Blog

  • मप्र तथा राजस्थान मे कांग्रेस बहुमत के करीब,तेलंगाना में टीआरएस ने कांग्रेस को धोया तो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बीजेपी को धोया:12 बजे तक के रूझान

    मप्र तथा राजस्थान मे कांग्रेस बहुमत के करीब,तेलंगाना में टीआरएस ने कांग्रेस को धोया तो छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बीजेपी को धोया:12 बजे तक के रूझान

    नई दिल्‍ली: 12 बजे तक आए रुझानों में मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच टी-20 जैसा मुकाबला चल रहा है. दोनों के बीच एक-एक सीट के लि मुकाबला चल रहा है. वहीं  एग्जिट पोल के उलट छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बीजेपी को बुरी तरह से हरा दिया है. जबकि राजस्थान में कांग्रेस आगे जरूर है लेकिन बहुमत से पीछे है. वहीं तेलंगाना में टीआरए ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को ही बुरी तरह से धो डाला है. कुल मिलाकर अभी तक के रुझानों में बीजेपी के लिए झटका है लेकिन कांग्रेस के लिए भी कोई बड़ी बढ़त नहीं है.

    कांग्रेस को जहां लगता सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाकर वह मध्य प्रदेश और राजस्थान में बीजेपी को साफ कर देगी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया लेकिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को सफलता मिली है. मिजोरम में भी कांग्रेस के हाथ से सत्ता चली गई है

  • चुनाव परिणाम लाइव अपडेट: तेलंगाना में TRS 91 AIMIM 7 कांग्रेस 16 BJP 4 पर

    चुनाव परिणाम लाइव अपडेट: तेलंगाना में TRS 91 AIMIM 7 कांग्रेस 16 BJP 4 पर

    तेलंगाना में टीआरएस को भारी बहुमत एम आई एम को भी 7 सीट के साथ बढ़त आपको बता दें में कांग्रेस को 16 मिले हैं तो बीजेपी 4 पर ही लटक रही है

  • चुनाव परिणाम लाइव अपडेट: छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बीजेपी बुरी तरह हारी, मध्यप्रदेश में कांटे की टक्कर किसी को बहुमत हासिल नहीं अभी तक

    चुनाव परिणाम लाइव अपडेट: छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बीजेपी बुरी तरह हारी, मध्यप्रदेश में कांटे की टक्कर किसी को बहुमत हासिल नहीं अभी तक

    छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की बड़ी जीत कांग्रेस ने अभी तक 54 सीट जीत लिया है अभी 4 सीटों पर परीणाम आना बाकी है लेकिन वही बात करें बीजेपी की तो बात 24 पर सिमट कर रह गई है तो यह बता दो यहां कहीं बड़ी जीत हो चुकी है है वही राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है 100 सीटों का बहुमत वाला आंकरा राजस्थान में भी कांग्रेस ने पा लिया है वह बीजेपी अभी तक 84 पर अटकी हुई है

    वही बता दे कि मध्य प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस में कांटे की टक्कर चल रही है अभी तक किसी भी पार्टी को बहुमत हासिल नहीं हुआ है

  • विधानसभा परिणाम लाइव अपडेट:चार राज्यों में कांग्रेस सबसे आगे‌ कई जगह बीजेपी का अभी तक खाता नहीं खुला

    विधानसभा चुनाव लाइव अपडेट : अभी की सबसे बड़ी खबर चार राज्य में कांग्रेस आगे चल रही है आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस 45 मैं तो वहीं बीजेपी 37 पर है

    इस टाइम चल रही है आपको बता दें कि राजस्थान में भी सबसे आगे कांग्रेस चल रही है राजस्थान में कांग्रेस का 62 तों बिजेपी का 44 है ,छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का 24 तो बीजेपी का 18 है

    तेलंगाना में आपको बता दें कि वह टीआरएस 22 से आगे चल रही है तो वहीं दूसरे नंबर पर कांग्रेस 18पर चल रही है ,वही मिजोरम में कांग्रेस एक पर है तथा अन्य एक पर है

  • परिणाम से 1 दिन पहले मिले चंद्रशेखर राव से तेलंगाना में KCR का समर्थन करेंगे ओवैसी

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिम (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि वो तेलंगाना में केसीआर का साथ देने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा है कि तेलंगाना में केसीआर अकेले दम पर सरकार बनाने में कामयाब रहेंगे. असदुद्दीन ओवैसी ने ये भी कहा कि वो राष्ट्र निर्माण के लिए उनके साथ है.इससे पहले तेलंगाना बीजेपी ने केसीआर को ऑफर दिया था कि अगर वो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के साथ जाने का फैसला छोड़ दें, तो बीजेपी उनसे हाथ मिलाने को तैयार है.

    तेलंगाना में विधानसभा की 119 सीटों के लिए 7 दिसंबर को वोटिंग होने के बाद अब 11 दिसंबर को आने वाले रिजल्ट का इंतज़ार है. वोटिंग के बाद आए एग्जिट पोल्स के अनुमानों में राज्य के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) को बहुमत मिलता दिखाया गया है

    .एग्जिट पोल्स के अनुमानों के मुताबिक, तेलंगाना में चंद्रशेखर राव की पार्टी टीआरएस को 119 सीटों में से 67 सीटें मिल सकती है, जबकि कांग्रेस व अन्य को 39, बीजेपी को 5 और अन्य को 8 सीटें मिलने का अनुमान है. राज्य में कांग्रेस और बीजेपी दोनों के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है, लेकिन पाने के लिए बहुत कुछ है. अगर केसीआर की पार्टी बहुमत के आंकड़े से दूर रह जाती है तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियां अपने-अपने सियासी समीकरण साधने में पीछे नहीं हटेंगी
    input news18

  • वि० चुनाव:कांग्रेस की आपत्ति के बाद‌ चुनाव आयोग ने मतगणना स्थल पर वाईफाई और वेबकास्टिंग पर लगाई रोक,देरी से आएंगे परिणाम

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: कांग्रेस की आपत्ति के बाद चुनाव आयोग ने रविवार को निर्णय लिया है कि मतगणना के समय केवल सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। मतगणना के समय न तो वेबकास्टिंग होगी और न ही वाई फाई नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा।

    दिसम्बर 10, 2018 को ये निर्णय देर रात लिया गया। कांग्रेस पार्टी ने मांग की थी कि वेबकास्टिंग में जियो की बजाय बीएसएनएल नेटवर्क का उपयोग होना चाहिए। साथ ही कांग्रेस ने इस बात पर भी आपत्ति जताई है कि वेबकास्टिंग के काम का ठेका गुजरात की कंपनी संघवी इन्फोटेक को क्यों दिया गया। जानकारी के मुताबिक जब इस कंपनी के कुछ इंजीनियर जब भोपाल और सागर में वेबकास्टिंग के लिए कैमरे इंस्टॉल कर रहे थे, तब कांग्रेसियों ने उनका नाम पूछा था। इनमें से एक ने अपना नाम बताते हुए कहा कि वह गुजरात से है। जिसके बाद कांग्रेस ने हंगामा किया।

    कांग्रेस का कहना है कि जब भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश का खुद का डोमेन (प्लेटफॉर्म) है तो मतगणना की जानकारी देने का काम किसी निजी कंपनी के हाथों क्यों सौंपा गया। कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने मध्यप्रदेश के निर्वाचन सदन पहुंचकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को आपत्ति दर्ज कराई। पहले तो कांग्रेस की आपत्ति को खारिज कर दिया गया लेकिन बाद में देर रात ये निर्णय लिया गया।

    जानें क्या है वेबकास्टिंग
    वेबकास्टिंग के तहत एक वीडियो कैमरा मतगणना केंद्र में वहां लगाया जाता है, जहां से सारी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। ये कैमरा सेंट्रलाइज्ड सर्वर से जुड़ा रहता है। इससे मतगणना केंद्र का सीधा प्रसारण भारत निर्वाचन आयोग एवं राज्य निर्वाचन आयोग के अफसर देखते हैं।
    विज्ञापन

    वहीं इस बार चुनाव के नतीजे में देरी हो सकती है। इसके पीछे बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि चुनाव आयोग ने कांग्रेस की वह मांग मान ली है जिसमें उसने वोटों की गिनती के दौरान हर राउंड के पश्चात परिणाम की जानकारी लिखित में देने की बात कही थी।

    बताना चाहेंगे कि यह प्रक्रिया केवल मध्य प्रदेश में ही लागू नहीं बल्कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में भी अपनाई जाएगी। इस बाबत चुनाव आयोग शनिवार को दिल्ली से आदेश भी जारी कर चुका है।

    मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रत्याशियों ने इस बार ईवीएम मुद्दे पर सवाल उठाए हैं, जिनपर गौर करते हुए ही चुनाव आयोग ने यह अहम फैसला लिया है। बताना चाहेंगे कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस पिछले 15 साल से विपक्ष में बैठी है।

    यही कारण है कि इसबार ईवीएम पर सवाल उठाए गए हैं और परिणाम लिखित में जारी करने की मांग की गई है। ठीक इसी प्रकार से भाजपा की ओर से भी यही मांग की गई है। 11 दिसंबर को मतों की गिनती होगी।

    ज्ञात हो इस बार मध्य प्रदेश में चुनाव खत्म होने के बाद प्रदेशभर से ईवीएम को लेकर विवाद की खबरें सामने आई। बाद में कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। कांग्रेस ने ईवीएम की सुरक्षा और स्ट्रांग रूम में रखरखाव को लेकर आयोग से शिकायत दर्ज कराई।

  • RBI‌ के गवर्नर उर्जित पटेल ने दिया इस्तीफा,निजी कारणों को बताया जिम्मेदार

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। RBI के गवर्नर उर्जित पटेल ने इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे के पीछे उन्होंने निजी कारणों को जिम्मेदार बताया है।आपको जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के बीच पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था।

    भारत सरकार ने अगस्त 2016 में आरबीआई के डिप्टी गवर्नर उर्जित पटेल को नया गवर्नर घोषित किया था। उन्होंने रघुराम राजन की जगह ली थी।उनका कार्यकाल 3 साल का था। 28 अक्टूबर 1963 को जन्मे उर्जित ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से बीए किया है।

  • बड़ी खबर:उपेंद्र कुशवाहा यूनियन मिनिस्टर पद से दिया इस्तीफा एनडीए छोड़ महागठबंधन में होंगे शामिल

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली: राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाह ने आज यूनियन मिनिस्टर के पद से इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले भाजपा के नेतृत्व वाले राजग का उपेन्द्र ने साथ छोड़ दिया है। इससे पहले ही उपेन्द्र ने कहा था कि वो एनडीए की बैठक में नहीं शामिल होंगे। ऐसे में इससे बिहार में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। वहीं रालोसपा प्रमुख पिछले कुछ दिनों से भाजपा और उसके सहयोगी दल के नेता, बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर हमला कर रहे हैं।

    कम सीटें है नाराजगी की वजह ?
    गौरतलब है कि रालोसपा को 2019 लोकसभा चुनाव में दो से ज्यादा सीटें नहीं मिलने के भाजपा के इशारों के बाद से उपेन्द्र कुछ नाराज से दिख रहे हैं। वहीं दूसरी ओर भाजपा – जदयू के बीत बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमति बनी है।


    एनडीए से भिड़ेंगे उपेन्द्र ?
    बता दें कि उपेन्द्र कुशवाह ने इससे पहले बिहार में एनडीए के खिलाफ चुनाव लड़ने के भी संकेत दिए थे। वहीं पिछले दिनों मोतिहारी में उन्होंने कहा था कि लोग हमारे भविष्य की रणनीति को लेकर आस लगाए बैठे हैं। उनको मैं साफ करना चाहता हूं कि सुलह समझौता करने के लिए सभी प्रयासों को अब तक सफलता नहीं मिली है। इसलिए आने वाले दिनों में उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की एक कविता की पंक्तियां बोली थीं कि ‘अब याचना नहीं रण होगा संघर्ष बड़ा भीषण होगा।’

    मंदिर पर भी दिया था बयान
    कुशवाह ने भाजपा पर मंदिर मुद्दे को लेकर भी वार किया था। उपेन्द्र ने कहा था कि ये मुद्दा उठाकर जनता का ध्यान भटकाने का काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक सरकार और राजनीतिक दलों का ये काम नहीं है कि कहां मंदिर या मस्जिद बने। अगर मंदिर बनाना है तो सही तरीके से बनाइए। ये देश संविधान से चलता है और संविधान धर्मनिरपेक्षता के सिंद्धांत से चलता है।

  • अब किसी भी उम्र में दे सकते हैं पांचवीं-आठवीं की परीक्षा, साल में मिलेंगे दो मौके

    मिल्लत टाइम्स,भोपाल, नईदुनिया। मध्य प्रदेश में ओपन स्कूल से अब किसी भी उम्र में पांचवीं-आठवीं की बोर्ड परीक्षा दी जा सकती है। इसके लिए मप्र राज्य ओपन स्कूल परीक्षा लेकर सर्टिफिकेट जारी करेगा। परीक्षा अगले सत्र (2019-20) से होगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम में संशोधन कर दिया है।

    आरटीई की धारा-30 के अनुसार किसी भी बच्चे को आठवीं कक्षा तक फेल नहीं किया जा सकता है, लेकिन अब इसमें संशोधन किया है। संशोधन के बाद परीक्षा को लेकर राज्य ओपन स्कूल ने तैयारियां पूरी कर ली है। पांचवी व आठवीं की परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। पहली परीक्षा जून में और दूसरी परीक्षा दिसंबर में होगी। इसमें पांचवीं के लिए 11 वर्ष से अधिक उम्र वाले अभ्यर्थी परीक्षा दे सकते हैं। वहीं, आठवीं के लिए 14 वर्ष से अधिक उम्र वाले परीक्षा में बैठ सकते हैं।

    कई नौकरियों में आठवीं का प्रमाण पत्र आवश्यक
    ऐसी कई निम्न वर्ग की नौकरियां हैं। जिनमें आठवीं तक की शैक्षणिक योग्यता के प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है। उनके लिए ओपन स्कूल से आठवीं का बोर्ड परीक्षा पास करना फायदेमंद होगा। साथ ही कई अभ्यर्थी नौकरी करने के कारण पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते हैं। वे भी अब परीक्षा दे सकते हैं।

    राज्य ओपन स्कूल के संचालक पीआर तिवारी का कहना है कि कुछ नौकरी के लिए अभ्यर्थी का आठवीं पास होना जरूरी रहता है। ऐसे अभ्यर्थी इन नौकरियों में आवेदन नहीं कर सकते थे, लेकिन अब ओपन स्कूल से आठवीं परीक्षा पास कर सकते हैं।

  • CBI-ED की टीम पहुंची लंदन,भगोड़े माल्या के प्रत्यर्पण पर आज आ सकता है बड़ा फैसला

    मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली। भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण पर ब्रिटेन की मजिस्ट्रेट अदालत में सोमवार को फैसला आ सकता है। सुनवाई के दौरान सीबीआइ के संयुक्त निदेशक और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दो अधिकारी उपस्थित रहेंगे। धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के मामले में वांछित माल्या पर भारतीय बैंकों के करीब 9,000 करोड़ रुपये बकाया हैं। ब्रिटेन में पिछले साल अप्रैल में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। अभी वह जमानत पर है।

    माल्या ने मनी लांड्रिंग के आरोपों के बाद देश छोड़ दिया था। वह मार्च, 2016 से लंदन में है। भारत सरकार लगातार उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है। पिछले साल चार दिसंबर को लंदन की मजिस्ट्रेट अदालत में माल्या के खिलाफ सुनवाई शुरू हुई थी।

    सोमवार को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत इस पर फैसला सुनाएगी कि माल्या को भारत प्रत्यर्पित किया जाए या नहीं। फैसले के बाद दोनों पक्षों को 14 दिन के भीतर अपील करने का मौका मिलेगा। अपील नहीं होने और मजिस्ट्रेट के फैसले से सेक्रेटरी ऑफ स्टेट के सहमत होने की स्थिति में होम सेक्रेटरी के आदेश के 28 दिन के अंदर माल्या को प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा।

    इस मामले में भारत सरकार की ओर से क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) केस देख रही है। सीपीएस के प्रमुख मार्क समर्स का कहना है कि मानवाधिकारों के आधार पर माल्या के प्रत्यर्पण में कोई बाधा नहीं है। वहीं माल्या का बचाव पक्ष यह साबित करने के प्रयास में है कि किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा बैंकों से लिया गया पैसा कारोबारी विफलता के कारण डूबा। इसमें बेईमानी या धोखाधड़ी नहीं की गई।

    सीबीआइ की तरफ से उपस्थित रहेंगे साई मनोहर
    सोमवार की सुनवाई के लिए सीबीआइ की तरफ से संयुक्त निदेशक एस साई मनोहर उपस्थित रहेंगे। मनोहर विशेष निदेशक राकेश अस्थाना की जगह लेंगे। अब तक माल्या से संबंधित सुनवाई में अस्थाना शामिल होते रहे हैं। फिलहाल निदेशक आलोक वर्मा के साथ चल रही तकरार के मामले में सरकार ने अस्थाना से सभी अधिकार छीनते हुए उन्हें छुट्टी पर भेज दिया है।

    जारी रहेगी ईडी की जांच
    इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विजय माल्या की वह मांग खारिज कर दी थी, जिसमें उसने ईडी की कार्रवाई पर रोक लगाने की अपील की थी। ईडी ने मुंबई स्थित विशेष अदालत में अर्जी दाखिल कर मांग की है कि माल्या को नए कानून के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जाए। ऐसा होने से ईडी को माल्या की संपत्ति जब्त करने का अधिकार मिल जाएगा। ईडी की इस कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए माल्या ने बांबे हाई कोर्ट में याचिका दी थी। पिछले महीने वहां से अर्जी खारिज होने के बाद उसने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।

    कर्ज की पूरी रकम चुकाने को तैयार
    इस बीच, हर ओर से फंदा कसता देख माल्या ने बैंकों का 100 फीसद कर्ज चुकाने का प्रस्ताव दिया है। उसने बुधवार को इस संबंध में ट्वीट किया था। उसने कहा था कि वह बैंकों का पूरा कर्ज चुकाने को तैयार है। उसका दावा है कि वह 2016 से ही कर्ज चुकाने का प्रस्ताव दे रहा है, लेकिन भारत सरकार ने उसके प्रस्ताव का कोई उत्तर नहीं दिया।

    सुप्रीमकोर्ट ने कार्यवाही पर रोक लगाने से किया इनकार
    चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने विजय माल्या की याचिका पर नोटिस जारी किया लेकिन उसने मुंबई की धन शोधन मामले की रोकथाम संबंधी विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने से इंकार कर दिया।

    माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग
    प्रवर्तन निदेशालय ने विशेष अदालत से लंदन में रह रहे कारोबारी माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने का अनुरोध किया है। इस कानून के तहत यदि किसी व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया तो उस पर मुकदमा चलाने वाली एजेंसी को उसकी संपत्ति जब्त करने का अधिकार होता है।