Category: देश

  • दो महीने बाद दिल्ली की जामा मस्जिद में पढ़ी गई नमाज

    नई दिल्ली. लॉकडाउन फेज-4 का शुक्रवार को पांचवां दिन है। लॉकडाउन के नियमों में ढील मिलने से अब धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य होते जा रहा है। दिल्ली की जामा मस्जिद में रमजान के पवित्र महीने के आखिरी शुक्रवार को नमाज पढ़ी गई। उधर, आज उत्तर भारत के कई इलाकों में लॉकडाउन के बीच महिलाओं ने घर से बाहर निकलकर वट सावित्री पूजा की।

    दिल्ली
    राजधानी के कई इलाकों में धीरे-धीरे बाजार खुलते जा रहे हैं। लोग भी अब अपनी जरूरत के हिसाब से चीजें खरीदने पहुंच रहे हैं।
    रमजान महीने के आखिरी शुक्रवार को यहां कुछ लोगों ने नमाज पढ़ी। बाकी आम लोगों के यह बंद रही। आमतौर पर हर शुक्रवार को यहां 10 हजार लोग इबादत करने पहुंचते हैं।
    दिल्ली में शुक्रवार को लोग बाजार में मटके खरीदते दिखे। दुकानदार का कहना था कि ग्राहकी शुरू हो गई है।
    मध्यप्रदेश
    राज्य सरकार ने ग्रीन जोन में हेयर कटिंग सैलून और पार्लर खोलने की अनुमति दी है। भोपाल में फिलहाल सैलून या पार्लर नहीं खुलेंगे। रेस्त्रां को होम डिलीवरी की अनुमति है। इसके अलावा, जरूरी सामानों की दुकानें शुक्रवार को खुली दिखीं।

    भोपाल में लॉकडाउन फेज-4 में रेस्टोरेंट खोलने की इजाजत दी गई है, लेकिन सिर्फ होम डिलीवरी की जा सकती है।
    राजस्थान
    लॉकडाउन की वजह से देशभर में श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट है। लेकिन राज्य में मनरेगा श्रमिकों को काम दिया जा रहा है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार यहां 36 लाख मजदूर को काम दिया गया है।

    बाडमेर|यहां तापमान 45 डिग्री से ज्यादा पर पहुंच गया है। पानी की किल्लत होने लगी है। शुक्रवार को महिलाएं क्षतिग्रस्त पाइप लाइन से लीक होने वाले पानी को भरती दिखीं।
    उत्तर प्रदेश|लॉकडाउन-4 में मिली राहत के बाद शुक्रवार को लखनऊ में स्टेशनरी, ऑप्टिक्स समेत कई दुकानें खुलीं। प्रशासन ने यहां लेफ्ट-राइट फॉर्मूले की तर्ज पर दुकानें खोलने की मंजूरी दी है।
    कर्नाटक|लॉकडाउन को 59 दिन हो गए हैं। राज्य सरकार धीरे-धीरे लॉकडाउन में ढील दे रही है। कर्नाटक में आज से इंटरस्टेट ट्रेनें चलीं। दक्षिण पश्चिम रेलवे के पीआरओ ने बताया कि पहली इंटरस्टेट ट्रेन कांटेरावा सांगोली रायन्ना स्टेशन बेंगलुरु से बेलगाम रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुई।

    बिहार
    राज्य सरकार ने रेड जोन के अलावा अन्य इलाकों में सभी तरह की दुकानें खोलने की मंजूरी दे दी है। पिछले तीन दिनों से पटना में चश्मा, फर्नीचर, किताबें, स्टेशनरी की दुकानें खोली गईं। लोग भी अपने जरूरी कामों को करने के लिए घर से बाहर निकले।(इनपुट भास्कर)

  • आज भारत में चांद नजर नहीं आया 25 को होगी ईद: शाही इमाम

    लुधियाना 23 मई (मेराज़ आलम ब्यूरो) आज यहां पंजाब के दीनी मरकज जामा मस्जिद लुधियाना में रूअते हिलाल कमेटी पंजाब (चांद देखने वाली कमेटी) की विशेष मीटिंग हुई जिसकी अध्यक्षता पंजाब के शाही इमाम व रूअते हिलाल कमेटी पंजाब के अध्यक्ष मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने की। इस मीटिंग में पंजाब भर से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज कहीं भी ईद उल फितर का चांद नजर नहीं आया , इस लिए ईद का पवित्र त्योहार 25 मई दिन सोमवार को मनाया जाएगा।

  • बंगाल में 72 लोगों की मौत,कोलकाता एयरपोर्ट पानी में डूबा;प्रधानमंत्री मोदी कल तूफान प्रभावित इलाकों का करेंगे दौरि

    कोलकाता. पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बुधवार को तबाही मचाने के बाद भीषण चक्रवाती तूफान अम्फान अब धीमा पड़ने लगा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि तूफान की वजह से बंगाल में 72 लोगों की मौत हुई है। राज्य में 5500 घर तबाह हो गए, हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कि ऐसी तबाही कभी नहीं देखी। ममता ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी से अपील करूंगी कि वे खुद बंगाल आएं और यहां के हालात देखें।” ममता की अपील के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साइक्लोन प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा करने जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे शुक्रवार सुबह कोलकाता पहुंचेंगे।

    प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा- बंगाल में तूफान से हुई तबाही की तस्वीरें देखीं। पूरा देश मजबूती के साथ बंगाल के साथ खड़ा है। राज्य के लोगों की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहा हूं। प्रभावितों की मदद में कोई कसर बाकी नहीं रखी जाएगी।

    कोलकाता में 190 किमी/घंटा की रफ्तार से चली थीं हवाएं

    मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान 27 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ रहा है। इसके और कमजोर होने के आसार हैं। तूफान की वजह से असम, मेघालय में आज हल्की बारिश और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। तूफान की वजह से बुधवार को पश्चिम बंगाल में हवा की रफ्तार 190 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी।

    तूफान के चलते कोलकाता एयरपोर्ट पर भारी तबाही हुई है। पूरा एयरपोर्ट पानी से भर गया है। शेड गिरने से कई विमान भी क्षतिग्रस्त हो गए। अब एयरपोर्ट अथॉरिटी पानी निकालने की कोशिश में जुटा हुआ है। तूफान से हुए नुकसान का आंकलन भी किया जा रहा है।

    6.6 लाख लोग पहले ही सुरक्षित जगह पहुंचा दिए थे

    तूफान बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे कोलकाता पहुंचा। शाम साढ़े सात बजे हवा की रफ्तार धीमी हुई। इन 5 घंटों में तूफान काफी तबाही मचा चुका था। तूफान आने से पहले ही 6.6 लाख लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिए गए थे। बंगाल में पिछले तीन दिन में 5 लाख लोग तटीय इलाकों से हटाकर शेल्टर होम पहुंचा दिए थे। ओडिशा में 1.6 लाख लोग रेस्क्यू किए गए। मौसम विभाग के डीजी मृत्युंजय महापात्रा का कहना है कि तूफान के रास्ते और समय का सही आकलन होने से रेस्क्यू में काफी मदद मिली।

    तूफान से ओडिशा और बंगाल में कितने जिले प्रभावित?

    ओडिशा के 9 जिले पुरी, गंजम, जगतसिंहपुर, कटक, केंद्रापाड़ा, जाजपुर, गंजाम, भद्रक और बालासोर प्रभावित हैं। पश्चिम बंगाल के तटीय जिले पूर्वी मिदनापुर, 24 दक्षिण और उत्तरी परगना के साथ ही हावड़ा, हुगली, पश्चिमी मिदनापुर और कोलकाता पर तूफान का असर रहा।

    एनडीआरएफ की टीम के सामने कई चुनौती

    एनडीआरएफ चीफ एसएन प्रधान ने कहा कि कोरोनाकाल में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में राहत बचाव कार्य करना बड़ी चुनौती है। तूफान से आई तबाही से लोगों के घर बर्बाद हो गए हैं। सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे टूटकर गिरे हैं। इन सब को साफ किया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन के नियमों का पालन भी किया जा रहा है।

    गृह मंत्रालय की टीम दोनों प्रदेश जाएगी
    कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गाबा ने गृह मंत्रालय के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वह दोनों प्रदेशों के सरकार के संपर्क में रहें। किसी भी तरह की जरूरत पड़ने पर मदद करें। यह भी तय हुआ कि जल्द ही गृह मंत्रालय की एक टीम दोनों प्रदेशों का दौरा करेगी और तूफान से होने वाले नुकसान का आंकलन करेगी।(इनपुट भास्कर)

  • मानू और हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्रो ने ट्विटर पर लगाई मदद की गुहार,प्रशासन को लिखा पत्र

    सैफुररहमान/मिल्लत टाईम्स,हैदराबाद
    लाक डाउन 3.0 जहां समाप्त होने को है वहीं देश के अलग-अलग राज्यों मे फंसे हज़ारों लोगो की परेशानियां लगातार बढ रही हैं, जहां हज़ारों मजदुर हज़ारों किलो मीटर की यात्रा पैदल ही करने को विवश हैं वहीं सैकड़ो मजदूरों ने इस क्रम मी अपनी जान भी गवाई है
    वहीं सैकड़ो छात्र अब भी विश्वविद्यालयों मे फंसे हूए हैं, जहां दारूल ऊलूम देवबंद के सैकड़ो तलबा का पैदल घर जाने की खबर है , वहीं हैदराबाद के मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी और हैदराबाद विश्वविद्यालय मे फंसे बिहार, उत्तर प्रदेश, प. बंगाल व अन्य राज्यों के छात्रो का आज गुस्सा फूट पड़ा, छात्रो ने ट्यूटर पर “सेंडबैकहोम” हैस टैग चलाया तथा उनको घर पहूँचाने की मांग की, छात्रो का कहना था की अमीरों के बच्चों कोटा से घर भेजने का सरकार ने प्रबंध करवाया लेकिन गरीबों के बच्चों के लिए अब तक कोई प्रबंध नहीl

    छात्रो ने हैदराबाद प्रशासन, तेलंगाना सरकार, बिहार तथा उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियो को भी टैग करके अपने वापसी के लिए उचित प्रबंध की मांग कीl
    छात्रो ने हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन अोवैसी से भी सवाल किया कि शहर मे फंसे छात्रो की तरफ उनकी निगाह क्यूं नही जा रही हैl
    वहीं कैम्पस फ्रंट आफ इंडिया के मानू इकाई के प्रतिनिधियों ने भी हैदराबाद प्रशासन, तेलंगाना और बिहार सरकार को मेल भेज कर छात्रो को यथाशीघ्र घर भेजने की मांग की हैl

    एक छात्र ने बताया कि छात्रो का राशन भी खत्म हो गया है वहीं छात्र मानसिक रुप से भी परेशान हैं.

  • आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए 20 लाख करोड़ का पैकेज;18 मई से लॉकडाउन-4 होगा नए रंग-रूप में

    नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को 54 दिन में पांचवीं बार देश के सामने आए। अपने संबोधन में उन्होंने चार अहम बातें कहीं। पहली- देश को आत्मनिर्भर बनना होगा। दूसरी- आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज दिया जाएगा। तीसरी- आत्मनिर्भर बनने की राह में हमें लोकल प्रोडक्ट्स को अपनाना होगा। चौथी- लॉकडाउन का चौथा फेज आएगा, पर यह नए रंग-रूप और नए नियमों वाला होगा।

    33 मिनट के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने 2300 से भी ज्यादा शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने सबसे ज्यादा 28 बार आत्मनिर्भर शब्द का जिक्र किया। हालांकि, प्रधानमंत्री ने उन प्रवासी मजदूरों का कोई जिक्र नहीं किया, जो पिछले कुछ दिनों से दिक्कतों का सामना करते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों से अपने घरों की ओर जा रहे हैं। उन्होंने आर्थिक पैकेज की घोषणा के दौरान सिर्फ इतना कहा कि इसमें प्रवासी मजदूरों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले होंगे।

    भारत दुनिया का 5वां ऐसा देश, जिसने जीडीपी के 10% हिस्से के बराबर पैकेज दिया
    लॉकडाउन के दौर में भारत दुनिया का पांचवां ऐसा देश बन गया है, जिसने अपनी जीडीपी का 10% या उससे ज्यादा हिस्सा आर्थिक पैकेज के तौर पर दिया है। भारत से पहले जापान अपनी जीडीपी का 21%, अमेरिका 13%, स्वीडन 12% और जर्मनी 10.7% के बराबर का आर्थिक पैकेज घोषित कर चुके हैं।

    मोदी ने कहा- भारत ने आपदा को अवसर में बदला

    भारत में लोगों ने अपने स्वजन खोए: प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, ‘‘सभी देशवासियों को आदरपूर्वक नमस्कार। कोरोना संक्रमण से मुकाबला करते हुए दुनिया को अब चार महीने से ज्यादा समय बीत गया है। इस दौरान तमाम देशों के 42 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। पौने तीन लाख से ज्यादा लोगों की दु:खद मृत्यु हुई है। भारत में भी अनेक परिवारों ने अपने स्वजन खोए हैं। मैं सभी के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।’’
    एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस किया: ‘‘एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है। विश्व भर में करोड़ों जिंदगियां संकट में हैं। हमने ऐसा संकट न देखा है, न ही सुना है। निश्चित तौर पर मानव जाति के लिए यह सब कुछ अकल्पनीय है। यह क्राइसिस अभूतपूर्व है, लेकिन थकना, हारना, टूटना, बिखरना, मानव को मंजूर नहीं है। सतर्क रहते हुए, ऐसी जंग के सभी नियमों का पालन करते हुए अब हमें बचना भी है और आगे बढ़ना भी है।’’
    संकल्प संकट से भी विराट होगा: ‘‘आज जब दुनिया संकट में है तो हमें अपना संकल्प और मजबूत करना होगा, हमारा संकल्प इस संकट से भी विराट होगा। साथियो! हम पिछली शताब्दी से ही लगातार सुनते आए हैं कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की है। कोरोना संकट के बाद भी दुनिया में जो स्थितियां बन रही हैं, उसे भी हम निरंतर देख रहे हैं। विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है, आत्मनिर्भर भारत। हमारे यहां शास्त्रों में भी यही कहा गया है। इतनी बड़ी आपदा भारत के लिए एक संकेत, एक संदेश, एक अवसर लेकर आई है।’’

    भारत ने आपदा को अवसर में बदला: ‘‘मैं एक उदाहरण के साथ अपनी बात बता रहा हूं। जब कोरोना संकट शुरू हुआ, तब भारत में एक भी पीपीई किट नहीं बनती थी। एन-95 मास्क का भारत में नाममात्र उत्पादन होता था। आज स्थिति यह है कि भारत में ही हर रोज दो लाख पीपीई और दो लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं। हम ऐसा इसलिए कर पाए, क्योंकि भारत ने आपदा को अवसर में बदल दिया। ऐसा करने की भारत की दृष्टि आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प के लिए उतनी ही प्रभावी होने वाली है।’’
    हम बेस्ट प्रोडक्ट बनाएंगे, सप्लाई चेन को आधुनिक बनाएंगे: ‘‘आज फिर भारत विकास की ओर सफलतापूर्वक कदम बढ़ा रहा है, तब भी विश्व कल्याण की राह पर अटल है। इस शताब्दी की शुरुआत के समय y2k संकट आया था। भारत के वैज्ञानिकों ने दुनिया को इस संकट से निकाला था। आज हमारे पास साधन, सामर्थ्य है, दुनिया का सबसे बेहतरीन टैलेंट है। हम बेस्ट प्रोडक्ट बनाएंगे। अपनी क्वॉलिटी और बेहतर करेंगे। सप्लाई चेन को और आधुनिक बनाएंगे। ये हम कर सकते हैं और हम जरूर करेंगे।’’

    मोदी की स्पीच के 3 अहम प्वाइंट
    1. आत्मनिर्भर भारत: मोदी ने कहा- ‘‘मैंने अपनी आंखों के साथ कच्छ भूकंप के दिन देखे हैं। हर तरफ सिर्फ मलबा ही मलबा। सबकुछ ध्वस्त हो गया था। ऐसा लगता था मानो कच्छ मौत की चादर ओढ़ कर सो गया था। उस परिस्थिति में कोई सोच भी नहीं सकता था कि कभी हालत बदल पाएगी। लेकिन देखते ही देखते कच्छ उठ खड़ा हुआ। यही हम भारतीयों की संकल्प शक्ति है। हम ठान लें तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं, कोई राह मुश्किल नहीं। और आज तो चाह भी है, राह भी है। ये है भारत को आत्मनिर्भर बनाना।’’

    2. आत्मनिर्भर भारत के 5 स्तंभ: ‘‘भारत आत्मनिर्भर बन सकता है। यह भव्य इमारत पांच पिलर्स पर खड़ी है।

    पहला पिलर- इकोनॉमी। एक ऐसी इकोनॉमी जो इन्क्रीमेंटल चेंज नहीं, बल्कि क्वांटम जम्प लाए।
    दूसरा पिलर- इन्फ्रास्ट्रक्चर। एक ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर जो आधुनिक भारत की पहचान बने।
    तीसरा पिलर- सिस्टम। ऐसा सिस्टम जो बीती शताब्दी की रीति नहीं, बल्कि 21वीं शताब्दी की टेक्नोलॉजी ड्रिवन व्यवस्था पर आधारित हो।
    चौथा पिलर- डेमोग्राफी। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की डेमोग्राफी आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ऊर्जा का स्रोत है।
    पांचवां पिलर- डिमांड। इसका चक्र और इसकी ताकत का इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है।’’
    3. विशेष आर्थिक पैकेज: ‘‘देश में डिमांड बढ़ाने और इसे पूरा करने के लिए हमारी सप्लाई चेन के हर स्टेकहोल्डर का सशक्त होना जरूरी है। हमारी सप्लाई चेन को हम मजबूत करेंगे, जिसमें मेरे देश की मिट्‌टी की महक हो। हमारे मजदूरों के पसीने की खुशबू हो। कोरोना संकट का सामना करते हुए नए संकल्प के साथ मैं आज 20 लाख करोड़ रुपए के एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं। यह आर्थिक पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा।’’

    मोदी ने विशेष पैकेज क्यों दिया?
    1. प्रधानमंत्री के मुताबिक, 20 लाख करोड़ रुपए का यह पैकेज भारत की जीडीपी का करीब-करीब 10 फीसदी है। इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को 20 लाख करोड़ रुपए का संबल और सपोर्ट मिलेगा।
    2. यह पैकेज 2020 में देश की विकास यात्रा को और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देगा। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए इस पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडी और लॉ… सभी पर बल दिया गया है।
    3. मोदी ने कहा कि आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, लघु उद्योग, एमएसएमई के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन हैं।
    4. आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए, उस किसान के लिए है, जो हर स्थिति और हर मौसम में देशवासियों के लिए दिन-रात परिश्रम कर रहा है। यह पैकेज देश के मध्यमवर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है। यह भारत के उद्योगपतियों के लिए जो भारत को आर्थिक बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं।
    5. ‘‘गरीब, श्रमिक, प्रवासी मजदूर हों, मछुआरे हों, हर तबके लिए आर्थिक पैकेज में कुछ महत्वपूर्ण फैसलों का ऐलान किया जाएगा। कोरोना ने हमें लोकल मैन्यूफैक्चरिंग, लोकल सप्लाई चेन, लोकल मार्केटिंग का भी मतलब समझा दिया है। लोकल ने ही हमारी डिमांड पूरी की है और हमें इस लोकल ने ही बचाया है। लोकल सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि हम सबकी जिम्मेदारी है।’’

    कोरोना पर अब तक मोदी के 4 संदेश

    पहला: प्रधानमंत्री ने 19 मार्च को देश को संबोधित किया था और जनता कर्फ्यू लगाने की बात कही थी। 22 मार्च को देशभर में सबकुछ बंद रहा। शाम को लोगों ने घरों के अंदर से ही कोरोना फाइटर्स का ताली और थाली बजाकर आभार जताया था।

    दूसरा: मोदी ने 24 मार्च को संबोधित किया और कोरोना संक्रमण रोकने के लिए 25 मार्च से 14 अप्रैल तक देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि कोरोना की चेन तोड़ने के लिए लोग घरों में रहने की लक्ष्मण रेखा का पालन करें।
    तीसरा: प्रधानमंत्री मोदी ने 3 अप्रैल को एक वीडियो संदेश जारी किया। इस दौरान लोगों से 5 अप्रैल की रात 9 बजे 9 मिनट के लिए घरों की लाइट बंद कर घरों में दीये, मोमबत्ती और मोबाइल की लाइट जलाकर एकजुटता दिखाने की अपील की थी।
    चौथा: प्रधानमंत्री मोदी 14 अप्रैल को एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित किया था। इसमें उन्होंने लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया था।
    लॉकडाउन के अब तक तीन फेज

    कोरोना की वजह से देश पहला लॉकडाउन 25 मार्च से 14 अप्रैल तक और दूसरा लॉकडाउन 15 अप्रैल से 3 मई तक रखा गया था। इसके बाद तीसरे फेज का लॉकडाउन 4 मई से शुरू हुआ जो 17 मई तक चलेगा। (इनपुट भास्कर)

  • दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लॉकडाउन में मांगा जनता से सुझाव

    आशिफ अली,मिल्लत टाइम्स: दिल्ली
    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट कर के लॉकडाउन में मांगी जनता से उनकी राय । कहा कि दिल्ली में 17 मई के बाद क्या दिल्ली में लॉकडाउन में ढील देनी चाहिए अगर देनी चाहिए तो ? कितनी ढील देनी चाहिए? जनता से मांगा सुझाव | अरविंद केजरीवाल सुझाव देने के लिए जारी किया नंबर | कृपया अपने सुझाव 8800007722 इस नंबर पर मुझे कल शाम 5 बजे तक whatsapp करें, या 1031 पर फ़ोन कर के अपना सुझाव रिकॉर्ड करें | अरविंद केजरीवाल ने कहा ये समय गरीब और असहाय लोगों की मदद करने का है, भूखे को खाना खिलाने का है। बहुत पुण्य का काम है। अरविंद केजरीवाल दिल्ली में कंस्ट्रक्शन का काम करनेवाले मजदूरों को इस महीने एक बार फिर दिल्ली सरकार ₹5000 की सहायता राशि देगी।


  • धार्मिक भेदभाव के बिना क़ैदियों की रिहाई के लिए जमीअत उलमा-ए-हिन्द सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका

    अगर जेलों में कोरोना वायरस फैला तो स्थिति विस्फोटक हो जाएगीः मौलाना अरशद मदनी
    सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद जेल प्रशासन ने आरोपियों को रिहा नहीं कियाः गुलज़ार आज़मी

    प्रेस विज्ञप्ति,नई दिल्ली 11 मई 2020
    मुंबई की प्रसिद्ध आर्थर रोड जेल और बाईकला जेल में बंद आरोपियों और जेल स्टाफ की कोरोना पाॅज़िटिव रिपोर्ट सामने आने के बाद जमीअत उलमा-ए-हिन्द ने सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दाखिल करके सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह राज्य सरकारों को आदेश करे कि वह जेल से क़ैदियों को अंतरिम ज़मानत पर रिहा करे ताकि उन्हें कोरोना वायरस के खतरे से बचाया जा सके। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद राज्य सरकारों ने आरोपियों को रिहा नहीं किया जिसका परिणाम आज हमारे सामने है कि पहले मुंबई की आर्थर रोड जेल के कैदी कोरोना का शिकार हुए और अब महिला कैदियों के लिए आरक्षित बाईकला जेल के कैदी भी कोरोना का शिकार हो चुके हैं, इसी तरह इंदौर जेल से भी क़ैदियों को कोरोना का शिकार होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई है।

    याचिका में यह भी कहा गया है कि अन्य देशों जैसे इंडोनेशिया, साउथ अफ्रीका, अरजेंटीना आदि देशों ने पचास हज़ार से अधिक क़ैदियों को अंतरिम ज़मानत पर रिहा किया, इसके विपरीत भारत ने केवल कुछ हज़ार क़ैदियों को ही जेल से रिहा किया है, हालांकि भारतीय जेलें अन्य देशों की जेलों की अपेक्षा कुछ घनी हैं। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने को लेकर जमीअत उलमा महाराष्ट्र कानूनी इम्दाद कमेटी के प्रमुख गुलज़ार आज़मी ने बताया कि आर्थर रोड जेल में क़ैद आरोपियों के परिजनों ने उनसे आरोपियों की अस्थायी रिहाई का प्रयास करने का आग्रह किया जिसके बाद एडवोकेट आॅनरिकाॅर्ड एजाज मक़बूल के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है जिसका डायरी नंबर 9761/2020 है।

    उल्लेखनीय है कि आर्थर रोड जेल में बंद क़ैदियों और स्टाफ की, जिनकी कुल संख्या 115 है, कोरोना पाॅज़िटिव रिपोर्ट सामने आने के बाद आरोपियों के परिजनों में गंभीर चिंता बढ़ गई और उन्होंने जमीअत उलमा-ए-हिन्द से आग्रह किया कि वे इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करे क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद जेल प्रशासन उन्हें रिहा नहीं कर रहा है। याचिका में कहा गया है कि 800 क़ैदियों की क्षमता वाली आर्थर रोड जेल में फिलहाल 2600 क़ैदी बंद हैं, ऐसी स्थिति में सोशल डिस्टेंसिंग की कल्पना ही नहीं की जा सकती इसलिए आरोपियों को ज़मानत पर रिहा कर देना चाहिए लेकिन जेल प्रशासन ऐसा नहीं करके आरोपियों की जान खतरे में डाल रहा है। जमीअत उलेमा हिन्द के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने इस संदर्भ में कहा कि जमीअत उलमा हिन्द का यह इतिहास रहा है कि उसने हमेशा धर्म से ऊपर उठकर मानवता के आधार पर धार्मिक भेदभाव के बिना सभी के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से रक्षा के लिए देश की जेलों में वर्षों से सज़ा काट रहे क़ैदियों की रिहाई के संबंध में जो महत्वपूर्ण याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है उसमें भी सभी क़ैदियों की, चाहे उनका संबंध किसी भी धर्म से हो, रिहाई का अनुरोध किया गया है लेकिन अफसोस तो यह है कि देश के बेलगाम इलेक्ट्राॅनिक मीडिया ने इस महामारी को भी धार्मिक रंग देने में संकोच नहीं किया, लगातार यह प्रचार किया गया कि यह महामारी मुसलमानों ने फैलाई है। मौलाना मदनी ने कहा कि इस झूठ पर हमारी गंभीर आपत्ति, विरोध और सुप्रीम कोर्ट जाने के बावजूद इलेक्ट्राॅनिक मीडिया द्वारा झूठी खबर फैलाने और विशेष धर्म के मानने वालों के खिलाफ रची गई खतरनाक साजिश को लेकर सरकार की ओर से किसी तरह की कानूनी कार्रवाई न होना यह बताता है कि अधिकतर इलेक्ट्राॅनिक मीडिया जो कुछ भी मुसलमानों के खिलाफ कर रहा है उसके लिए उसे सत्ता में मौजूद प्रभावशाली हस्तियों का ख़ामोश और खुला समर्थन प्राप्त है। उन्होंने यह भी कहा कि हर प्रकार की सावधानी और प्रयास के बावजूद देश भर में कोरोना पीड़ितों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है, हमने इसी को देखते हुए यह याचिका अदालत में दाखिल की है, दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश का भी पालन नहीं हुआ, देश की जेलों में क्षमता से अधिक क़ैदी हैं। मौलाना मदनी ने कहा कि मुंबई की आर्थर रोड जेल और बाईकला जेल में ऐसे क़ैदी कोरोना पाॅज़िटिव पाए गए हैं, यह एक बड़े खतरे का संकेत है। अगर जेलों में इस महामारी की रोकथाम के प्रभावी कदम न उठाए गए और महामारी दूसरी जेलों में फैली तो अधिकतर कैदी इसका शिकार हो सकते हैं और तब स्थिति अत्यंत विस्फोटक हो जाएगी। उन्होंने अंत में कहा कि इस याचिका में स्थायी रिहाई के लिए नहीं बल्कि क़ैदियों की अस्थायी रिहाई का आग्रह किया गया है ताकि यह क़ैदी अपने घर जाकर इस महामारी से सुरक्षा के उपाय कर सकें। जमीअत उलमा-ए-हिन्द कानूनी इम्दाद कमेटी के प्रमुख गुलज़ार आज़मी ने कहा कि मार्च महीने में सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः निर्णय लेते हुए देश की विभिन्न जेलों में बंद आरोपियों की रिहाई के संबंध में व्यवस्था करने का आदेश दिया था लेकिन महाराष्ट्र में अब तक केवल 576 आरोपियों को रिहा किया गया जबकि हाईपावर कमेटी ने 11000 आरोपियों की रिहाई की सिफारिश की थी, यही हाल देश के अन्य राज्यों का भी है।

  • ‘गुजरात मॉडल’का फ्लॉप शो,संक्रमण में लगातार वृद्धि अहमदाबाद में इमरजेंसी जैसे हालात

    नई दिल्ली:एक तरफ जहां देश में लॉक डाउन खोलने की बात की चर्चा है तो वहीं दूसरी तरफ कतिथ ‘गुजरात मॉडल’ घुटनों पर दिखाई दे रहा है। गुजरात में लागातर कोरोना का प्रभाव बढ़ता नज़र आ है।जिसके बाद राज्य में लॉकडाउन का पालन सख्ती से कराने का फैसला लिया गया है।

    गुजरात model बिल्कुल फैल हो चुका है अहमदाबाद में एक हफ्ते के लिए emergency जैसे हालात हो गये हैं. अब वहाँ सिर्फ दवा और दुध की दुकान ही खुले गी बाकी सारी चीजे बंद हो गई हैं
    ईन हालत जा जिम्मेदार कौन है किन की वजह से आज अहमदाबाद की ये हालत हुयी है आप को बता दूँ जब देश में korona का संक्रामक बढ़ता जा रहा था तब भारतीय जनता पार्टी गुजरात में कॉंग्रेस के विधायकों को तोड़ने में लगी थी और मध्य प्रदेश में जो हुआ उसको पूरे देश ने देखा
    जब पूरा देश korona से परेशान था तब भारतीय जनता पार्टी अपनी सरकार बनाने में लगी थी आज गुजरात korona संक्रमण के मामले में 2 नंबर पे है
    गुजरात model पर
    Jignesh mevani ने ट्वीट कि गुजरात model जिंदाबाद अहमदाबाद के दरियापुर

    सिर्फ अहमदाबाद में korona के 5000 के संक्रमण है बिल्कुल आपातकालीन जैसे हालात एक हफ्ते तक रहें गे पैरा मिलिट्री फोर्स को लगा दिया गया है ताकि लोग बाहर ना निकले
    प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि जो बाहर निकले गा उस पर मुक़दमा भी चलाया जाए गा
    बेहद बदतरीन हालत गुजरात में देखने को मिल रहा है
    जिस फरवरी के महीने को korona से ladhne में लगाना था उस पूरे महीने को ट्रम्प के स्वागत में लगाया गया जिस गुजरात model की चर्चा हो रही थी आज वह पूरी तरह खोखला दिखाई दे रहा है आज ईन हालत का सामना वहां की जनता को करना पढ़ रहा है एक राज्य सभा की सीट के लिए जिस तरह बीजेपी ने कॉंग्रेस पार्टी तोड़ने में लगी थी
    वहां की सरकार उस समय korona को लेकर चिंतित नहीं थी अपनी सारी ऊर्जा कॉग्रेस को तोड़ने में लगा दी अगर यही ऊर्जा korona पर लगायी होती तो शायद आज यह दिन देखने को ना मिलता
    देश के स्वास्थ मंत्री हर्षवर्धन को महाराष्ट्र में संक्रमण के फैलने की चिंता हो रही लेकिन गुजरात के अहमदाबाद में इमर्जेंसी जैसे हालात हो गए हैं उस पर चिंता नहीं है
    येक ऐसे समय में गुजरात में इतना बड़ा lockdown होने जा रहा है जब पूरे देश में lockdown खोला जा रहा है यहां तक कि सब्जी, दाल चावल सब तरह की दुकाने बंद रहीं गी
    गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने गृह मंत्री अमित शाह से कहा है कि जल्दी डॉक्टर भेजे जाए गुजरात आप अंदाजा लगाए कि हालात बिल्कुल बेकाबू हो चुके हैं
    जिस गुजरात में नमस्ते ट्रम्प हो रहा था गरीबी छिपाने के लिए दीवारें खड़ी कर दी गई थी आज उसी गुजरात की स्तिथि गम्भीर है

    मजदूरों की हालत खराब है देश का गरीब रैल की पार्टियों पर चलने पर मजबूर हो गया है क्यों कि अगर सड़क से जा रहे है तो पुलिस की लाठी मिल रही है मज़बूरी में ریل की पटरी ही आखिरी सहारा रह गई है
    आज बड़ी दुर्घटना उस समय हुयी जब औरंगाबाद में पटरी पर सो रहे मजदूरों पर माल गाड़ी चड गई और 16 मजदूरों की मौत हो गई
    ईन मौतों का जिम्मेदार kon है यह जांच का विषय है लेकिन अगर

    जनता कर्फ्यू की शाम देश को बता दिया गया होता कि लॉकडाउन लगेगा अपने अपने घर चले जाओ तो आज ये मौतें ना होतीं ।ऐसा लग रहा है
    मज़दूर होना, ग़रीब होना इस सरकार में गुनाह हो गया है, सरकार को विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने की फिक्र है लेकिन ईमानदारी से सोचिये तो मज़दूरों की कोई फिक्र नहीं है ।
    हाइवे पर, चिलचिलाती दोपहरी में पैदल चले जा रहे मज़दूरों के वीडियो फुटेज़ एैसा नहीं कि माननीय प्रधान मंत्री जी ने नहीं देखा होगा, ज़रूर देखा होगा
    मज़दूर भूख से मर जाये, पैदल चलते चलते थक के मर जायें या सो जायें और ट्रेन से कटकर मर जायें देश के हुक्मरानों की सेहत पर कोई फर्क नहीं पडता है ।

  • विशाखापट्‌टनम:केमिकल प्लांट में गैस लीक होने से 2 बच्चों समेत 11 की मौत,300 लोग बेहोश

    विशाखापट्टनम. आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम में गुरुवार तड़के एक केमिकल प्लांट से गैस लीक हो गई। हादसा तड़के 2:30 बजे एलजी पॉलिमर्स इंडस्ट्री के प्लांट में हुआ। सुबह करीब 5:30 बजे न्यूट्रिलाइजर्स के इस्तेमाल के बाद हालात काबू में आए। तब तक गैस 4 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 5 छोटे गांवों में फैल हो चुकी थी। हादसे में अब तक 2 बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसा विशाखापट्टनम से करीब 30 किलोमीटर वेंकटपुरम गांव में हुआ। एक हजार से ज्यादा लोग बीमार हैं। 300 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। 25 लोग वेंटिलेटर पर हैं। 15 बच्चों की हालत नाजुक है।

    एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनडीएमए और नौसेना की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया। एनडीआरएफ के डीजी एस एन प्रधान ने कहा है कि अब स्थिति नियंत्रण में है। यह कोशिश की जा रही है कि और लीकेज नहीं हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्‌डी से फोन पर बात की। साथ ही दिल्ली में एनडीएमए के अधिकारियों से चर्चा की। केंद्र सरकार की ओर से एक्सपर्ट टीम भेजने का फैसला लिया गया है। उधर, आंध्रप्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। उधर, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इसका स्वत: संज्ञान लिया है। शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई होगी।

    जो लोग वेंटिलेटर पर हैं, उनके लिए आंध्रप्रदेश सरकार की ओर से कुल 10 लाख रुपए की मदद दी जाएगी।
    एनडीआरएफ के डीजी एस एन प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पुणे से एक्सपर्ट की टीम विशाखापट्टनम पहुंचेगी।
    यह टीम केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर हादसों की एक्सपर्ट है।
    केंद्र सरकार ने निर्देश दिए हैं कि हादसे से लोगों के स्वास्थ्य पर अभी और भविष्य में होने वाले असर को देखते हुए राहत के इंतजाम किए जाएं।
    हादसे पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने केंद्र और आंध्र प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया।

    कई लोग मौके पर पहुंचे, वहीं बेहोश होकर गिर गए
    आंध्रप्रदेश के डीजीपी दामोदर गौतम सवांग ने बताया कि सुबह 5:30 बजे न्यूट्रिलाइजर्स के इस्तेमाल के बाद हालात काबू में आए। मारे गए लोगों में से 2 की मौत भगदड़ में हुई। इनमें से एक आदमी कंपनी की दूसरी मंजिल से गिरा, जबकि दूसरा कुएं में गिर गया। हादसे की खबर लगते ही कई लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन वहीं बेहोश होकर गिर गए। आसपास के घरों में भी लोग बेहोश मिले। कुछ लोगों के शरीर पर लाल निशान पड़ गए।

    स्टाइरीन गैस लीक हुई; यह फाइबर, रबर, पाइप बनाने में इस्तेमाल होती है
    जो गैस लीक हुई, वह पीवीसी यानी स्टाइरीन कहलाती है। यह न्यूरो टॉक्सिन है। इसका केमिकल फॉर्मूला C6H5CH=CH2 होता है। यह सबसे लोकप्रिय ऑर्गनिक सॉल्वेंट बेंजीन से पैदा हुआ पानी की तरह बिना रंग वाला लिक्विड होता है। इसी से गैस निकलती है। यह दम घोंट देने वाली गैस है। यह सांसों के जरिए शरीर में चली जाए तो 10 मिनट में ही असर दिखाना शुरू कर देती है। यह गैस पॉलिस्टाइरीन प्लास्टिक, फाइबर ग्लास, रबर और पाइप बनाने के प्लांट में इस्तेमाल होती है।

    प्लांट लॉकडाउन की वजह से बंद था, हादसे के वक्त कुछ ही लोग मौजूद थे
    एलजी पॉलिमर्स मल्टीनेशनल कंपनी है। यह 1961 में बनी थी। तब इसका नाम हिंदुस्तान पॉलिमर्स था। 1978 में विजय माल्या के यूबी ग्रुप की मैकडॉवल एंड कंपनी में मर्ज हो गई। वेंकटपुरम गांव के गोपालनट्‌टनम इलाके में एलजी पॉलिमर्स का प्लांट 1997 से है। लॉकडाउन की वजह से प्लांट काफी दिनों से बंद था। इसे दोबारा शुरू करने की तैयारी थी। आमतौर पर यहां 250 के आसपास कर्मचारी होते हैं। लेकिन हादसे के वक्त यहां कुछ ही लोग थे।

    हवा का बहाव गैस का असर तय करता है

    इस तरह के मामलों में गैस कितने किलोमीटर तक फैलेगी, यह हवा के बहाव पर निर्भर करती है। अभी प्लांट के आसपास के इलाकों में हवा में 4-tert-Butylcatechol का छिड़काव किया जा रहा है ताकि गैस का असर कम किया जा सके। लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जा रही है।

    5 हजार टन स्टोरेज का टैंक चेक करने के दौरान गैस लीक हुई
    प्लांट में एक गैस चैम्बर और उसी के ठीक पास न्यूट्रिलाइजर चैम्बर है। जब 5 हजार टन की कैपेसिटी वाले टैंक से गैस लीक हुई तो न्यूट्रिलाइजर चैम्बर के जरिए उसे कंट्रोल करने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक हालात बेकाबू हो चुके थे। आंध्रप्रदेश के उद्योग मंत्री गौतम रेड्‌डी ने बताया कि मजदूर गैस स्टोरेज टैंक चेक कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।

    4 किलोमीटर के दायरे में गैस फैली
    रिसाव के बाद गैस 4 किलोमीटर के दायरे में फैल चुकी थी। इस दायरे में आसपास के 5 छोटे गांव आते हैं। वहां लोगों के घरों तक गैस घुस गई। लोगों को बेचैनी, सांस लेने में तकलीफ, उल्टियां होने के बाद उनकी नींद खुली। कई लोग बेहोश हो गए। गुरुवार सुबह तक वेंकटपुरम गांव से इसी तरह की तस्वीरें सामने आती रहीं। कई लोग खड़े-खड़े बेहोश होकर गिरते नजर आए।

    वेंकटपुरम में लोगों को घबराहट, सीने और आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम ने लोगों को अस्पताल पहुंचाया।
    प्रधानमंत्री ने कहा- सभी सुरक्षित रहें, यही चाहता हूं
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि उन्होंने गृह मंत्रालय और एनडीएमए से बात की है। उन्होंने सभी के सुरक्षित रहने की कामना की। प्रधानमंत्री ने अपने आवास पर एनडीएमए की आपात बैठक भी बुलाई।

  • परिवहन मंत्री गडकरी ने कहा-पब्लिक ट्रांसपोर्ट जल्द ही गाइडलाइंस के साथ शुरू हो सकता है,लोगों की सुरक्षा निश्चित करनी होगी

    नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बस और कार ऑपरेटर्स कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘गाइडलाइंस के साथ जल्द ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट को शुरू किया जा सकता है। सरकार इसी दिशा में काम कर रही है।’

    उन्होंने कहा, ‘सरकार ऐसी गाइडलाइंस तैयार कर रही है, जिसके आधार पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग किया जा सके। इस दौरान यह ध्यान रखना जरूरी होगा कि कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों का किसी तरह से उल्लंघन न हो।’

    गडकरी ने कहा- जनता के बीच भरोसा कायम करना होगा

    गडकरी ने कहा, ‘ट्रांसपोर्ट और हाईवे खोलने के लिए पब्लिक के बीच भरोसे को स्थापित करना होगा। हमें यह सावधानी बरतना होगी कि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो। सुरक्षा के सभी विकल्प सुनिश्चित करना होंगे। जैसे कि हाथ धोना, सैनिटाइजेशन, फेस मास्क आदि का उपयोग।’

    सरकार इंडस्ट्री की मदद के लिए पूरी तरह तैयार- गडकरी
    कॉन्फेडरेशन के सदस्यों ने सरकार से पैसेंजर ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री के लिए बेलआउट पैकेज की मांग की। इस पर गडकरी ने कहा, ‘सरकार इंडस्ट्री की दिक्कतों से भलीभांति परिचित है। ऐसे में इंडस्ट्री की दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार पूरी तरह से सहयोग करेगी।’

    गडकरी ने कहा- यह भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने का अवसर

    गडकरी ने कहा, ‘कोरोनावायरस महामारी के कारण अर्थव्यवस्था को संकट का सामना करना पड़ रहा है। मगर इसे हमें एक अवसर के तौर पर लेना चाहिए। कोई भी चीन के साथ डील नहीं करना चाहता है। जापान के प्रधानमंत्री वहां निवेश करने के लिए मौका दे रहे हैं। ऐसे में यह भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने का मौका भी है।’

    पब्लिक ट्रांसपोर्ट में लंदन मॉडल अपनाने पर विचार जारी- गडकरी

    गडकरी ने कहा, ‘मंत्रालय पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए लंदन मॉडल को अपनाने की दिशा में विचार कर रहा है। वहां सरकार की ओर से निवेश बेहद कम होता है जबकि निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाता है। हमारे यहां ट्रक और बस की बॉडी 5 साल में बेकार हो जाती है जबकि यूरोप में 15 साल चलती है। इस दिशा में भी सोचना चाहिए।’

    गडकरी ने कहा- इंश्योरेंस सेक्टर को मदद के लिए आगे आना चाहिए
    गडकरी ने कहा, ‘ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस सेक्टर को भी मदद के लिए आगे आना चाहिए। लॉकडाउन के दौरान एक्सीडेंट कम हुए हैं। यह उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ है। कई हाईवे प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है।’

    50 प्रतिशत बसों को 50 फीसदी यात्रियों के साथ चलने की अनुमति

    कोरोनावायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने देशभर को तीन जोन में बांटा है। इनमें ग्रीन, ऑरेंज और रेड शामिल हैं। इनमें ग्रीन जोन में 50 प्रतिशत बसों को चलाने की अनुमति दी गई है। इनमें 50 फीसदी यात्री बैठकर सफर कर सकते हैं।(इनपुट भास्कर)