मुजफ्फरपुर में एक ही धर्म के दो जात के बिच मे नफरत की दिवार,एक हिस्से में चलेंगे शेख तो दूसरे मे अंसारी

M Qaisar Siddiqui

M Qaisar Siddiqui

08 December 2018 (Publish: 08:39 PM IST)

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कुदरत ने तो बख्शी थी हमें एक ही धरती, हमने कहीं भारत कहीं ईरान बनाया…यह गीत हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए संदेश देती है।

आज तक आपने घर का आंगना का बंटवारा होते देखा होगा। लेकिन क्या कभी किसी सड़क का बंटवारा हाते देखा है। नहीं ना। तो चलिए आज हम आपको एक ऐसे गांव में ले चलते हैं जहां के इंसान ने रास्तें के बींचो बीच दीवार खड़ी कर दी।

मिल्लत टाइम्स, बिहार: जानकारी अनुसार यह घटना बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की है। बताया जाता है कि कांटी प्रखंड की पानापुर हवेली पंचायत के दामोदरी टोला के लोगों ने वह कारनामा कर दिखाया है जिसके कारण मानवत शर्मसार हो रही हे। स्थानीय लोगों की माने तो यहां 70 घरों का यह मुस्लिम टोला शेख और अंसारी की आग में झुलस रहा है। गांव में लोगों में नफरत की ऐसी आग है कि उन्होंने सार्वजनिक सड़क को दीवार घेरकर बांट लिया है।

आधी सड़क पर अंसारी बिरादरी और आधी पर शेख बिरादरी वाले चल रहे हैं। सड़क पर दीवार हो जाने से अब गांव में गाड़ियां नहीं जा सकतीं। बीते 17 नवंबर को बशीर मियां के बेटे की शादी के भोज में मारपीट के बाद शेख और अंसारी के बीच विवाद ने तूल पकड़ा। पहले जमकर मारपीट हुई। इसके बाद 18 नवंबर को मोहल्ले की सड़क पर 300 फीट लंबी दीवार खड़ी कर दी गई।

मो. नसीरुद्दीन अंसारी ने बताया कि सड़क सरकारी नहीं है। 15 साल पहले मन मिला तो सड़क बनी। अब हमलोग बाहर रहते हैं, घर पर शेख लोग अक्सर हमारी जाति को नीचा दिखाकर मारपीट करते हैं। सुरक्षा के लिए दीवार बनाई गई है। अब दीवार के उस पार से हम लोगों को कोई मतलब नहीं है। शेख बिरादरी के मो. सलीम ने कहा कि हमारा खुदा एक, नबी एक और कुरान भी एक। दशकों से हमने एक ही दस्तरखान पर खाना खाया है, लेकिन कुछ लोगों ने इसे जातीय रंग दे दिया है। 50 परिवारों का रास्ता बंद है।

मस्जिद तक जाने वाली इस सड़क को बंद कर दिया गया है। काजी-ए-शहर मुफ्ती शमीमुल कादरी ने कहा कि इस्लाम में दिल में नफरत रखना सख्त गुनाह है। इसे माफ नहीं किया जा सकता। नबी-ए-पाक सड़क से कांटे व रोड़े चुनकर हटा देते थे ताकि किसी को तकलीफ नहीं हो। नफरत फैलाने वालों को अल्लाह का खौफ होना चाहिए।
(इंपुट:मुजनउ)

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