राम रहीम के भकभक्तों की हिंसा पर हाई कोर्ट ने मोदी को फटकारा पुछा क्या हम एक देश है या पार्टी

M Qaisar Siddiqui

M Qaisar Siddiqui

26 August 2017 (Publish: 03:37 PM IST)

चंडीगढ़-शुक्रवार को डेरा चीफ के खिलाफ आए फैसले के बाद डेरा समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। पंचकुला को धुएं की गुबार में तब्दील कर दिया गया। इस पूरे मामले पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पीएम मोदी और खट्टर सरकार को फटकार लगाई है।

तीन जज सूर्यकांत, एचएस सारों और अभिनाष जिंगयान की खंडपीठ ने इस मामले पर स्टेट्स रिपोर्ट मांगी थी जिसकी सुनवाई करते हुए कहा कि खट्टर सरकार ने अपने सियासी फायदे के लिए शहर को जलने दिया।
हाईकोर्ट ने पीएम मोदी को लताड़ते हुए कहा है,देश की अखंडता सबसे उपर हैहाईकोर्ट ने पूछा है क्या हम एक देश है या पार्टी देश है?,कोर्ट ने कहा है कि बाबा राम रहीम के भक्तो की हिंसा पर सख्ती के बजाय केंद्र सरकार ने घुटने टेक दिए। हाईकोर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में धारा 144 लागू होने के बावजूद इतनी तादाद में डेरा समर्थकों को जमा कैसे होने दिया।
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने कहा कि डेरा समर्थकों की भीड़ में कुछ शरारती तत्व घुस गए थे। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि जब आपको पता चल गया कि भीड़ में शरारती तत्व घुस गए हैं तो उनपर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। सरकार एक मामूली सी चेतावनी जारी कर रिक्वेस्ट मोड में क्यों बनी रही।
बता दें कि धारा-144 के उल्लंघन मामले में इनैलो प्रवक्ता रविंद्र ढुल ने 25 अगस्त को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिस पर मंगलवार को फिर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने पंचकुला में हुई हिंसा को लेकर खट्टर सरकार को फटकार लगाई।
हाईकोर्ट के उक्त तीन जजों की बेंच ने पंजाब-हरियाणा के सभी जिलों के डीसी को आदेश दिया है कि जिन लोगों की चल अचल संपत्ति का नुकसान हुआ है उसका आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाए और हाईकोर्ट में पेश की जाए।
पंचकुला उपद्रव के बाद पंचकुला डीसीपी अशोक कुमार को सस्पेंड करने के मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि बड़े अधिकारियों को बचाने कि लिए डीसीपी को बलि का बकरा बनाया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।
इसके अलावा राम रहीम की संपत्ति को अभी जब्त नहीं किया जाएगा। हाईकोर्ट ने कहा कि राम रहीम की संपत्ति को स्टेट्स को रखा जाए (जैसी ही वैसी ही रहेगी) इस मामले में मंगलवार को फैसला किया जाएगा कि उनकी संपत्ति का क्या करना है। आपको बता दें कि शनिवार को हाईकोर्ट में केंद्र की ओर से सतपाल जैन, हरियाणा की ओर एजी बलदेव महाजन और पंजाब की ओर से एजी अतुल नंदा पेश हुए थे।

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