मिल्लत टाइम्स, पिछले 3 सालों से केंद्र में नई सरकार ने रेलवे में जो भी बदलाव किए वह इशारा करते हैं कि, आम लोगों के हित में कुछ भी नहीं है।
इस सरकार के पहले ही बजट में रेलवे का किराया 15% बढ़ाया गया, उसके बाद धीरे-धीरे रेलवे को निजी हाथों में सौंपा गया और बाकी का काम अब दस हजार से ज्यादा पोस्ट खत्म करके किया जा रहा है।
नोटबंदी के बाद से ऐसे ही तमाम सेक्टर में नौकरियों से गँवाने की वजह से लोग परेशान हैं। ऐसे में रेलवे 10,900 पद खत्म करने जा रहा है। सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला रेलवे अगर इतनी भारी मात्रा में पोस्ट की कटौती करेगा तो बेरोजगारी लगातार बढ़ती जाएगी।
जागरण की एक खबर के मुताबिक, रेल मंत्रालय देशभर में 10,900 पद खत्म करने जा रहा है। जिनमें सेंट्रल रेलवे से 1000, ईस्टर्न रेलवे से 1000 पोस्ट समेत अन्य क्षेत्रों से भी कटौती की जा रही है।
ऐसे में सवाल उठता है कि, पहले से ही लगभग 6000 पद खाली हैं और अब नए पदों पर कटौती क्यों की जा रही है। बेरोजगारी के खात्मे का नारा देकर सत्ता में आने वाली ये सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही है जिससे कि रोजगार घटते जा रहे हैं।
ऐसे में करोड़ों युवाओं की उम्मीदों को तोड़ने वाली इस सरकार को आगामी चुनाव में लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
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