नई दिल्ली(28 अगस्त): 2002 रेप केस में दोषी डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सीबीआई की विशेष अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई है। सजा पर बहस पूरी होने के बाद राम रहीम जज के सामने रहम की भीख मांगने लगा। इस केस की सुनवाई के लिए रोहतक जेल के अंदर कोर्ट रूम बनाया गया था।
पंचकूला से जज जगदीप सिंह हेलीकॉप्टर से रोहतक पहुंचे थे। उन्होंने दोनों पक्षों को बहस के लिए 10-10 मिनट का समय दिया था। अभियोजन पक्ष ने राम रहीम के लिए उम्रकैद की मांग की थी। वहीं, बचाव पक्ष ने कहा कि राम रहीम समाज सेवी हैं। उन्होंने लोगों की भलाई के लिए काम किए हैं। इसका संज्ञान लेते हुए सजा में नरमी बरती जानी चाहिए। सफाई अभियान और रक्त दान जैसे सामाजिक कार्य किए हैं।
उधर सीबीआई ने राम रहीम के लिए अधिकतम सजा यानी की आजीवन कारावास की मांग की थी। जांच एजेंसी की दलील थी कि यह सिर्फ रेप केस नहीं, बल्कि भरोसा तोड़ते हुए लगातार यौन शोषण किए जाने का मामला है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राम रहीम के लिए 10 साल कारावास की सजा का ऐलान किया। जाहिर है कि राम रहीम के वकीलों की कोई भी दलील अदालत में नहीं चल पाई।
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