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मिल्लत टाइम्स,नई दिल्ली (25 नवंबर 2018): अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बड़ा बयान दिया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में कहा है कि कोर्ट के फैसले के बाद ही पार्टी और सरकार कोई निर्णय लेगी। इस कार्यक्रम में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि इस समय राम मंदिर का मुद्दा कोई रणनीतिक नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट में यह मामला 9 साल से चल रहा है। बीजेपी ने कभी भी इस केस को टालने के लिए नहीं कहा, लेकिन कांग्रेस ने कोर्ट से मामले की सुनवाई टालने के लिए कहा।
उन्होंने कहा कि हमारा बस चलता तो अब तक मामला सुलझ गया होता। शाह ने सुप्रीम कोर्ट पर उम्मीद जताते हुए कहा कि जनवरी में इस मामले में सुनवाई होगी और वो आशा करते हैं कि सब सही हो जाएगा। राम मंदिर के लिए अध्यादेश लाने के सवाल पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि कोर्ट के फैसले से पहले कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। अमित शाह ने शिवसेना के राम मंदिर हाईजैक करने से जुड़े सवाल पर तंज कसते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे अपने जन्म के बाद पहली बार अयोध्या आए हैं, आने दीजिए।
गौरतलब है कि राम मंदिर को लेकर पिछले दो दिनों से अयोध्या का माहौल गरमाया हुआ है। शनिवार को अयोध्या पहुंचे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सरयू तट पर आरती की और रविवार को रामलला के दर्शन किए। बीजेपी और केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए उद्धव ने कहा कि वे यहां क्रेडिट लेने नहीं आए हैं, बल्कि सरकार को कुंभकर्ण की नींद से जगाने आए हैं और वो यहां से मंदिर निर्माण की तारीख लेकर जाएंगे।
वहीं रविवार को अयोध्या में होने वाली धर्मसभा में विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय सचिव चम्पत राय ने ऐलान किया कि परिषद को पूरी जमीन चाहिए औऱ इसका बंटवारा उसे कतई मंजूर नहीं है। उन्होंने सुन्नी वक्फ बोर्ड से विवादित जमीन के मालिकाना हक का केस वापस लेने के लिए भी कहा। साथ ही यह भी कहा कि विवादित जमीन पर नमाज नहीं पढ़ा जा सकता।
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