंगे!

    नगर निगम बंद करने वालों में जिला उपाध्यक्ष संजीत पासवान, जिला महासचिव फैसल इमाम, सत्येंद्र ठाकुर जिला सचिव राजेश पासवान, मोहम्मद असगर, नगर उपाध्यक्ष रियाजुद्दीन कुरेशी, नगर सचिव तरुण ठाकुर, वार्ड 4 के सेवादल अध्यक्ष सज्जन साह,महिला सेवा दल जिला सचिव सैलो देवी, सहानी परवीन दिलीप साह, वार्ड 3 के समाजसेवी संतोष साह, मनोज साह सहित हजारों महिलाएं पुरुष मौजूद थे।

    प्रेस रिलीज़: फैसल इमाम,जिला महासचिव,दरभंगा जिला कांग्रेस सेवादल

  • ‘आपराधिक अवमानना केस में अपील को बड़ी बेंच देखे’, प्रशांत भूषण ने SC दाखिल की रिट याचिका

    इस याचिका में कहा गया है कि अपील का अधिकार संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इसकी गारंटी भी है.

    Prashant Bhushan Contempt Case: प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को एक रिट याचिका दायर की गई. इस याचिका में मांग की गई है कि मूल आपराधिक अवमानना मामलों में सजा के खिलाफ अपील का अधिकार एक बड़ी और अलग पीठ द्वारा सुना जाए. यह याचिका वकील कामिनी जायसवाल के माध्यम से दायर की गई है. इस याचिका में कहा गया है कि अपील का अधिकार संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इसकी गारंटी भी है.

    याचिका में कहा गया है कि यह गलत सजा के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगा और वास्तव में बचाव के रूप में सत्य के प्रावधान को सक्षम करेगा.

    बता दें कि 3 अगस्त को प्रशांत भूषण के सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना मामले पर फैसला सुनाते हुए एक रुपये का जुर्माना लगाया था. फैसले के अनुसार 15 सितंबर तक जुर्माना नहीं दिए जाने की स्थिति में 3 महीने की जेल हो सकती है और तीन साल के लिए उन्हें वकालत से निलंबित भी किया जा सकता है.

    63 वर्षीय प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) ने यह कहते हुए पीछे हटने या माफी मांगने से इनकार कर दिया कि यह उनकी अंतरात्मा और न्यायालय की अवमानना होगी. उनके वकील ने तर्क दिया है कि अदालत को प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) की अत्यधिक आलोचना झेलनी चाहिए क्योंकि अदालत के “कंधे इस बोझ को उठाने के लिए काफी हैं.

     

  • 32 साल तक लेकिन अब नहीं..’ बिहार चुनाव के पहले लालू यादव की पार्टी के शीर्ष नेता ने दिया इस्‍तीफा..

    रघुवंश प्रसाद सिंह पार्टी में धन कुबेरों को राज्यसभा चुनाव में प्राथमिकता देने और उनके वैशाली ज़िले में पूर्व सांसद रमा सिंह के शामिल कराये जाने के कारण ख़फ़ा चल रहे थे.

    पटना : 

    Raghuvansh prasad resigns: राष्ट्रीय जनता दल (RJD)के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh prasad Singh) ने आख़िरकार लालू यादव (Lalu yadav)की पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया. अपने हाथ से लिखे इस्तीफे के लेटर में रघुवंश बाबू ने पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष लालू यादव ने लिखा कि 32 सालों तक आपके पीछे खड़ा रहा लेकिन अभी नहीं. फ़िलहाल दिल्ली AIIMS में इलाज करा रहे रघुवंश प्रसाद सिंह ने लिखा कि पार्टी नेता, कार्यकर्र्ता और आमजनों ने मुझे बड़ा स्नेह दिया, मुझे क्षमा करे. इस पत्र के शब्दों को लेकर साफ है कि संभवत: रघुवंश अब अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार नहीं करना चाहते और मान-मनोब्बल की कोई गुंजाइश नहीं बची हैं.

    माना जा रहा हैं कि आने वाले दिनो में जैसे अस्पताल से डिस्चार्ज होंगे तब रघुवंश बाबू नीतीश कुमार के जनता दल यूनाइटेड में शामिल होंगे.रघुवंश प्रसाद सिंह पार्टी में धन कुबेरों को राज्यसभा चुनाव में प्राथमिकता देने और उनके वैशाली ज़िले में पूर्व सांसद रमा सिंह के शामिल कराये जाने के कारण ख़फ़ा चल रहे थे. 74 साल के रघुवंश बाबू पार्टी में उपाध्‍यक्ष का पद संभाल रहे थे और वे लालू के बेहद भरोसेमंद नेताओं में शुमार किए जाते थे. वे केंद्र सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं.

    गौरतलब है कि रघुवंश इस समय पार्टी का जिस तरह से संचालन किया जा रहा था, उससे खुश नहीं थे और इस बारे में उन्‍होंने साल की शुरूआत में लालू को लेटर भी लिखा था.लालू यादव को लिखे एक पत्र में रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र बहाल करने के अलावा पार्टी को और अधिक आक्रामक बनाने का सुझाव दिया था.पत्र को पढ़ने से दो बातें साफ़ होती हैं, एक वो राज्य इकाई की कमान संभाल रहे जगदानंद सिंह के कार्यशैली से ख़ुश नही हैं. दूसरा तेजस्वी यादव की राज्य की राजनीति से अनुपस्थिति पर भी उन्होंने अपना नाराज़गी सार्वजनिक की है.रघुवंश ने अपने पत्र में ये भी कहा है कि राज्य सरकर को घेरने के लिए ना कोई ढंग का बयान दिया जाता हैं और ना संवादाता सम्मेलन आयोजित किया जाता है.

  • पटना में 21 सितंबर से स्कूल खोलने का आदेश, डीएम ने किया एलान

    मुजफ्फर आलम/मिल्लत टाइम्स
    पटना। के डीएम कुमार रवि ने 21 सितंबर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी एसओपी का ख्याल रखते हुए कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए शिक्षण संस्थान को खोलने का परमिशन दे दिया है. पटना जिलाधिकारी कुमार रवि ने अनलॉक-4 को लेकर सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, सभी थानाध्यक्ष सहित प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी को को प्रभावी कार्यान्वयन का निर्देश दिया है.

    गृह विभाग की ओर से जारी आर्डर के मुताबिक डीएम कुमार रवि ने अनलॉक-4 के तहत कंटेनमेंट जोन के बाहर सभी गतिविधियों की अनुमति प्रदान करते हुए मात्र निम्न गतिविधियों पर रोक लगाई है. शिक्षण संस्थानों में 50% तक शिक्षण और गैर शिक्षण कर्मचारियों को ऑनलाइन कक्षा/ टेली काउंसलिंग और संबंधित कार्यों के लिए 21 सितंबर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया के आलोक में शिक्षण संस्थान में आने की अनुमति रहेगी. 9 वीं से 12 वीं तक के छात्र, पढ़ाई के सिलसिले में शिक्षकों से स्कूल में मुलाकात कर सकते हैं, पर इसके लिए अभिभावक की इजाजत जरूरी होगी.

    गृह मंत्रालय की ओर से कोविड-19 के प्रसार को रोकने हेतु कंटेनमेंट जोन में लॉक डाउन की अवधि को 30 सितंबर तक विस्तारित करते हुए कंटेनमेंट जोन के बाहर अनलॉक 4 के संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश 29 अगस्त को ही दिए गए हैं. इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, बिहार सरकार द्वारा गृह मंत्रालय के उपयुक्त आदेश को यथावत लागू एवं अनुपालित किए जाने के संबंध में 7 सितंबर को निर्देश निर्गत किए गए हैं. तदनुसार जिलाधिकारी पटना द्वारा इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. अब दुकानों के खोलने की समयावधि के संदर्भ में स्थानीय स्तर पर लागू लॉकडाउन संबंधी आदेश अब प्रभावी नहीं हैं. दुकानों को खोलने एवं बंद करने संबंधी कार्य दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम एवं सुसंगत कानूनी प्रावधानों के तहत किए जाएंगे.

    पटना डीएम के मुताबिक स्कूल, कॉलेज ,शैक्षणिक संस्थान, कोचिंग संस्थान सभी छात्रों के लिए 30 सितंबर तक बंद रहेंगे. लेकिन निम्न गतिविधियां परिचालित हो सकेंगी –

    1. ऑनलाइन एवं दूरस्थ शिक्षा को जारी रखते हुए इसके बढ़ावा देने की अनुमति दी गई है.

    2. शिक्षण संस्थानों में 50% तक शिक्षण/ गैर शिक्षण कर्मचारियों को ऑनलाइन कक्षा/ टेली काउंसलिंग और संबंधित कार्यों के लिए 21 सितंबर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया के आलोक में शिक्षण संस्थान में आने की अनुमति रहेगी.

    3. कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को कंटेनमेंट जोन के बाहर अवस्थित विद्यालयों में स्वैच्छिक आधार पर शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त करने हेतु 21 सितंबर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया के आलोक में शिक्षण संस्थान में आने की अनुमति रहेगी.

    4. राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों/ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कौशल या उद्यमिता प्रशिक्षण में कौशल या औद्योगिक प्रशिक्षण हेतु 21 सितंबर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया के आलोक में संचालन की अनुमति रहेगी.

    5. सामाजिक/ शैक्षणिक/ मनोरंजन/ सांस्कृतिक/ धार्मिक/ राजनीतिक,/ खेलकूद आदि कार्यक्रम में अधिकतम 100 व्यक्तियों के जमावड़े की अनुमति मास्क पहनने, सामाजिक दूरी का अनुपालन थर्मल स्कैनिंग हैंडवॉश सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था के साथ 21 सितंबर से रहेगी. लेकिन विवाह समारोह के लिए अधिकतम 50 व्यक्तियों तथा दाह संस्कार में अधिकतम 20 लोगों के शामिल होने की अनुमति 20 सितंबर तक रहेगी. 21 सितंबर से अधिकतम 100 व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति रहेगी.

    6. सिनेमाघर, स्विमिंग पुल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर एवं इस तरह के सभी स्थल बंद रहेंगे. लेकिन ओपन थिएटर को 21 सितंबर से संचालित करने की अनुमति रहेगी.

  • चिराग पासवान का एक और पत्र जिसका जवाब नीतीश कुमार के पास नहीं |

    चिराग पासवान  के एक पत्र का जवाब नीतीश कुमार  के पास नहीं है. दलितों ने चिराग पासवान के सामने नीतीश कुमार के फैसले पर उठाए सवाल हैं जिसके बाद चिराग ने नीतीश कुमार को पत्र लिखा है. चिराग पासवान ने कहा है कि यदि चुनावी घोषणा नहीं है तो पिछले 15 साल में जितने भी दलितों की हत्याएं हुई हैं उन सभी के परिजनों को सरकार नौकरी दे. गौरतलब है कि बिहार सरकार ने दलित की हत्या होने पर उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है. आने वाले दिनों में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं.

    चिराग पासवान ने कहा है कि एससी, एसटी समाज का कहना कि इसके पूर्व तीन डिसमिल जमीन देने का वादा भी सरकार ने पूरा नहीं किया था जिससे अनुसूचित जाति और जनजाति समाज को निराशा हुई थी. हत्या एक अपराध है और अपराधियों में डर न्याय प्रक्रिया का होना चाहिए ताकि हत्या जैसे जघन्य अपराध से बचें.

    चिराग पासवान ने नीतीश से कहा है कि अनुसूचित जाति-जनजाति ही नही बल्कि किसी वर्ग के किसी भी व्यक्ति की हत्या न हो, इस दिशा में भी कठोर कदम उठाने की जरूरत है. पिछले 15 सालों में जितने भी एससी-एसटी समुदाय के लोगों की हत्या के मामले न्यायालय में लंबित हैं उन्हें फास्ट ट्रैक कोर्ट को सौंपा जाए. इन दोनो मांगों के साथ लोक जनशक्ति पार्टी सहमत है. लोजपा की यह मांग मांगने से सरकार पर सम्पूर्ण बिहारी का विश्वास बढ़ेगा, अन्यथा जनता इसको मात्र चुनावी घोषणा मानेगी.

     

  • बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री की पत्नी की कोरोना से हुई मौत,राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर

    मुजफ्फर आलम/मिल्लत टाइम्स
    पटना : अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद आलम की पत्नी का निधन हो गया. उनके निधन से राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गयी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके निधन पर शोक जताय. साथ ही मंत्री खुर्शीद आलम ढांढस बंधाया है.

    कोरोना संक्रमण की वजह से खुर्शीद आलम की पत्नी को पटना एम्स में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गयी. ड़ॉक्टरों की माने तो भर्ती के दिन से ही उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट हो रही थी. इधर सीएम ने अपने शोक संदेश में दुख जताते हुए कहा कि वो एक कर्तव्यपरायण महिला थी.

    उधर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शोक-संवेदना व्यक्त किया है.अपने शोक संदेश में में तेजस्वी यादव ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में भगवान शोक-सम्पत्त परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे. बता दें कि खुर्शीद अहमद नीतीश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हैं.

    स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुरूवार को जारी आंकड़े के अनुसार आज एक बार फिर बिहार में कोरोना के 1922 नए मरीज मिले हैं. स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया है की अब बिहार में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 18029 हो गयी है. आज पटना में कोरोना से संक्रमित 255 नए मरीज मिले हैं. जबकि अररिया में 121, भागलपुर में 103, पूर्वी चंपारण में 81, किशनगंज में 50, मधुबनी में 121, मुजफ्फरपुर में 113 और सुपौल में कोरोना के 59 नए मरीज मिले हैं.

  • रुमी सहित क़ई हत्याकांडों में पुलिस की निष्क्रियता को ले इंसाफ मंच का आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन ।

    #प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए समाहरणालय को पुलिस फोर्स से भर दिया।

    #प्रदर्शनकारियों को कमिशनरी से पहले ही पुलिस ने रोका, प्रदर्शनकारियों की पुलिस से हुई धक्का-मुक्की।

    लहेरियासराय, 2 सिंतबर 2020।
    रूमी हत्याकांड लहेरियासराय थाना कांड संख्या358/20 के अभियुक्त डॉक्टर को गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार पर हुए झूठा मुक़दमा लहेरियासराय थाना कांड संख्या 357/20 वापस लेने, पंचायत समिति सदस्य मो कैशर हत्याकांड सदर थाना कांड संख्या 312/20 के अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने, सिहवाड़ा थाना कांड संख्या 95/20, मो नाज़िम हत्याकांड के साजिशकर्ता की गिरफ्तारी, मुखिया रियाजुद्दीन हत्याकांड मनीगाछी थाना कांड संख्या 135/20 के साजिशकर्ता की गिरफ्तारी, आंदोलकारियों पर हुये झूठा मुक़दमा सदर थाना कांड संख्या 354/20 को वापस लेने सहित 6 सूत्री मांग पत्र को लेकर इंसाफ मंच के दरभंगा जिला कमिटी के नेतृत्व में आज दरभंगा पोलो मैदान के गेट से दरभंगा आईजी के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन निकाला गया।

    प्रदर्शन का नेतृत्व इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद, भाकपा(माले) राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार, भाकपा(माले) जिला स्थायी समिति सदस्य अशोक पासवान, भाकपा(माले) सिंहवाड़ा प्रखंड सचिव सुरेंद्र पासवान, मो0 इजाज अतहर” बबलू, रियाज खान कादरी, ऐपवा जिला सचिव शनिचरी देवी व रशीदा खातून ने किया। आईजी के समक्ष प्रदर्शन को देखते हुए लहेरियासराय टॉवर से लेकर कमिशनरी तक पुलिस फोर्स से भर दिया गया था। प्रदर्शनकारी पोलो मैदान के गेट के पास जुटकर वहीं से जुलूस की शक्ल में नारा लगाते हुए आई जी कार्यालय की ओर बढ़े तो लहेरियासराय पुलिस इंस्पेक्टर के नेतृत्व में पुलिस फोर्स ने प्रदर्शनकारियों को कमिशनरी से पहले ही तीनकोनवां के पास रोक दिया। प्रदर्शनकरियों की पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुआ और पुलिस को पीछे हटना पड़ा। और कमिशनरी के पास ही प्रदर्शनकारी सड़क पर धरना पर बैठ गए। अरई-बिरदीपुर के पूर्व मुखिया प्रतिनिधि सुरेंद्र पासवान की अध्यक्षता में आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए भाकपा(माले) राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार ने कहा कि जिला परिषद सदस्य रूमी का मामला हो या फिर छोटाईपट्टी पंचायत समिति सदस्य मो कैसर व मनीगाछी के मुखिया रियाजुद्दीन की हत्या का मामला हो सभी मामलों में पुलिस हाथ पर हाथ रख बैठी हुई हैं। अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं कर रहीं हैं। प्रदर्शन के माध्यम से आज पुलिस को अल्टीमेटम देने आये हैं कि हत्यारों को संरक्षण देना बंद करें औऱ जल्द गिरफ्तार करें।
    इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद ने कहा कि जिला परिषद सदस्य जमाल अतहर रूमी की हत्या की उच्चस्तरीय जांच कराया जाना चाहिए और इस बात का भी जांच हो कि जब रूमी का कोविड 19 जांच नेगटिव था तो उनके परिवार के बगैर कैसे जेसीबी से रातों-रात कब्र खोदवाकर दफन कर दिया गया। इस तरह का जबर्दस्ती करने वाले पदाधिकारी पर भी कार्रवाई होना चाहिए। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुआ तो पीड़ित परिवार प्रशासन के समक्ष आमरण अनशन पर बैठने को बाध्य होंगे। भाकपा(माले) सदर प्रखंड सचिव अशोक पासवान ने कहा कि सदर प्रखंड में पंचायत समिति सदस्य मो कैशर की हत्या हो गई लेकिन हत्यारा की गिरफ्तारी में पुलिस फेल हैं। सभा को ऐपवा जिला सचिव शनिचरी देवी, रसीदा खातून, पंचायत समिति सदस्य मो अरशद अलि”मरगूब, वसी अहमद,भाकपा(माले) जिला कमिटी सदस्य धर्मेश यादव, राजा पासवान, आइसा नेता मयंक कुमार,गुलाब हाफीजी, मो. मेराज, आदि सभा को सम्बोधित किया। प्रदर्शनकारियों का इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद के नेतृत्व में 5 सदस्यीये प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात मिथिला प्रक्षेत्र आईजी से सकारात्मक वार्ता हुई। उसके बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।